BREAKING NEWS : कोटवा गांव में फूड प्वाइजनिंग प्रकरण में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई
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लोक दस्तक संवाददाता
तेल के दो नमूने संग्रहित, बिना खाद्य लाइसेंस संचालित प्रतिष्ठान की जांच, खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध न्यायालय में वाद दायर करने की तैयारी
अमेठी, उप्र।
जनपद के तिलोई तहसील क्षेत्र के कोटवा गांव में खस्ता और चाट खाने से बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने के मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच तेज कर दी है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी किशुन चौहान ने प्रकरण की जांच के दौरान संबंधित दुकानदारों एवं खाद्य तेल के आपूर्तिकर्ता के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
इस दौरान रिफाइंड सोयाबीन तेल के दो नमूने संग्रहित किए गए, जिन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जाएगा। खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, जांच के दौरान मौके पर जानकारी मिली कि घटना वाले दिन मोहित गुप्ता पुत्र राजकुमार, निवासी मटेरवा, पोस्ट बारकोट, थाना मोहनगंज, जनपद अमेठी द्वारा कोटवा गांव में खस्ता और चाट का ठेला लगाया गया था।
उक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने के बाद बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की शिकायत सामने आई थी। प्रकरण की जांच के क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मटेरवा गांव पहुंचकर राजकुमार पुत्र श्रीराम के प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान पर खस्ता उपलब्ध नहीं मिला, जबकि खस्ता तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला रिफाइंड सोयाबीन तेल पाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने तेल का नमूना संग्रहित कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की।
जांच के दौरान प्रतिष्ठान पर खाद्य लाइसेंस भी नहीं पाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि खराब चाट एवं खस्ता खिलाने के प्रकरण में राजकुमार और मोहित गुप्ता के विरुद्ध न्यायालय में वाद दायर किया जा रहा है। जांच के दौरान संबंधित प्रतिष्ठान की ओर से रिफाइंड सोयाबीन तेल शिवकुमार साहू पुत्र लालता प्रसाद, निवासी मटेरवा, पोस्ट बारकोट, थाना मोहनगंज, जनपद अमेठी से खरीदने की जानकारी दी गई।
इसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने शिवकुमार साहू के प्रतिष्ठान का भी निरीक्षण किया और वहां से रिफाइंड सोयाबीन तेल का नमूना संग्रहित किया। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, दोनों प्रतिष्ठानों से संग्रहित नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसके निष्कर्षों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।



