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पंचायत सचिव ने जमा की रिकवरी धनराशि, विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की हुई पुष्टि

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अमेठी। भ्रष्टाचार की शिकायत लाख कोई कर लें, लेकिन भ्रष्ट तंत्र है तो भ्रष्टाचार को खत्म नहीं करने दे रहा है। लेकिन कोई ठान लें तो भ्रष्टाचारियों को सबक मिल ही जाता है। हम बात कर रहे हैं एक ऐसे युवा पत्रकार की जो भ्रष्टाचारियों से लड़ते हुए कभी पीछे नहीं देखा और सदा अपनी मंजिल की ओर बढ़ता रहा है।

उत्तर प्रदेश के सबसे वीवीआईपी जिला अमेठी में भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी मजबूत हैं की तह तक पहुंचने आपको अनेकों उत्पीड़न का शिकार होना पड़ेगा। जो इस उत्पीड़न के शिकार से भी लड़ कर आगे बढ़ा उसे ही अमेठी जिले में न्याय मिलता है। बाज़ार शुक्ल ब्लॉक के इक्काताजपुर ग्राम पंचायत निवासी सुरजीत यादव के गांव के विकास के लिए आये धन का इतना बंदरबांट हुआ कि भ्रष्टाचार के खेल से ऊबकर पूर्व में कई शिकायती पत्र जिले के उच्चाधिकारियों को देकर कागजों में किए गए विकास का भौतिक सत्यापन कराए जाने की मांग की।

सुुुुरजीत यादव (शिकायतकर्ता)

मामले में कुछ न होता देखा ग्रामीण सुरजीत यादव ने शुकुल बाजार में संविधानिर्माता बाबा साहब के शरण में अनशन तक किए। फिर भी सुरजीत यादव को न्याय नहीं मिला।

पिछले पंचायत चुनाव में सामान्य सीट पर सुरजीत यादव ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी पत्नी को इक्काताजपुर ग्राम से प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ाया नतीजा यह रहा कि सुरजीत यादव अपोजिट प्रत्याशी से 400 से अधिक वोट पाकर चुनाव जीत ग‌ई।

चुनाव जीतने के बाद ब्लाक से लेकर जिले स्तर के अधिकारियों द्वारा सुरजीत यादव का उत्पीड़न शुरू किया गया। उत्पीड़न से परेशान सुरजीत यादव ने पूर्व प्रधान व तथाकथित प्रधान प्रतिनिधि व सचिव के खिलाफ 20 बिंदुओं की शपथपत्र के जिला मजिस्ट्रेट से शिकायत शिकायत किया। 20 बिंदुओं की शिकायत में से मात्र 6 बिंदुओं की जांच की गई।

पूर्व प्रधान के खिलाफ हुई जांच में हैंडपंप रिबोर व खड़ंजा निर्माण के नाम पर एक लाख 59 हजार 532 रुपये का गबन पाया गया। इसके बाद दोनों को नोटिस जारी कर गबन की गई राशि जमा करने को कहा गया।

उधर सुरजीत यादव का कहना कि सभी बिंदुओं की जांच हुई तो दस लाख से अधिक धनराशि गबन का मामला प्रकाश में आयेगा। पत्रकार व समाजसेवी सुरजीत यादव ने पूरे मामले की शिकायत अमेठी डीएम, जिला पंचायतराज अधिकारी से लेकर शासन तक की थी। सुरजीत ने कुल 20 मामलों को लेकर शिकायत की थी।

जांच के दौरान 6 मामलों में बड़े पैमाने पर अनियमितता मिली। जिसमें तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी पवन लाल और पूर्व ग्राम प्रधान मंजू देवी ने मिलकर 1 लाख 59532 से अधिक के गबन का खुलासा हुआ। प्रशासन की जांच में खुलासा होने के बाद जिला पंचायतराज अधिकारी के आदेश पर एडीओ पंचायत की तहरीर पर बाजार शुकुल थाने में पिछले पंचवर्षीय के ग्राम प्रधान मंजू देवी और तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी पवन लाल पर धारा 419 और 420 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

पूरे मामले में शिकायतकर्ता सुरजीत यादव ने कहा कि उसके गांव में पिछले ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी द्वारा बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया था। इस मामले में 20 बिंदुओं पर शिकायत की गई थी। प्रसाशन द्वारा सिर्फ 6 बिंदुओं पर जांच की गई। जिसमें लाखों का घोटाला सामने आया है। बाकी बिंदुओं पर भी सुरजीत यादव ने पुनः शिकायत कर दिया है जिसकी जांच जिला प्रबंधक उद्योग केन्द्र अमेठी को मिली है। अगर बाकी बिंदुओं पर भी जांच होगी तो बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार उजागर होगा।

पवन कुमार ( सचिव)

उधर जिला मजिस्ट्रेट अमेठी व जिला पंचायतराज अधिकारी द्वारा जारी रिकवरी नोटिस के क्रम में तत्कालीन सचिव पवन कुमार लाल अपने हिस्से की रिकबरी धनराशि ग्राम पंचायत इक्काताजपुर के खाते में जमा कर दिया । पूर्व प्रधान को रिकवरी धनराशि न जमा करना पड़े इसलिए मा हाईकोर्ट में एक रिट डाली थी जिस पर पूर्व प्रधान मंजू को कोई राहत नहीं मिला। पूर्व प्रधान को जिला पंचायतराज अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी मुताबिक वसूली हेतु पुनः अनुस्मारक भेजा गया। तत्कालीन सचिव द्वारा रिकवरी धनराशि जमा करने से मामला साफ है कि उनके द्वारा शासकीय धन में हेराफेरी करते हुए ग्राम पंचायत इक्काताजपुर के धन को क्षति पहुंचाई गई।

अब इस पूरे मामले पर सुरजीत यादव कहते हैं कि यदि हिम्मत न हारा जाय तो सत्य की जीत संभव है बशर्ते यह लड़ाई दिल से लड़ा जाय।

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