Literature : वर्तमान पीढ़ी को बेहतर करने की प्रेरणा देता है इतिहास — डॉ. अंगद सिंह निशीथ
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रिपोर्ट – लोक संवाददाता
अमेठी/नई दिल्ली।
किसी भी देश-समाज का इतिहास, उसका आईना होता है, जिससे वर्तमान पीढ़ी को कुछ अच्छा करने की प्रेरणा मिलती है।
यह बात अमेठी के सांसद किशोरी लाल शर्मा ने ‘उत्तर प्रदेश का स्वतंत्रता संग्राम-अमेठी’ पुस्तक का लोकार्पण करते हुए कही। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में आहुति देने वाले सभी सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित किया।
उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ एवं वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित पुस्तक का लोकार्पण कार्यक्रम भारत मण्डप्म, प्रगति मैदान नई दिल्ली में वाणी प्रकाशन द्वारा आयोजित एक भव्य समारोह में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर अमेठी के सांसद श्री किशोरी लाल शर्मा ने अमेठी संसदीय क्षेत्र से जुड़े अपने विभिन्न अनुभवों भी साझा किया। आज़ादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में लिखित इस पुस्तक के लेखक एवं प्रख्यात साहित्यकार डॉ.राकेश पांडेय ने पुस्तक लेखन संबंधी तथ्यों के संकलन हेतु विभिन्न पुस्तकालयों की पुस्तकों, संग्रहालय एवं गजेटियर आदि से प्राप्त सामग्री पर विस्तृत प्रकाश डाला।
लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में अवकाश प्राप्त प्रोफेसर अंगद सिंह ने पुस्तक की गुणवत्ता की तारीफ़ करते हुए कहा कि इतिहास लेखन तथ्यों पर आधारित होता है और इतिहास लेखन हेतु तथ्य संकलन एक कठिन कार्य है। उन्होने पुस्तक में वर्णित विभिन्न पक्षों की चर्चा करते हुए आज़ादी के संग्राम और इसमें सर्वस्व न्योछावर करने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दोहराया कि शहीदों की ‘चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाक़ी निशाँ होगा’..।
डॉ. सिंह ने अमेठी जनपद के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए, अमेरिकन क्रांति, फ़्रांसीसी क्रांति, रूसी क्रांति और चीन की क्राँतियों का भी ज़िक्र किया, जहाँ से हमें उपनिवेशवाद एवं गुलामी से मुक्ति संदेश के साथ ही स्वतन्त्रता, समानता और बंधुत्व का व्यापक संदेश प्राप्त हुआ।
उक्त महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सूत्रधार एवं संचालक प्रख्यात साहित्यकार डॉ. ओम निश्चल ने वर्तमान समाज में डॉ. राकेश पाण्डेय द्वारा लिखित पुस्तक की उपादेयता की विशेष ढंग से चर्चा की और साथ ही अवधी के विख्यात कवि जमुई खाँ आजाद द्वारा शहीदों के सम्मान में रचित महत्वपूर्ण रचना ‘फूल टूटी जवान वतन के बरे,शीश चरणन मा मैया झुकावत रहब’ का सस्वर पाठ किया।
इस अवसर पर वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली के संचालक अरुण माहेश्वरी ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया और आभार प्रदर्शन किया इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से पधारे विद्वान श्रोताओं का समूह उपस्थित रहा।

