SPECIAL PERSON : गाँवों की मिट्टी में छिपी हैं प्रतिभाएं, तराशने की है जरुरत -पंकज सिंह
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अमेठी की पहचान के साथ क्रिकेट की दुनिया में भी बना चुके हैं खास मुकाम
अमेठी, उप्र ।
क्रिकेट के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर अमेठी की पहचान देश-दुनिया में बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर पंकज सिंह ने कहा कि गांवों और छोटे कस्बों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इन प्रतिभाओं को सही दिशा और बेहतर मंच उपलब्ध कराया जाए।
सोमवार को मुलाकात के दौरान क्रिकेटर पंकज सिंह ने कहा कि आज भी गांवों में बड़ी संख्या में बच्चे और युवा खेलों के प्रति उत्साहित हैं। उनमें प्रतिभा और कुछ कर गुजरने का जज्बा भी है, लेकिन संसाधनों और उचित मार्गदर्शन के अभाव में अनेक प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ पातीं। यदि उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और प्लेटफॉर्म मिले तो गांवों से निकलने वाले खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अमेठी केवल राजनीतिक और ऐतिहासिक पहचान के लिए ही नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं के लिए भी अपनी अलग पहचान बना रही है। यहां के युवाओं में क्रिकेट सहित विभिन्न खेलों को लेकर उत्साह है। आवश्यकता है कि इस प्रतिभा को तराशने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं।
मुलाकात के दौरान प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा हुई। पंकज सिंह ने कहा कि डिजिटल युग में भले ही सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तेजी से लोकप्रिय हुए हैं, लेकिन प्रिंट मीडिया की अपनी विश्वसनीयता और महत्वपूर्ण भूमिका आज भी कायम है।
उन्होंने कहा कि समाचार पत्र समाज को जागरूक करने, स्थानीय मुद्दों को सामने लाने और सकारात्मक गतिविधियों को लोगों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। खासतौर पर स्थानीय स्तर पर प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र गांव, कस्बे और जिले की आवाज को मजबूती से सामने रखते हैं।
उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रतिभाओं, सामाजिक सरोकारों और क्षेत्र की उपलब्धियों को प्रमुखता से सामने लाना समाज के लिए महत्वपूर्ण कार्य है। पंकज सिंह ने कहा कि आज जरूरत है कि खेल और पत्रकारिता दोनों क्षेत्रों में नई पीढ़ी को बेहतर अवसर और मंच उपलब्ध कराया जाए। गांवों की प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाए तो अमेठी से आने वाले युवा भविष्य में देश और दुनिया के मंच पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
दैनिक अख़बार के संपादक संतोष श्रीवास्तव से मुलाकात के दौरान खेल, युवा प्रतिभाओं, अमेठी की पहचान तथा प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया की बदलती भूमिका सहित विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस मौके पर प्रधान बेहटा एवं उनके बड़े भाई ललित सिंह भी मौजूद रहे।

