Superstition : झाड़ -फूंक के चक्कर में गई जान: सर्पदंश के बाद अस्पताल पहुंची छात्रा को डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
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रिपोर्ट -लोकदस्तक संवाददाता
अमेठी के भेंटुआ में अंधविश्वास बना जानलेवा, 22 वर्षीय छात्रा की मौत
अमेठी।
जनपद में अंधविश्वास एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। विकासखंड भेंटुआ के घटकौर गांव में सर्पदंश का शिकार हुई 22 वर्षीय छात्रा विजय लक्ष्मी उर्फ विद्या की उपचार में देरी के कारण मौत हो गई। परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय पहले झाड़-फूंक कराते रहे।
घटना शनिवार रात की है। परिजनों के अनुसार, विजय लक्ष्मी घर में पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान जमीन पर पैर रखते ही उसे सांप ने डस लिया। घबराए परिजन उसे तुरंत अस्पताल न ले जाकर झाड़-फूंक के लिए रात में लोहरामऊ ले गए। वहां काफी देर तक झाड़-फूंक की गई, लेकिन हालत बिगड़ती गई।
आन-फानन में परिजन उसे जिला अस्पताल सुल्तानपुर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।विजय लक्ष्मी अपने दो भाइयों की इकलौती बहन थी। उसकी असमय मौत से घर में कोहराम मच गया। पूरे गांव में शोक का माहौल है। शनिवार से ही मृतका के घर पर ग्रामीणों की भीड़ लगी है।
डॉक्टरों की अपील
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सर्पदंश के तुरंत बाद मरीज को नजदीकी अस्पताल या सीएचसी पहुंचाना चाहिए। समय पर एंटी-स्नेक वेनम और इलाज से जान बचाई जा सकती है। झाड़-फूंक में समय गंवाना जान के लिए घातक हो सकता है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सर्प दंश में क्या करें, क्या न करें
1. तुरंत अस्पताल जाएं: काटे हुए स्थान को साबुन-पानी से धोकर साफ पट्टी बांधें और तुरंत नजदीकी अस्पताल/सीएचसी पहुंचें।
2. समय न गंवाएं: झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र में बिल्कुल समय बर्बाद न करें।
3. न घाव करें, न जहर चूसें: घाव को चीरें नहीं और न ही मुंह से जहर निकालने की कोशिश करें।
4. मरीज को शांत रखें : ज्यादा हिलने-डुलने से जहर तेजी से फैलता है।

