Science Exhibition : उमारमण राजकीय इंटर कॉलेज में भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन
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रिपोर्ट – लोक दस्तक संवाददाता
अमेठी, उप्र ।
आंचलिक विज्ञान नगरी, लखनऊ (राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद की इकाई), संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में उमारमण राजकीय इंटर कॉलेज, जामों, अमेठी में 16 एवं 17 अक्टूबर को दो दिवसीय भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना, विज्ञान के प्रति रुचि जागृत करना तथा विज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों को सरल एवं रोचक ढंग से समझाना था।
प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान की विभिन्न अवधारणाओं, वैज्ञानिक सिद्धांतों एवं उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों को समझने का अवसर प्राप्त हुआ। इस प्रकार की प्रदर्शनियाँ विद्यार्थियों में जिज्ञासा, तार्किक चिंतन, नवाचार तथा वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य वीरेन्द्र कुमार यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. नवीन कुमार श्रीवास्तव ने प्रदर्शनी के आयोजन एवं संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर सहयोगी शिक्षक धीरेन्द्र कुमार त्रिपाठी, अजय प्रकाश वर्मा, सन्नी शुक्ला एवं अनमोल कुमार उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान किया।
आंचलिक विज्ञान नगरी, लखनऊ की ओर से प्रदर्शनी प्रमुख एवं विज्ञान संचारक आशु कुमार तथा प्रदर्शनी सहायक सूरज कुमार यादव एवं रमेश कुमार ने विद्यार्थियों को विज्ञान प्रदर्शनी से संबंधित विभिन्न विषयों की जानकारी दी। उन्होंने वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल भाषा में समझाते हुए विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य वीरेन्द्र कुमार यादव ने इस प्रकार के विज्ञान संबंधी आयोजनों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती है तथा उनमें वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित करती है।

दो दिवसीय इस आयोजन से विद्यार्थियों को विज्ञान को नजदीक से समझने तथा नई वैज्ञानिक जानकारियाँ प्राप्त करने का अवसर मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति जागरूक करना और उन्हें भविष्य में वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार के लिए प्रेरित करना रहा।


