AMETHI NEWS : रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य पर रहेगा विशेष फोकस : जिलाधिकारी शशांक चौधरी
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रिपोर्ट – लोक दस्तक संवाददाता
कार्यभार ग्रहण करने के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से की मुलाकात, जनहित और विकास को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता।
अमेठी, उप्र।
जिले के नवागत जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने मंगलवार शाम कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मीडिया प्रतिनिधियों से औपचारिक मुलाकात कर जनपद के विकास एवं प्रशासनिक कार्यों को लेकर अपनी प्राथमिकताएं साझा की। उन्होंने कहा कि जनहित, सुशासन और विकास को केंद्र में रखकर कार्य किया जाएगा तथा रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पत्रकारों से संवाद करते हुए जिलाधिकारी ने अपने प्रशासनिक अनुभवों का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली से इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त की है तथा वे 2017 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं। इससे पूर्व वे मथुरा, अमरोहा और मेरठ सहित विभिन्न जनपदों में अलग-अलग प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के रूप में अमेठी उनकी पहली तैनाती है और जनपद के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनशिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा, जिससे फरियादियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि अमेठी में औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। जनपद में स्थापित औद्योगिक क्षेत्रों एवं निवेश की संभावनाओं का बेहतर उपयोग कर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि उद्योगों के विस्तार और नए निवेश को प्रोत्साहित करने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा तथा लोगों की आय में वृद्धि होगी, जिससे समग्र सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति मिलेगी। श्री चौधरी ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की आधारशिला है।
विद्यालयों के कायाकल्प, आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद की बड़ी आबादी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर निर्भर है। ऐसे में सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं को और बेहतर बनाने, दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मीडिया प्रशासन और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु- डीएम
जिलाधिकारी ने मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि मीडिया प्रशासन और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करता है। मीडिया से प्राप्त फीडबैक और सुझावों से प्रशासन को जमीनी स्तर की समस्याओं को समझने तथा उनके समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाने में सहायता मिलती है। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से सकारात्मक सहयोग एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिला सूचना अधिकारी शिव दर्शन यादव सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
नवागत जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने जिला अस्पताल का किया औचक निरीक्षण
अमेठी। जनपद के नवागत जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने बुधवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय गौरीगंज का स्थलीय निरीक्षण कर मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की विभिन्न इकाइयों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत जिलाधिकारी ने अस्पताल की ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) से की। यहां उन्होंने चिकित्सकों को दिखाने आए मरीजों से सीधे संवाद कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता तथा चिकित्सकीय परामर्श की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। मरीजों से बातचीत के दौरान उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि प्रत्येक मरीज को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
इसके बाद जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का निरीक्षण कर दवाओं की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि मरीजों को निर्धारित दवाएं समय पर और सुगमता से प्राप्त हों। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ब्लड सैंपल कलेक्शन कक्ष, डायलिसिस यूनिट, फिजियोथेरेपी कक्ष, रक्तदान केंद्र तथा अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सा इकाइयों का भी निरीक्षण किया।
रक्तदान केंद्र में उन्होंने रक्त की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की, जिस पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि वर्तमान में ब्लड बैंक में 26 यूनिट रक्त उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा पूछा कि उन्हें समय पर भोजन, दवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं। जिस पर मरीजों द्वारा बताया गया कि सभी चीजें समय-समय पर मिल रही हैं।
उन्होंने वार्डों में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान वार्डों में सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील पाए गए। जिलाधिकारी ने अस्पताल स्थित एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने नवजात शिशुओं को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सीय सुविधाओं, उपकरणों एवं देखभाल व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि नवजात शिशुओं के उपचार एवं देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
निरीक्षण के दौरान एक मरीज ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि अस्पताल में सभी स्थानों पर इंडियन शौचालय बने होने के कारण बुजुर्गों एवं गंभीर मरीजों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। मरीज ने अस्पताल में वेस्टर्न टॉयलेट की व्यवस्था कराने की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी.पी. अग्रवाल को निर्देशित किया कि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र कार्रवाई की जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज और उनके परिजनों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इस अवसर पर जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने कहा कि जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता जनसामान्य को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर उपचार, आवश्यक दवाएं तथा सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए तथा मरीजों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी.पी. अग्रवाल सहित अन्य संबंधित चिकित्सक एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

