श्रद्धांजलि (TRIBUTE ) _ हैलो… तेजभान सिंह बोल रहा हूं… बुलंद आवाज हुई खामोश।
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रिपोर्ट – नीरज सिंह
अमेठी की राजनीति के ‘दादा’, पूर्व विधायक तेजभान सिंह का निधन
अमेठी/लखनऊ।
गरीब, बेसहारा, मजलूम जनता की उम्मीद की किरण बन लोगों की मदद के लिए अधिकारियों को फटकारने वाली बुलंद आवाज आज शांत हो गई। जिनका नाम सुनते ही काम हो जाता था। जिले गौरीगंज विधानसभा से चार बार विधायक रहे दादा तेजभान का 83 साल की उम्र में निधन हो गया। दादा तेजभान ने शनिवार को लखनऊ के मैक्स अस्पताल में ह्रदय गति रुक जाने से निधन हो गया। उस समय उनके भतीजे राजेश सिंह व परिवार के अन्य लोग मौजूद थे।
निधन की सूचना मिलने से क्षेत्र की जनता में शोक की लहर फ़ैल गई। उनका अचानक जाना लोगों को स्तब्ध कर दिया। लोग यही चर्चा कर रहे हैं कि अभी तो पिछले दिन मिले थे। हो क्यों न क्यों अंत तक क्षेत्र से जुड़े रहे।
दादा तेजभान युवावस्था में ही वह राष्ट्रीय स्वयं संघ सेवक से जुड़े और बाद में जनसंघ तथा भाजपा से राजनीति में सक्रिय रहे। वह गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रहे। जीवन के अंतिम समय तक लोगों के बीच रह कर उनके सुख-दुख में शामिल रहे। उनके निधन से अमेठी में शोक की लहर दौड़ गई।
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने दुख जताया है ।
दादा तेजभान सिंह जामो विकासखंड के अचलपुर गांव के रहने वाले थे।बहुत कम उम्र में ही वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस से जुड़ गए थे, और अविवाहित रहकर तेजभान सिंह ने पूरा जीवन जनता की सेवा में अर्पित कर दिया।
शुरुआत में वह आरएसएस के प्रचारक के रूप में काम किया। आपातकाल के दौरान वह 8 महीने जेल की सजा काटी। पहली बार 1977 में जनता पार्टी के टिकट से गौरीगंज से विधानसभा चुनाव लड़े और जीत दर्ज की।
इसके बाद 1991, 1993 और 1996 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर लगातार तीन बार विधायक चुने गए। चार बार के विधायक दादा तेजभान ने अमेठी में संगठन को मजबूत करने का काम किया।
उनकी गिनती पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और केंद्रीय मंत्री राजनाथ, कलराज मिश्र के करीबी नेताओं में होती थी। इतना ही नहीं उनकी गिनती गौरीगंज के सबसे तेज तर्रार विधायकों में होती थी। क्षेत्र की जनता का विकास और सेवा के लिए उन्होंने शादी नहीं की, वह आजीवन अविवाहित रहे।
गौरीगंज का विकास पुरुष
दादा तेजभान सिंह द्वारा अपने विधायक कार्य काल में अति पिछड़े विधानसभा में सड़कों का जाल बिछा दिया था, और जगह जगह सड़कों को ऐसे जोड़ा गया कि चौराहों का निर्माण हो सके। दादा तेजभान सिंह का मानना था कि अगर गावों को सड़कों व बिजली से जोड़ दिया जाय तो गांव का आधा विकास हो जायेगा। 1996 के कार्य काल के अंत में जो रिपोर्ट कार्ड जारी किया था उसमें पूरे क्षेत्र में 10122 किमी कि सड़कों का विभिन्न निधियों से निर्माण कराया था। इसलिए उन्हें जनता ने विकास पुरुष का नाम दिया।
जनता के लिए थे ‘दादा’
जनता अपने प्रिय नेता को दादा नाम से पुकारती थी। इसी नाम से उन्हें बच्चे हों या बूढ़े सभी उन्हें दादा नाम से बुलाती थी। उनके मिलनसार स्वभाव और पारिवारिक संबंधों के कारण क्षेत्र की जनता उन्हें दादा कहकर पुकारती थी।
स्मृति इरानी ने जताया शोक
दादा तेजभान के निधन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत तमाम नेताओं ने गहरा दुख प्रकट किया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने उनके परिजनों से फोन पर बात की। वहीं सिने जगत में देश के जानेमाने गीतकार, लेखक मनोज मुन्तशिर ने भी दुःख प्रकट किया है ।
राहुल गाँधी ने व्यक्त की शोक संवेदना
प्रतिपक्ष के नेता व सांसद राहुल गाँधी ने X पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि गौरीगंज विधानसभा के पूर्व विधायक और अमेठी के वरिष्ठ भाजपा नेता दादा तेजभान सिंह जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। उनके सभी शोकाकुल परिजनों, समर्थकों एवं सभी शुभचिंतकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करता हूं। अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा ने भी शोक संवेदना व्यक्त किया है।
कल्याण सिंह के खास… फिर भी पार्टी सर्वोपरि 
पार्टी के पुराने नेताओं में अटल बिहारी बाजपेई, मुरली मनोहर जोशी,राजनाथ सिंह, कलराज मिश्र, कल्याण सिंह से उनके अच्छे संबंध रहे। वह दल बदल की राजनीति से दूर रहे। कल्याण सिंह ने जब भाजपा छोड़ा तब लोगों को लगा भाजपा छोड़ देंगे लेकिन ये कयास सही साबित नहीं हुआ, और जीवन भर भाजपा में बने रहे। 2017 में विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने के बाद भी पार्टी के खिलाफ बगावत नहीं की।
श्रद्धांजलि देने वालों हजारों समर्थकों का लगा ताँता
दादा तेजभान सिंह का पार्थिव शरीर उनके विद्यालय गिरजा बक्श सिंह बालिका इंटर कालेज अचलपुर के प्रांगण में रखा गया है। उनको श्रद्धांजलि देने वालों में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजय सिंह, राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह,एमएलसी गोविन्द नरायन शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि, विधायक राकेश प्रताप सिंह, पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश मटियारी, एमएलसी दीपक सिंह, पूर्वांचल बोर्ड सदस्य विजय विक्रम सिंह, पूर्व विधायक राधेश्याम धोबी, मो. नईम सहित अपने जनप्रिय नेता को श्रद्धांजलि देने वालों हजारों समर्थकों का ताँता लगा हुआ है।

