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रामचरित मानस तो बहाना है, कहीं और निशाना है !

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बिहार से राम चरित मानस पर शुरू बवाल थमने का नाम नही ले रहा है।नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्र शेखर के बयान पर सियासी घमासान चल ही रहा था कि यूपी में भी राम चरित मानस पर गत 26 जनवरी को सपा के राष्ट्रीय महासचिव व एमएलसी पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा की गई टिप्पणी के बाद मचा घमासान थमने का नाम नही ले रहा है।

एक तरफ जहां सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेता व साधु संतों के लगातार जारी बयानों के बीच समाजवादी पार्टी के भीतर अंदुरूनी सियासत बढ़ती दिख रही है।वही सियासी घमासानो के बीच पार्टी की घोषित राष्ट्रीय कार्यकारिणी में स्वामी प्रसाद मौर्य को राष्ट्रीय महासचिव बनाए जाने के बाद माना जा रहा है कि सपा अब अपने पुराने राजनीतिक पैटर्न पर वापस लौट रही है।

घोषित राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जातीय समीकरण को दृष्टिगत रखते हुए नवगठित राष्ट्रीय कार्यकारिणी में संशोधन करते हुए ओम प्रकाश सिंह विनय शंकर तिवारी अरविंद सिंह गोप को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया।

निष्कासित सपा नेत्री रोली तिवारी मिश्रा- ऋचा सिंह

राम चरित मानस पर मचे सियासी घमासान के मध्य समाजवादी पार्टी के अमेठी जिले की गौरीगंज विधान सभा क्षेत्र से लगातार तीसरी बार निर्वाचित विधायक राकेश प्रताप सिंह ने गौरीगंज कस्बे के रणंजय इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित राम कथा में खुद को नहीं रोक सके।

मंच से व्यासपीठ को संबोधित करते हुए सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह कहा कि मानस पर विवादित टिप्पणियों से आपका मन व्यथित व दुखी हैं।किंतु मैं इतना जरूर कहना चाहता हूं कि गौरीगंज की धरती धार्मिक धरती है जहां 06 किमी के दायरे में 03 स्थानों पर भागवत कथा हो रही है और हर जगह बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहते हैं इससे प्रमाणित होता है कि गौरीगंज में धर्म भी है और धार्मिक भावनाएं भी है।जब स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर मेरा मन नहीं माना और मैंने सबसे पहले मीडिया के माध्यम से अपनी आपत्ति जताई।

सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह यही नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि राजनीति रहे या न रहे विधायक रहूं या न रहूं आगे टिकट रहे या न रहे किंतु धर्म को बचाने के लिए आपका बेटा आपका भाई खड़ा रहेगा ।जो इस तरह की बात कर रहे हैं वे न तो सनातनी हो सकते हैं और न ही समाजवादी हो सकते हैं।उन्होंने कहा कि यह मेरा दुर्भाग्य है कि मानस पर टिप्पणी करने वाला मेरे ही दल का नेता है।

सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह के इस तरह के बयान के सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद और गर्म हो गया। समाजवादी पार्टी के अंदर पहले से ही पार्टी की प्रवक्ता रही रोली तिवारी मिश्रा इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष ऋचा सिंह सहित अन्य नेता भी मुखर विरोध कर चुके हैं।

इसके साथ ही अब गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह लगातार मीडिया से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर काफी सक्रिय तौर पर मोर्चा खोले हुए हैं।इससे साफ प्रतीत होता है कि अब वे मानस विवाद मामले में किसी भी कीमत पर झुकने के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलकर अपनी बात रखेंगे I

मामले में काफी मुखर तौर पर अपनी ही पार्टी पर निशाना साध रही रोली तिवारी मिश्रा व ऋचा सिंह को गुरुवार की शाम पार्टी से निष्कासित कर साफ संदेश दिया है।पार्टी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से दोनो महिला नेताओं के निष्कासन की घोषणा कर दी है। वहीं इस बवाल को लेकर सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं I स्वामी प्रसाद मौर्य की टिप्पणी सियासत में उथलपुथल मचा दिया है I

महंत राजू दास व स्वामी के समर्थकों के बीच अभद्रता की घटना निंदनीय थी I लेकिन जिस प्रकार समाजवादी पार्टी में रामचरित मानस को लेकर घमासान मची हुई है, सियासी नफा नुकसान की गणित अवश्य राजनीतिक सलाहकार लगा रहें होंगे I सिर्फ इतना ही कहना है कि ..

होइहि सोइ जो राम रचि राखा। को करि तर्क बढ़ावै साखा

विजय यादव-सह संपादक 

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