AMETHI UPDATE : नवागत जिलाधिकारी का विभागों की बैठकों का दौर जारी
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रिपोर्ट – लोकदस्तक संवाददाता
कानून व्यवस्था एवं अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न, मामलों के त्वरित निस्तारण पर दिया गया जोर
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने की संयुक्त समीक्षा, लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनीटरिंग के निर्देश
अमेठी, उप्र ।
जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शशांक चौधरी एवं पुलिस अधीक्षक सरवणन टी की संयुक्त अध्यक्षता में कानून व्यवस्था एवं अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जनपद के समस्त उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, अभियोजन विभाग के अधिकारी, राजस्व एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अभियोजन कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था की प्रभावशीलता तभी सुनिश्चित की जा सकती है, जब मामलों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण हो।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए तथा ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराया जाए, जिनमें लंबे समय से कार्रवाई लंबित है। उन्होंने कहा कि स्पीडी ट्रायल को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है, जिससे पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके और कानून के प्रति आमजन का विश्वास और मजबूत हो।
जिलाधिकारी ने अभियोजन विभाग, पुलिस विभाग एवं राजस्व विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि विभागीय तालमेल से ही लंबित मुकदमों की संख्या में प्रभावी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने गत माह में दर्ज मामलों, न्यायालयों में प्रस्तुत वादों, निस्तारित प्रकरणों तथा पुराने लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनीटरिंग कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि गंभीर एवं संवेदनशील आपराधिक मामलों में साक्ष्य एवं गवाहों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि न्यायालयों में प्रभावी पैरवी हो सके और दोषियों को समयबद्ध रूप से सजा दिलाई जा सके। उन्होंने कहा कि सामान्य वाद, राजस्व वाद तथा आपराधिक प्रकृति के मामलों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण की दिशा में ठोस प्रयास करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यायालयों में विचाराधीन मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए उनकी प्रगति पर नजर रखी जाए तथा जहां भी किसी प्रकार की बाधा हो, उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने आगामी दुर्गा पूजा, मूर्ति स्थापना एवं मूर्ति विसर्जन कार्यक्रमों को लेकर भी विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों, क्षेत्राधिकारियों एवं थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति (पीस कमेटी) की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए, जिससे त्योहारों को सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जा सके। उन्होंने कहा कि मूर्ति विसर्जन मार्गों तथा विसर्जन स्थलों का पूर्व निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
घाटों पर सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, साफ-सफाई एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था रहे। साथ ही डीजे संचालन निर्धारित मानकों एवं शासन की गाइडलाइन के अनुरूप ही किया जाए। जिलाधिकारी ने आगामी विधानसभा निर्वाचन की तैयारियों के दृष्टिगत भी अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई की जाए तथा आवश्यकतानुसार गुण्डा एक्ट सहित अन्य विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक सरवणन टी ने कहा कि अपराध नियंत्रण एवं प्रभावी अभियोजन के लिए पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखनी होगी। उन्होंने कहा कि विवेचनाओं की गुणवत्ता बेहतर होने से न्यायालयों में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकते हैं, जिससे अपराधियों को सजा दिलाने में सफलता मिलती है।
पुलिस अधीक्षक ने महिला अपराध, साइबर अपराध तथा अन्य संवेदनशील मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए सभी अधिकारी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है तथा प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता के साथ सुनिश्चित करे।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योति सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, जिला अभियोजन अधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारीगण, थानाध्यक्ष तथा संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता व समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई – डीएम
अमेठी जिलाधिकारी शशांक चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में संचालित निर्माण कार्यों (सीएम डैशबोर्ड) की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की विभागवार एवं संस्थावार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराए जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा कार्य में प्रयुक्त होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने के बाद ही उसका उपयोग किया जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कर जनता को उनका लाभ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक विलंब, शिथिलता, मानकविहीन कार्य अथवा अन्य अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी पन्नालाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एनकार्ड की जिला स्तरीय समिति की बैठक हुई आयोजित
जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में नशीले पदार्थ की खेती एवं मादक पदार्थों के अवैध व्यापार पर अंकुश लगाए जाने के दृष्टिगत एनकार्ड की जिला स्तरीय समिति की बैठक कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा जनपद में नारकोटिक्स पदार्थ, ड्रग्स तथा अवैध शराब की बिक्री, निर्माण अथवा संचय नहीं होने हेतु पुलिस विभाग, आबकारी विभाग तथा ड्रग्स विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये गये।
मीटिंग में जनपद में कहीं भी अवैध नारकोटिक्स पदार्थ, ड्रग्स आदि की धरपकड़ हेतु सभी स्टेकहोल्डर्स को समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए गये। एनडीपीएस से सम्बन्धित अभियोग में प्रभावी पैरवी करते हुए अभियुक्तों को सख्त से सख्त सजा दिलवाई जाने हेतु न्यायालय में प्रभावी पैरवी किये जाने का भी निर्देश दिया गया। जनपद के स्कूल, कॉलेज आदि शैक्षिक संस्थानों में युवा पीढ़ी को नशे की लत नहीं लगने पाए इस हेतु हर संभव प्रयास किया जायें तथा समय- समय पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाए।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी इसमें विशेष प्रयास किए जायें। कृषि विभाग को निर्देश दिए कि कहीं पर भी नशे की खेती न होने पाए इस पर निगरानी रखें। माध्यमिक व बेसिक शिक्षा विभाग को विद्यालयों में नशा मुक्ति अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ज्योति सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अंशुमान सिंह, जिला आबकारी अधिकारी अखिलेश आर्य, समस्त एसडीएम/क्षेत्राधिकारी सहित अन्य संबंधित उपस्थित रहे।

