Mistake : तलब हुआ अफसर पर लखनऊ जेल से भेज दिया सजायाफ्ता,कोर्ट ने मांगा जवाब !
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REPORTER BY ANKUSH YADAV
SULTANPUR NEWS।
स्पेशल गैंगस्टर एक्ट राकेश पांडेय की अदालत में शनिवार को अजीबो-गरीब मामला सामने आया, जिसमें जेल प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई। इस चूक की वजह से साक्षी जेल अधीक्षक के बजाय गैंगस्टर आरोपी व हत्या के केस में सजा काट रहे जितेंद्र सिंह मुन्ना की तलबी हो गई। जेल प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर दिनभर चर्चाएं होती रही,इस गलती से तलबी भी निरर्थक साबित हुई।
कोतवाली नगर के रामनगर कोट-इमिलिया निवासी जितेंद्र सिंह मुन्ना,उनके भाई महेंद्र सिंह,अतेंद्र सिंह,पिता सत्य नारायन सिंह, सहआरोपी महेश यादव व मुन्नीलाल के खिलाफ कोतवाली नगर के तत्कालीन इंस्पेक्टर ने 30 जून 2009 को गैंगस्टर का केस दर्ज कराया था। इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई,जिसका ट्रायल गैंगस्टर कोर्ट में चल रहा है।
मामले के आरोपी सत्य नारायन सिंह व मुन्नीलाल की मृत्यु हो चुकी है। जेल में निरुद्ध रहने के दौरान बन्दी सत्यनाराय सिंह की मौत की पुष्टि के लिए अदालत ने जेल अधीक्षक को सम्मन जारी किया था, हालांकि जेल प्रशासन की लापरवाही से गलत तरीके से तलबी की सूचना बनाकर जितेंद्र सिंह मुन्ना को तलब करने के लिए पहले बाराबंकी जेल को सूचना भेज दी गई, जहां से मौजूदा जेल लखनऊ को सूचना चली गई और शनिवार को जितेंद्र सिंह मुन्ना को तलब कर गैंगस्टर कोर्ट में पेश भी करा दिया गया,जबकि उसे तलब करने के लिए कार्रवाई जारी ही नहीं हुई थी।
जेल प्रशासन की इस लापरवाही से जितेंद्र सिंह मुन्ना का तलब होना निरर्थक साबित हुआ और मृत्यु की पुष्टी के लिए जेल से साक्षी न आने से केस की कार्रवाई रुकी रही। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए चार अगस्त की तिथि नियत की है।


