BREAKING NEWS :भाजपा का बांकीपुर गढ़ ढहा, बिहार में जनसुराज की धमाकेदार एंट्री
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रिपोर्ट – लोकदस्तक संवाददाता
भाजपा उपचुनाव में 2-1 से पिछड़ी बीजेपी
बिहार में जनसुराज की एंट्री, कांग्रेस ने दतिया बचाया, गुजरात की मांजलपुर सीट बीजेपी के खाते में
नई दिल्ली/पटना।
तीन राज्यों में हुए विधानसभा उपचुनावों के नतीजों ने भाजपा के लिए टेंशन बढ़ा दी है। 3 में से 2 सीटें हाथ से निकल जाने के बाद भाजपा 2-1 से पिछड़ गई। सबसे बड़ा झटका बिहार के बांकीपुर में लगा, जहां भाजपा का गढ़ माने जाने वाली सीट पर जनसुराज पार्टी ने कब्जा जमा लिया।
बांकीपुर में पीके की आंधी, भाजपा की हार
बिहार की हाईप्रोफाइल बांकीपुर सीट पर जनसुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर उर्फ पीके ने बड़ा उलटफेर कर दिया। जनसुराज उम्मीदवार ने भाजपा के नीरज सिंहा को 18,953 वोटों के भारी अंतर से हराया। इस जीत के साथ ही पीके ने बिहार की राजनीति में अपनी पार्टी की मजबूत दस्तक दे दी है। बांकीपुर को भाजपा का गढ़ माना जाता था। ऐसे में यहां हार से पार्टी के रणनीतिकार भी हैरान हैं।
दतिया में कांग्रेस ने बचाई साख
मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर कांग्रेस ने अपनी सीट बचाने में कामयाबी हासिल की। कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,025 वोटों से हराया। इस जीत से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है।
गुजरात की मांजलपुर में भाजपा जीती
वहीं गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज कर अपनी साख बचाई। यहां भाजपा उम्मीदवार ने विरोधी को हराकर सीट अपने नाम की।
पीके बोले – “यह बदलाव की शुरुआत”
जीत के बाद जनसुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर की जनता ने बदलाव को चुना है। यह बिहार की राजनीति में नई शुरुआत है।
भाजपा के लिए इन नतीजों को 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले चेतावनी माना जा रहा है। वहीं कांग्रेस और जनसुराज के लिए यह नतीजे संजीवनी का काम करेंगे।
चुनावी नतीजों की समीक्षा
बांकीपुर हार से भाजपा के लिए चेतावनी
बांकीपुर में हार भाजपा के लिए सिर्फ एक सीट का नुकसान नहीं है। यह सीट पार्टी का पारंपरिक गढ़ और शहरी, शिक्षित वोटर का सेंटर रही है। 18 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हार यह बताती है कि भाजपा के कोर वोटर में भी नाराजगी है। जनसुराज की एंट्री से बिहार में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बढ़ गए हैं।
2026 के विधानसभा चुनाव से पहले यह नतीजा भाजपा के लिए रणनीति बदलने की घंटी है। वहीं कांग्रेस के लिए दतिया बचाना और जनसुराज के लिए बांकीपुर जीतना, दोनों के हौसले बढ़ाने वाला है। फिलहाल बीजेपी को इन नतीजों से मंथन करने की आवश्यकता है।

