Protest March : ईरान के खिलाफ अमेरिकी–इज़राइली आक्रमण के विरोध में वामपंथी दलों का मार्च
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रिपोर्ट – अनिल कुमार सिंह
लखनऊ, उप्र।
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़राइल द्वारा चलाए जा रहे आक्रामक और अवैध युद्ध के विरोध में आज लखनऊ में वामपंथी दलों – भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी–लेनिनवादी) लिबरेशन, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक – ने संयुक्त रूप से एक विरोध मार्च आयोजित किया। यह मार्च परिवर्तन चौक से शुरू होकर जिलाधिकारी कार्यालय तक गया, जहां राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया।
वक्ताओं ने कहा कि अमेरिकी–इज़राइली हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और राष्ट्रीय संप्रभुता का खुला उल्लंघन हैं। उन्होंने कहा कि साम्राज्यवादी शक्तियां लंबे समय से तेल और प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए विभिन्न देशों की संप्रभुता का उल्लंघन करती रही हैं। वक्ताओं ने कहा कि वेनेजुएला और ईरान की हालिया घटनाएं इसी साम्राज्यवादी नीति का हिस्सा हैं। इसमें वेनेजुएला के राष्ट्रपति का अवैध अपहरण और ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या जैसी घटनाएं शामिल हैं, जो अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं।
वामपंथी दलों ने इस मुद्दे पर भारत सरकार के मौन समर्थन की भी कड़ी आलोचना की और कहा कि भारत को स्वतंत्र और सिद्धांत आधारित विदेश नीति अपनाते हुए अमेरिकी–इज़राइली आक्रमण का स्पष्ट विरोध करना चाहिए।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी–लेनिनवादी) लिबरेशन के जिला प्रभारी कॉमरेड रमेश सिंह सेंगर ने कहा…..
“अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाया जा रहा युद्ध साम्राज्यवादी आक्रमण का एक और उदाहरण है। तेल और प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण के लिए संप्रभु देशों को निशाना बनाया जा रहा है। भारत के लोकतांत्रिक और शांति प्रिय नागरिकों को इस साम्राज्यवादी आक्रमण के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।”
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जिला सचिव कॉमरेड मधु गर्ग ने कहा…….
“ईरान पर हमला केवल एक देश के खिलाफ युद्ध नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और वैश्विक शांति के लिए गंभीर खतरा है। अमेरिका और इज़राइल की इस आक्रामक कार्रवाई का विश्वभर में विरोध होना चाहिए।”
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी के जिला कमेटी सदस्य कॉमरेड रिजवान ने कहा.…..
“इराक, लीबिया, वेनेजुएला और अब ईरान – साम्राज्यवादी शक्तियों की नीति स्पष्ट है। वे सैन्य ताकत के जरिए दुनिया के देशों पर नियंत्रण स्थापित करना चाहती हैं। दुनिया के लोकतांत्रिक और प्रगतिशील लोगों को इसके खिलाफ एकजुट होना होगा।”
ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के नेता उदय नाथ सिंह ने कहा…
“वामपंथी दल हमेशा से साम्राज्यवाद और युद्ध की राजनीति के खिलाफ खड़े रहे हैं। हम भारत सरकार से मांग करते हैं कि वह अमेरिकी–इज़राइली आक्रमण का स्पष्ट विरोध करे और विश्व शांति के पक्ष में मजबूत भूमिका निभाए।”
विरोध मार्च में बड़ी संख्या में वामपंथी दलों के कार्यकर्ता और नागरिक शामिल हुए और साम्राज्यवाद विरोधी तथा शांति के समर्थन में नारे लगाए।

