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दुष्कर्म का लापता आरोपी इंस्पेक्टर नीशू की खोज पुलिस के गले की फांस बनी

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सुलतानपुर/लखनऊ। करीब 120 दिनों से लापता इंस्पेक्टर नीशू तोमर पर लगे रेप के आरोप से जुड़े मामले में सीजेएम रचना ने प्रकरण की तफ्तीश कर रहे सीओ सिटी राघवेंद्र चतुर्वेदी को समस्त अभिलेखों के साथ व्यक्तिगत रूप से 23 जनवरी के लिए तलब किया है I रेप का केस दर्ज कराने वाली सिपाही ने विवेचना में लापरवाही की बात कहते हुए गम्भीर आरोप लगाये है I

महिला सिपाही के जरिये मॉनिटरिंग अर्जी में लगाये गये आरोप के मुताबिक आरोपी नीशू तोमर के इंस्पेक्टर होने एवं उनके साधारण सिपाही होने की वजह से निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है I सुलह के लिए तरह-तरह के दबाव भी बनाने का आरोप लगा है I हाईकोर्ट के आदेश का भी अर्जी में हवाला दिया गया है I बीते 30 सितम्बर को हाईकोर्ट ने महिला सिपाही की याचिका पर सीओ रैंक के अफसर से विवेचना कराने व आठ सप्ताह के भीतर विवेचना पूर्ण कराने का निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिया था ,पर जिम्मेदारो की लापरवाही से अभी तक तफ्तीश नहीं पूरी हो सकी I जबकि आठ सप्ताह के बजाय 16 सप्ताह का समय बीत चुका है I

डीजीपी की निगरानी में सभी पहलुओं पर जांच

जिला न्यायालय में अधिवक्ता संतोष कुमार पाण्डेय महिला सिपाही की तरफ से पैरवी कर रहे हैं I अधिवक्ता संतोष कुमार पाण्डेय के तर्कों पर संज्ञान लेते हुए सीजेएम कोर्ट ने सीओ को तलब किया I कुछ पुलिस अफसरों की साजिश या गलती की वजह से नीशू तोमर के लापता होने को लेकर केस की कार्यवाही उठे बवाल के कारण लटकी मानी जा रही है I सूत्रों की मानें तो डीजीपी की निगरानी में सभी पहलुओं पर जांच चल रही है ,जल्द जिम्मेदारो तक जांच की आंच पहुँच सकती है I बीते 22 सितम्बर को या उसके आस-पास की तारीखों मे तत्कालीन महिला थाना प्रभारी मीरा कुशवाहा व रेप का केस दर्ज कराने वाली सिपाही एवं नीशू तोमर किसके-किसके रहे सम्पर्क में और उसकी वजह क्या थी I इन सभी बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच हुई तो सच्चाई का खुलासा जल्द हो सकता है I

उधर लापता इंस्पेक्टर की पत्नी कुसुम तोमर ने बीते 22 सितम्बर को कोर्ट आये होने के दौरान उनके पति की कार को जबरन उठा ले जाने,उसमे रखे नगदी व अन्य सामान लूट ले जाने सहित अन्य आरोपो से जुड़ी 156(3) अर्जी पर भी सीजेएम कोर्ट में 23 जनवरी को ही बहस की तारीख है I कुसुम की पहली 156(3) अर्जी पर ही सीजेएम कोर्ट के आदेश के बाद बीते दो दिसम्बर को कोतवाली नगर में मीरा कुशवाहा व रेप का केस दर्ज कराने वाली महिला सिपाही समेत अन्य पर साजिश एवं अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ है I

नीशू व उनकी पत्नी की तरफ से अधिवक्ता बृजेश पाण्डेय जिला न्यायालय में पैरवी कर रहे हैं I नीशू के अपहरण व साजिश के केस की भी जांच लटकी है I नीशू को ढूढ़ पाने व उससे जुड़े सभी मुकदमो में कोई हल निकाल पाने में पूरी तरीके से पुलिस फेल दिख रही है I प्रत्येक मामलो में सिर्फ तारीख बढ़ रही है I जिम्मेदार अफसरों की चूक ने मामले को तूल देने में अहम भूमिका निभाई I

वहीं लापता इंस्पेक्टर नीशू तोमर की पत्नी की तरफ से दाखिल हैबियस कार्पस एवं अपहरण व साजिश से जुड़ी दूसरी याचिका पर हाईकोर्ट में बीते नौ जनवरी को एक साथ सुनवाई लगी थी ,फिलहाल केस की अधिकता की वजह से उस दिन हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी थी ,जिस कारण आगे की कार्यवाही पर सुनवाई बाधित रह गई ,जल्द दोनों याचिका पर सुनवाई की उम्मीद है I नीशू की पत्नी ने अपहरण की एफआईआर पर अब तक कोई कार्यवाही न होने एवं निष्पक्ष तफ़्तीश को लेकर सक्षम एजेंसी को जांच ट्रांसफर करने व उचित निर्देश देने समेत अन्य मांगों को लेकर कुछ दिनों दूसरी याचिका पूर्व दाखिल की थी I दूसरी याचिका में कुछ वीडियो क्लिप भी दाखिल की है,वीडियो क्लिप की निष्पक्ष जांच होने पर विभागीय कार्यवाही की जद में कई आ सकते है I

नीशू की पत्नी की तरफ से दाखिल पहली याचिका पर हाईकोर्ट में डीजीपी तक से जवाब-तलब हो चुका है.I नीशू का ठिकाना बताने के लिए पुलिस को हाईकोर्ट से मात्र एक माह का समय मिला था ,पर उससे अधिक समय बीत जाने के बाद भी नीशू को ढूढ़ पाने में अब तक पुलिस नाकाम है I उधर नीशू को फरार बताकर 50 हजार का ईनाम घोषित हो चुका है I नीशू के परिजनों के आरोप के मुताबिक बीते 22 सितम्बर को नीशू तोमर को महिला थाने ले जाया गया था I तभी से नीशू लापता है , कोई विश्वसनीय जानकारी नही मिल पा रही है I नीशू पुलिस कस्टडी के बाहर है इस बात को अभी तक साबित करने में पुलिस नाकाम रही है ,पुलिस अभिरक्षा में आने के बाद नीशू के बाहर जाने के सम्बंध में पुलिस के पास कोई विश्वनीय प्रमाण नहीं है I

पुलिस की भूमिका शुरू से ही सवालो के घेरे में,पर पुलिस अपने को बेकसूर बता रही और नीशू को पूछतांछ के बाद वापस जाने की बात को साबित करने में जुटी हुई है I नीशू को खोज निकालना व उसके ठिकाने के बारे में सटीक जानकारी दे पाना यूपी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी है I तरह-तरह की चर्चाएं रोज होती है, तरह-तरह के कयास लोग लगाते है I

मिली जानकारी के मुताबिक रेप केस के पूर्व विवेचक नगर कोतवाल रामआशीष उपाध्याय की तफ्तीश में बताई गई घटना की तिथियों पर नीशू की मौजूदगी कथित घटना स्थल के बजाय सरकारी अभिलेखों के अनुसार अन्य जगह पर होने के चलते किसी प्रकार का अपराध नीशू के खिलाफ प्रमाणित नहीं हो रहा था I उसी के बाद अचानक नगर कोतवाल से तफ्तीश हटाकर तत्कालीन महिला थाना प्रभारी मीरा कुशवाहा के सुपुर्द विवेचना कर दी गई थी I

विवेचना मीरा कुशवाहा के सुपुर्द होने के बाद ही कोर्ट में सरेंडर अर्जी पेश कराने आये नीशू तोमर के साथ बीते 22 सितम्बर को घटी थी उस समय नीशू के साथ घटी न होती यह घटना तो शायद अब तक वांछित अभियुक्त होने की रिपोर्ट आने के बाद नीशू सरेंडर करके जेल में होता या सरेंडर न करता तो तमाम तरीकों को अपनाकर पुलिस उसकी गिरफ्तारी कर सकती थी ,पर मीरा कुशवाहा की जल्दबाजी ने बिगाड़ा पूरा खेल,पूरे महकमे के लिए बवाल खड़ा कर दिया I किसके इशारे पर मीरा ने यह गलती की थी I अभी यह गुत्थी उलझी है I कोतवाल की जांच के बाद मीरा कुशवाहा की जांच में नीशू के वांछित बताये जाने से दोनों की तफ्तीश पर भी सवाल उठा I किसकी जांच सही या किसकी गलत सब सामने आएगा I

प्रदेश के डीजीपी के हस्तक्षेप के भी नहीं खोज सकी नीशू को पुलिस

डीजीपी के हस्तक्षेप के बाद भी नीशू को ढूढ़ने में पुलिस के सारे नेटवर्क फेल दिख रहे हैं I नीशू जान-बूझकर कहीं छिपा है या कहीं बना है बंधक या किसी मकशद को हल करने के लिए किसी के जरिये नीशू के साथ किसी अप्रिय वारदात को अंजाम दिया जा चुका है I ऐसी ही कई बातों को लेकर संशय बरकरार है I सूत्रों के मुताबिक नीशू के पास मौजूद पेन ड्राइव में कैद कई प्रभावशाली लोगों से जुड़ी अश्लील वीडियो को नीशू के लापता होने की भी मुख्य वजह मानी जा रही है अपनी करनी का भंडाफोड़ होने की डर की वजह से वीडियो से जुड़े लोग पेन ड्राइव हासिल कर सबूत मिटाने के प्रयास में थे I इस वजह से भी नीशू को निशाना बनाया जा सकता है I यह मामला हाईकोर्ट व प्रदेश स्तर तक पहुँच चुका है I सूबे के मुख्यमंत्री व डीजीपी वीडियो पर संज्ञान ले सकते है I निष्पक्ष जांच हुई तो कइयों पर गाज गिर सकती है I

जिम्मेदारों पर गिर सकती है गाज

मामले में लगातार आ रहा मोड़ पर मोड़,हाईकोर्ट से पक्षकारों को समय से नहीं मिली आपेक्षित राहत तो सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुँचने की सम्भावना जताई जा रही है I पुलिस विभाग के लिए सिरदर्द बना है नीशू तोमर को ढूढ़ पाना आसान नहीं है Iपरिणाम संतोषजनक जल्द नहीं आया तो जिम्मेदारो पर गाज गिर सकती है I मामले में अभी बहुत कुछ शेष सामने आना बाकी है I

रिपोर्ट-अंकुश यादव

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