बैंक धोखाधड़ी(BANK FRAUD) : सेवानिवृत्त और निलंबित बैंककर्मियों ने मिलकर 37 खातों से उड़ाए ₹11.33 लाख
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रिपोर्ट -लोक दस्तक संवाददाता
अमेठी उप्र ।
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की जामो थाना क्षेत्र स्थित हरगांव शाखा में ₹11,33,930 की बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बैंक के वर्तमान शाखा प्रबंधक पंकज कुमार शर्मा (निवासी: खेरी डोडापुर, गोसाईगंज) ने इस गंभीर मामले में स्थानीय पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट की शरण ली है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए अर्जी दाखिल की है।
पद का दुरुपयोग कर 37 खातों में लगाई सेंध
अदालत में दी गई अर्जी के अनुसार, हरगांव शाखा में तैनाती के दौरान तत्कालीन बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलीभगत कर इस घोटाले को अंजाम दिया। आरोप है कि आरोपियों ने अपने आधिकारिक पदों का दुरुपयोग करते हुए कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों के सहारे बैंक के 37 उपभोक्ताओं के बचत खातों से कुल 11 लाख 33 हजार 930 रुपये अवैध रूप से निकाल लिए।
इन लोगों पर लगा है गंभीर आरोप
इस बैंक धोखाधड़ी में तत्कालीन बैंककर्मियों और उनके सहयोगियों के नाम सामने आए हैं:
तत्कालीन बैंककर्मी (आरोपी):
कौशल किशोर श्रीवास्तव (तत्कालीन शाखा प्रबंधक – सेवानिवृत्त, निवासी: झारखंडी रकाबगंज, अयोध्या)
राम आधार (तत्कालीन सहायक – सेवानिवृत्त, निवासी: हरदो, कोतवाली गौरीगंज)
मानसमनी पांडेय (तत्कालीन बैंककर्मी – निवासी: सातनपुर, शिवरतनगंज)
राहुल सिन्हा (तत्कालीन सहायक – निवासी: चिरागोरा हीरापुर, झारखंड)
सहयोगी आरोपी (बाहरी व्यक्ति):
अजीत विश्वकर्मा (निवासी: पूरे शुक्लन अहद, जामो)
मो. अहमद (निवासी: भवानीगढ़)
पूनम द्विवेदी (निवासी: पूरे गौरीशंकर दुबे, अमेठी)
आकांक्षा पांडेय (निवासी: सातनपुरवा, शिवरतनगंज)
रोहित सिन्हा (निवासी: चिरागोरा हीरापुर, झारखंड)
दो बैंककर्मियों पर पहले ही हो चुकी है निलंबन की कार्रवाई
विभाग के भीतर जब इस बड़े गबन का पर्दाफाश हुआ, तो बैंक प्रबंधन ने आंतरिक जांच के आधार पर आरोपी बैंककर्मी मानसमनी पांडेय और राहुल सिन्हा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
पुलिस की सुस्ती के बाद कोर्ट पहुंचे वर्तमान प्रबंधक
मामले की गंभीरता को देखते हुए वर्तमान शाखा प्रबंधक पंकज कुमार शर्मा ने सबसे पहले स्थानीय पुलिस को लिखित सूचना देकर मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की थी। आरोप है कि स्थानीय पुलिस द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने के कारण उन्हें न्याय के लिए सीजेएम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। कोर्ट में दी गई इस अर्जी के बाद अब बैंक उपभोक्ताओं और इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।

