Group Singing : कृष्णचन्द्र गान्धी विद्या मन्दिर में गूंजा वंदे मातरम्, ‘नमामि भारतम्’ के तहत भव्य आयोजन
1 min read


रिपोर्ट – लोक दस्तक संवाददाता
मथुरा, उप्र।
विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के राष्ट्रव्यापी ‘नमामि भारतम्’ अभियान के अंतर्गत शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को कृष्णचन्द्र गान्धी सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज, माधवकुञ्ज, मथुरा के विद्यालय प्रांगण में ‘वंदे मातरम्’ सामूहिक गायन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। राष्ट्रगीत की सामूहिक स्वर-लहरियों से पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना के भाव से गूंज उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं श्रद्धेय कृष्णचन्द्र गांधी जी के समक्ष मुख्य अतिथि डॉ. मुनेश लाहौरी, कुलपति, के.डी. विश्वविद्यालय, प्रदेश निरीक्षक विद्या भारती ब्रज प्रदेश यशवीर सिंह, शिक्षण-प्रशिक्षण प्रमुख डॉ. अजय शर्मा, कोषाध्यक्ष विद्या भारती ब्रज प्रदेश डॉ. राकेश सारस्वत, क्षेत्रीय संयोजक शारीरिक शिक्षा होडिल सिंह, विद्यालय अध्यक्ष डॉ. गुलशन कुमार, सदस्य प्रोफेसर डाॅ सुनील कुमार राय एवं प्रधानाचार्य विनय कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ किया गया।
इसके पश्चात विद्यालय के उपप्रधानाचार्य राजीव पाठक ने उपस्थित अतिथियों का परिचय कराते हुए उनका स्वागत कराया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. अजय शर्मा ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत की राष्ट्रीय चेतना, मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और राष्ट्रसमर्पण की सशक्त अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में ‘वंदे मातरम्’ ने भारतीयों में राष्ट्रीय चेतना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज भी इसका सामूहिक गायन विद्यार्थियों में एकता, अनुशासन, आत्मगौरव और राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करने का माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति, परंपरा और गौरवशाली इतिहास को समझकर राष्ट्रहित में अपने जीवन को सार्थक बनाने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि डॉ. मुनेश लाहौरी ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी भारत के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। शिक्षा के साथ संस्कार, सेवा, अनुशासन और राष्ट्रभाव को जीवन का अभिन्न अंग बनाकर विद्यार्थी देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इसके उपरांत विद्यालय के छात्र-छात्राओं, आचार्यों एवं अतिथियों ने एक स्वर में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। राष्ट्रगीत की स्वर-लहरियों से विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से ओत-प्रोत हो उठा। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, अनुशासन और गरिमापूर्ण भाव के साथ सामूहिक गायन में सहभागिता की।
इस अवसर पर क्षेत्रीय संयोजक शारीरिक शिक्षा होडिल सिंह ने अपने विशेष गायन के माध्यम से उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक भारत की सांस्कृतिक एकात्मता एवं राष्ट्रभाव को स्वर दिया। उनके गायन ने कार्यक्रम के वातावरण को भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी बना दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. राकेश सारस्वत ने अपने आशीर्वचन में कहा कि भारतीय संस्कृति में मातृभूमि को माँ के समान सम्मान प्रदान किया गया है। ‘वंदे मातरम्’ इसी मातृभूमि-भक्ति और राष्ट्रीय चेतना की सशक्त अभिव्यक्ति है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने आचरण, अध्ययन, संस्कार और सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री विनय कुमार सिंह ने सभी अतिथियों, आचार्यों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के भीतर राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, एकता और भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव की भावना को सुदृढ़ करते हैं।

इस अवसर पर राजेन्द्र कुमार, राजीव पाठक, विनय कुमार, केशव सिंह, उमेश शर्मा, लोकेश अग्रवाल, नरेंद्र कुमार, निधीश अग्रवाल, सुरेश कुमार, विजय पाल, रघुराज सिंह, जगवीर सिंह, मुनेन्द्र यादव, हितेश कुमार, नवीन सक्सैना, दयावती, प्रीति दुबे, मुनेश अग्रवाल, रविन्द्र प्रताप सिंह, हेमंत शर्मा, विश्वेन्द्र गौतम, मुकेश, सहित समस्त आचार्यगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, भारतीय संस्कृति एवं मातृभूमि के प्रति श्रद्धा की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया तथा विद्यालय परिसर में ‘वंदे मातरम्’ के स्वर लंबे समय तक गूंजते रहे।

