CRIME NEWS : बदमाशों के हौसले बुलंद _ अमेठी में डॉक्टर से लूट का प्रयास, एक गिरफ्तार
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रिपोर्ट – लोक दस्तक संवाददाता
https://youtu.be/0eGZC2lpbIo?si=GfCGZqvD0Aglp6eu
घटना के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, आम जनता की सुरक्षा को लेकर चिंता
अमेठी, उप्र । थाना शिवरतनगंज क्षेत्र में रविवार शाम एक चिकित्सक को तमंचे के बल पर लूटने के प्रयास का मामला सामने आया। घटना के बाद मौके पर जुटे ग्रामीणों ने एक आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि उसका दूसरा साथी मौके से फरार हो गया। वारदात के बाद क्षेत्र में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 7:30 बजे स्थानीय चिकित्सक डॉ. सत्य प्रकाश साहू अपने स्थान पर मौजूद थे। इसी दौरान दो बदमाश वहां पहुंचे और तमंचे के बल पर लूट का प्रयास किया। डॉक्टर द्वारा शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों को आता देख एक आरोपी मौके से भाग निकला, जबकि दूसरे को ग्रामीणों ने पकड़ लिया।
घटना की सूचना मिलते ही शिवरतनगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।
मामले को लेकर CO तिलोई से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि घटना में दो अपराधी शामिल थे। इनमें से एक की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। उन्होंने बताया कि पीड़ित से तहरीर ली जा रही है और उसके आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया जा रहा है। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
हालांकि, इस घटना ने क्षेत्र में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि शाम के समय एक चिकित्सक को उसके कार्यस्थल पर तमंचा दिखाकर लूटने का प्रयास किया जा सकता है, तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता स्वाभाविक है। घटना के बाद लोगों के बीच यह चर्चा है कि पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था आखिर कितनी प्रभावी है।
ग्रामीणों का कहना है कि अपराधियों में पुलिस का भय कायम रहना जरूरी है। घटना में एक आरोपी को ग्रामीणों द्वारा पकड़कर पुलिस के हवाले किए जाने के बाद अब लोगों की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। फरार आरोपी की गिरफ्तारी और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
घटना के बाद क्षेत्र में यही सवाल चर्चा में है कि जब आम नागरिक और चिकित्सक अपने कार्यस्थल पर भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन संभालेगा?

