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	<title>देश Archives - Lok Dastak</title>
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	<title>देश Archives - Lok Dastak</title>
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		<title>Awarded : सन्तोष श्रीवास्तव इंडो-इंटरनेशनल आइकन अवार्ड्स 2025 से हुए सम्मानित</title>
		<link>https://www.lokdastak.com/archives/25222</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Dec 2025 08:20:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[Awarded : सन्तोष श्रीवास्तव इंडो-इंटरनेशनल आइकन अवार्ड्स 2025 से हुए सम्मानित]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>रिपोर्ट &#8211; लोकदस्तक संवाददाता नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और दुनिया में पहचान...</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h3><span style="color: #ff0000"><strong>रिपोर्ट &#8211; लोकदस्तक संवाददाता</strong></span></h3>
<h3><strong>नई दिल्ली ।</strong></h3>
<p>अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और दुनिया में पहचान बना चुकी संस्था इंटरनेशनल इक्विटेबल ह्यूमन राइट्स सोशल काउंसिल की ओर से इंडो &#8211; इंटरनेशनल आइकन अवार्ड्स समारोह का आयोजन कांस्टीट्यूशन क्लब के विशाल प्रेक्षागृह स्पीकर हॉल में किया गया। जिसमें  अमेठी निवासी सहारा जीवन सम्पादक संतोष श्रीवास्तव सहित एक दर्जन विभूतियां को सम्मानित किया गया।</p>
<p>इस मौके पर ह्यूमन राइट्स ट्रेनिंग वर्क शॉप और इंडो इंटरनेशनल आइकन अवार्ड समारोह सीजन 3 में एक दर्जन से अधिक विभूतियों और प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पंजाब- चंडीगढ़ ह्यूमन राइट्स काउंसिल के सदस्य पद्मश्री जितेंदर सिंह शंटी ने मानव अधिकारों की बारीकियां ऑडिटोरियम में उपस्थित लोगों को समझाईं।कई सवालों के जवाब भी उन्होंने दिए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अमन सिन्हा और बाबू लाल नारनौलिया ने कहा कि मानवाधिकार जीवन का एक ज़रूरी अंग है।इसे जानना आवश्यक है ।</p>
<p>विश्व हिंदू परिषद ,इंद्रप्रस्थ दिल्ली प्रांत के अध्यक्ष कपिल खन्ना ने सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहने की अपील सभी से की और ह्यूमन राइट्स के महत्व पर प्रकाश डाला।मालवीय नगर के विधायक सतीश उपाध्याय,ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन के मुख्य इमाम डॉक्टर इमाम उमर अहमद इलियासीऔर दिल्ली,ग्रेटर कैलाश की पार्षद अंजुम मंडल ने भी अपने संबोधन में मानव अधिकारों की बात की और सभी अवार्डीस को बधाई दी।</p>
<p>इंटरनेशनल इक्विटेबल ह्यूमन राइट्स सोशल काउंसिल के इंटरनेशनल चेयरमैन संजय सिन्हा ने कहा कि हमारा मकसद देश और दुनिया के लोगों को ह्यूमन राइट्स के प्रति जागरूक करना है।यही वजह है कि हम लगातार ह्यूमन राइट्स ट्रेनिंग वर्कशॉप्स और सेमिनार भी कर रहे हैं।इसी के बीच इंडो इंटरनेशनल आइकन अवार्ड्स भी दिए जाते हैं,ताकि देश दुनिया में उल्लेखनीय कार्य कर रहे लोगों को सामने लाया जा सके।&#8217;</p>
<p>संस्था के नेशनल प्रेसिडेंट (माइनॉरिटी विंग) इरफान अहमद ने अपने संबोधन में सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया,साथ ही हक और हुकूक की बात कही।</p>
<p><span style="color: #ff6600"><strong>ये विभूतियाँ हुई सम्मानित</strong></span></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सम्मान पाने वालिब में शामिल हैं महाराष्ट्र के नेत्रहीन समाजसेवी विकास कुमार कुबड़े,हिमाचल प्रदेश की बाल कलाकार (टीवी एक्ट्रेस) आश्वी धीमान,दिल्ली की शायर डॉक्टर अना देहलवी दिल्ली की समाज सेविका पूजा रानी,एच आर हेड मीनू शर्मा,बिहार के समाज सेवा सचिन सौरभ,युवराज कुमार,उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार संतोष श्रीवास्तव,झारखंड की प्रियंका भट्टाचार आदि, उनके अलावा दर्जनों समाज सेवियों और पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया।</p>
<p>इस मौके पर क्रिश्चन मूवमेंट के अध्यक्ष आर एल फ्रांसिस,भाजपा नेता केएस दुग्गल ,एहसान खान,मौलाना याकूब बुलंद शहरी ,सुनील कुमार आदि।आयोजन में सतबीर सिंह,अमित सिंह,गौतम ठाकुर आदि की भूमिका अहम रही।</p>
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		<title>Online Meeting : ऑनलाइन बैठक में जीकेसी कर्नाटक ने महासम्मेलन की तैयारियों को दी गति</title>
		<link>https://www.lokdastak.com/archives/24950</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Oct 2025 10:20:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[meeting]]></category>
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		<category><![CDATA[बैठक]]></category>
		<category><![CDATA[महासम्मेलन]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; रिपोर्ट- लोकदस्तक संवाददाता नई दिल्ली । ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) कर्नाटक सम्पूर्ण विश्व के...</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<h3><span style="color: #ff0000"><strong>रिपोर्ट- लोकदस्तक संवाददाता</strong></span></h3>
<h3><strong>नई दिल्ली ।</strong></h3>
<p>ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) कर्नाटक सम्पूर्ण विश्व के कायस्थों को एक सूत्र में पिरोने को दृढ़ संकल्पित ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद के प्रयास को मजबूती देने के लिए दक्षिण भारत ग्रैंड कायस्थ महासम्मेलन 2026 का आयोजन करने जा रहा है।उक्त जानकारी जीकेसी मीडिया प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव ने दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एक अति महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक प्रबंध न्यासी श्रीमती रागिनी रंजन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।</p>
<p>बैठक का उद्देश्य समुदाय में बेहतर समन्वय, सदस्यता विस्तार तथा आगामी दक्षिण भारत ग्रैंड कायस्थ महासम्मेलन जनवरी 2026 की तैयारियों पर चर्चा करना था। बैठक की शुरुआत राष्ट्रीय महासचिव नवीन कुमार ने की तथा संचालन कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष नितेश शरण द्वारा किया। सर्व प्रथम उन्होंने सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए बैठक का एजेंडा प्रस्तुत किया और घोषणा की कि पहला दक्षिण भारत ग्रैंड कायस्थ महासम्मेलन जनवरी 2026 में बेंगलुरु में आयोजित किया जाएगा।</p>
<p>राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुमार मानवेंद्र ने सभी सदस्यों से इस आयोजन को ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए अपने सुझाव और सहयोग देने का आग्रह करते हुए कहा कि दक्षिण भारतीय कायस्थों को जोड़ने के लिए आयोजित इस महासम्मेलन में सहभागिता लेने हेतु हमे अभी से अपना दृढ़ निश्चय कर लेना चाहिए।अपने उद्घाटन वक्तव्य में प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन ने कर्नाटक राज्य समिति के प्रयासों की सराहना की और सभी सदस्यों से जीकेसी के लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।</p>
<p>उन्होंने स्थानीय कायस्थों को जीकेसी से जोड़ने के लिए प्रभावी उपाय सुझाए। राज्य महासचिव उत्कर्ष आनंद ने टीम वर्क के साथ आयोजित कर्नाटक की पूर्व की सफल गतिविधियों का उल्लेख किया तथा भविष्य के कार्यक्रमों को भी उसी जोश और समर्पण से करने का संकल्प दोहराया। ग्लोबल महासचिव (कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ) एवं कर्नाटक प्रभारी पवन सक्सेना ने कला एवं संस्कृति के माध्यम से प्रतिभा संवर्धन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इस आयोजन को सफल बनाने में कला संस्कृति प्रकोष्ठ भी प्रतिबद्ध है।</p>
<p>इसके लिए कला संस्कृति प्रकोष्ठ जल्द ही एक वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित करेगा। सदस्यता अभियान प्रभारी निलेश रंजन ने ऑनलाइन प्राथमिक सदस्यता अभियान को सफल बनाने पर बल दिया और सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे पहले अपने परिवारों को शामिल कर सदस्यता कार्ड हासिल करें।</p>
<p>प्रमुख प्रतिभागी बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुमार मणवेंद्र, राज्य महासचिव उत्कर्ष आनंद, सदस्यता प्रभारी निलेश रंजन, राज्य उपाध्यक्ष संजय सिन्हा एवं बिस्वजीत सिन्हा, राज्य महासचिव गजेन्द्र माथुर, राष्ट्रीय संयोजक धनंजय प्रसाद एवं दीपक दास, राज्य सचिव मनोज कुमार श्रीवास्तव और आनंद कुमार, राज्य उपाध्यक्ष सर्देश सक्सेना, कार्यकारी समिति सदस्य डॉ. पूजा शशि एवं नवीन कुमार सहित कई राज्य समिति सदस्य उपस्थित रहे।</p>
<figure id="attachment_24954" aria-describedby="caption-attachment-24954" style="width: 218px" class="wp-caption alignnone"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-full wp-image-24954" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/10/FB_IMG_1759832668081.jpg" alt="" width="218" height="279" /><figcaption id="caption-attachment-24954" class="wp-caption-text"><strong><span style="color: #993300">संतोष श्रीवास्तव</span></strong><br /><strong><span style="color: #993300">राष्ट्रीय अध्यक्ष मीडिया प्रकोष्ठ</span></strong></figcaption></figure>
<p>चर्चा के मुख्य बिंदु बैठक में वक्ताओं ने टीम भावना,एकता और सांस्कृतिक सहभागिता के महत्व पर बल दिया। इसके अलावा राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सदस्यता का विस्तार, कला एवं संस्कृति आधारित अधिक कार्यक्रमों का आयोजन कर आपसी जुड़ाव बढ़ाना।राज्य और राष्ट्रीय समितियों के बीच समन्वय को और मजबूत बनाना भी प्रमुख सुझाव रहे।</p>
<p>बैठक का समापन इस सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि दक्षिण भारत ग्रैंड कायस्थ महासम्मेलन 2026 को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया जाएगा और कायस्थ समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सामूहिक उत्थान हेतु सभी मिलजुलकर कार्य करेंगे।</p>
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		<item>
		<title>NATIONAL NEWS : आखिर कब और कैसे सरकार स्वतंत्रता सेनानियों शहीदों के सपनों को धरातल पर उतरेगी &#8211; जितेन्द्र रघुवंशी</title>
		<link>https://www.lokdastak.com/archives/24707</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 14 Sep 2025 16:43:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[National news]]></category>
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		<category><![CDATA[स्वतंत्रता सेनानियों]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160;  विशेष रिपोर्ट &#8211; नीरज सिंह /राजेश कुमार सिंह नई दिल्ली । प्रधानमंत्री तक स्वतंत्रता...</p>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/24707">NATIONAL NEWS : आखिर कब और कैसे सरकार स्वतंत्रता सेनानियों शहीदों के सपनों को धरातल पर उतरेगी &#8211; जितेन्द्र रघुवंशी</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<h3><span style="color: #ff0000"><strong> विशेष रिपोर्ट &#8211; नीरज सिंह /राजेश कुमार सिंह</strong></span></h3>
<h3><span style="color: #000000"><strong>नई दिल्ली ।</strong></span></h3>
<p><strong><span style="color: #993300">प्रधानमंत्री तक स्वतंत्रता सेनानी परिवारों की आवाज पहुंचाकर अपने आप को गौरवान्वित अनुभव करूँगा- नरेश बंसल</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #993300">माँ गंगा के प्रवाह के साथ हरिद्वार से निकली सेनानी परिवारों की गूँज पूरे देश के सेनानी परिवारों को सम्मान दिलाएगी- सुरेश सुयाल</span></strong></p>
<p>स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति द्वारा प्रेस क्लब ऑफ इंडिया नई दिल्ली में प्रेस वार्ता आयोजित हुई, जिसमें समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव में प्रधानमंत्री जी द्वारा आजादी के शताब्दी समारोह तक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपनों का भारत बनाएंगे की घोषणा की गई थी, बाद में भी विभिन्न मंचों से प्रधानमंत्री जी ने इस संकल्प को दोहराया, किन्तु स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपने क्या थे, यह जानकारी सरकार को कहां से मिलेगी? यह तो उनके वंशज ही बता पाएंगे, जिनसे सरकार ने अत्यधिक दूरी बना रखी है।</p>
<p>प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि हमने अमृत महोत्सव वर्ष में सरकार से दिल्ली में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मेमोरियल की स्थापना करने, भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की एमिनेंट कमेटी में सेनानी परिवारों के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत संगठनों के प्रतिनिधियों को मनोनीत करने, संवैधानिक संस्थाओं राज्यसभा, विधान परिषद, केन्द्रीय समितियों तथा नगर निकायों में सेनानी परिवारों को मनोनीत करने, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार कल्याण परिषद का गठन करने, स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को विशेष पहचान देकर ऑनलाइन परिचय पत्र प्रदान करने, स्वतंत्रता सेनानी के निधन के बाद उनकी सम्मान पेंशन की धनराशि तथा सुविधा सेनानी परिवारों को हस्तांतरित करके जरूरतमंद सेनानी परिवारों को वित्तीय सहायता का प्रावधान करने की बात कही।</p>
<p>इसके साथ ही पाठ्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों की जीवनी को शामिल किए जाने, स्वतंत्रता सेनानी की मान्यता देने वाले 1980 की नियमावली में संशोधन करके केन्द्र तथा राज्य सरकारों के स्वतंत्रता सेनानियों की असमानता की खाई पाटने तथा दिल्ली में स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों के लिए सेवा सदन बनाने का आग्रह किया था, किन्तु आज हमें अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि प्रधानमंत्री को 4 अगस्त 2022 तथा 4 अक्टूबर 2022 को भी स्मरण पत्र भेजने के बावजूद सरकार द्वारा कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया, इससे देश भर के लगभग चार करोड़ स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों के उत्तराधिकारियों में बेहद नाराजगी और आक्रोश उत्पन्न हो रहा है आखिर कब तक अपमान सहेंगे स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवार?</p>
<p>पत्रकार वार्ता में संगठन के अध्यक्ष देशबंधु ने कहा कि हम अपने पूर्वजों के सपनों को साकार करने में सरकार के सहयोगी के रूप में भूमिका निभाना चाहते हैं किन्तु सरकार की उपेक्षा से इतना विशाल परिवार मर्माहत है, फिर भी हम सेनानी परिवारों से निवेदन करते हैं कि हमें भ्रमित नहीं होना चाहिए। स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों के हितों की रक्षा करने में सहयोगी की भूमिका निभाने वाले जनप्रतिनिधियों को ही अपना समर्थन देकर विधानसभाओं तथा संसद तक पहुंचना चाहिए।</p>
<p>यह संगठन गैर राजनीतिक है, परन्तु स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपनों को पूरा करने वाली सरकारों को ही मजबूत करना होगा। सुरेश चन्द्र सुयाल ने सेनानी परिवारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि माँ गंगा के प्रवाह के साथ हरिद्वार से निकली सेनानी परिवारों की गूँज पूरे देश के सेनानी परिवारों को सम्मान दिलाएगी।</p>
<p>प्रेस वार्ता को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत भूषण विद्यालंकार, संगठन सचिव कपूर सिंह दलाल, सुरेश चंद्र सुयाल, छत्तीसगढ़ के मुरली मनोहर खंडेलवाल, चंद्रप्रकाश बाजपेई, उत्तरप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह,मृगांक शेखर आनंद, रमेश कुमार मिश्रा, राजस्थान के विशाल सिंह सौदा, पंजाब के परमजीत सिंह टिवाना, ज्ञान सिंह सग्गू, मध्यप्रदेश के डॉ. राजा भैया मिश्रा, कमल अग्रवाल, सुनील गुजराती, बिहार के अशोक कुमार वर्मा, झारखंड के ओमप्रकाश मांझी, दिल्ली के विजय कुमार तोमर, हरियाणा के भगवान फोगाट, महाराष्ट्र के सचिन कुमार, तमिलनाडु के सुंदर विमलनाथन, कर्नाटक के सिंगू रमेश तथा ने भी संबोधित किया।</p>
<p>इसके पूर्व भारतीय किसान संघ कार्यालय पंडित दीनदयाल उपाध्याय मार्ग में स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के तत्वावधान में देश के 19 प्रान्तों के वरिष्ठ पदाधिकारियों के कार्यकारिणी सदस्यों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मत से निर्णय लिया गया कि यदि सरकार द्वारा स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों की इसी तरह उपेक्षा की गई तो हमें मजबूर होकर आजादी के महानायकों राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद तथा भगत सिंह जैसे महामानों का अनुसरण करते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों के सम्मान तथा उनके उत्तराधिकारियों के अस्तित्व की रक्षा के लिए क्रान्ति का बिगुल बजाना होगा।</p>
<p>बैठक में स्वतंत्रता सेनानी परिवार से सम्बद्ध राज्यसभा सांसद माननीय नरेश बंसल भी पहुंचे, उन्होंने आश्वासन दिया कि आपका संदेश सरकार तक पहुंचाकर यथाशीघ्र प्रपत्र पर दिए गए बिंदुओं पर चर्चा करके  प्रधानमंत्री जी द्वारा आजादी के शताब्दी समारोह तक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपनों का भारत बनाएंगे की घोषणा को धरातल पर उतरने में स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों की महत्वपूर्ण भूमिका निर्धारित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री तक स्वतंत्रता सेनानी परिवारों की आवाज पहुंचाकर अपने आप को गौरवान्वित अनुभव करूँगा।</p>
<p>राष्ट्रीय कार्यकारिणी की इस महत्वपूर्ण बैठक में देश के विभिन्न प्रान्तों से  राजेश प्रताप सिंह, महंथ प्रजापति, सूर्य प्रकाश पांडे, सुरेश चंद्र बबेले, भगवत शरण पश्तोर, ज्ञान सिंह सग्गू, शिवयोगैया, बिजेन्द्र भादू, अरुण प्रताप सिंह, रवि दत्त राय, मदन मोहन राय, अनुराग सिंह गौतम, आदित्य गहलोत, अवधेश सिंह, वीरांगना चन्नाबेसम्मा तथा अलका चौहान की विशेष उपस्थिति रही।</p>
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		<item>
		<title>WEATHER UPDATE : दिल्ली में पांच दिन नहीं बरसेंगे बादल, उमस से बेहाल रहेंगे लोग</title>
		<link>https://www.lokdastak.com/archives/24658</link>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Sep 2025 17:44:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; &#160; विशेष रिपोर्ट &#8211; रवि नाथ दीक्षित &#160; यूपी, बिहार, बंगाल, ओडिशा से लेकर...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<h3><strong><span style="color: #ff0000">विशेष रिपोर्ट &#8211; रवि नाथ दीक्षित</span></strong></h3>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>यूपी, बिहार, बंगाल, ओडिशा से लेकर पहाड़ों तक बरसेंगे बदरा, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट</strong></p>
<p>राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पिछले एक सप्ताह से बारिश और जलभराव के कारण मुश्किलों से जूझ रही थी। 1 सितंबर से 8 सितंबर तक हुई झमाझम बारिश ने दिल्ली-एनसीआर की सड़कों को तालाब बना दिया था। जगह-जगह पानी भर गया, नालों का स्तर बढ़ा और यमुना खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई थी। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। मौसम विभाग ने साफ किया है कि दिल्ली में अगले पांच दिन यानी 10 से 15 सितंबर तक एक भी बूंद बारिश नहीं होगी।</p>
<p>इस दौरान लोगों को तेज धूप और उमस झेलनी होगी। तापमान बढ़ेगा और गर्मी का असर लोगों को खूब पसीना बहाने पर मजबूर करेगा। वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, ओडिशा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र से लेकर पहाड़ी राज्यों तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।</p>
<p><span style="color: #993300"><strong>दिल्ली में राहत और परेशानी दोनों</strong></span></p>
<p>पिछले हफ्ते तक दिल्लीवासी लगातार हो रही बारिश और जलभराव से परेशान थे। कई इलाकों में सड़कें डूब गई थीं, ट्रैफिक रेंगता रहा, मेट्रो तक की सेवाएं बाधित हुईं। यमुना का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया था और निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे।</p>
<p>अब बारिश थम चुकी है। यमुना का जलस्तर घटने लगा है और सड़कें भी सूखने लगी हैं। लेकिन बारिश रुकने से गर्मी और उमस की मार बढ़ेगी। मौसम विभाग के मुताबिक 10 सितंबर से 15 सितंबर तक आसमान साफ रहेगा, बीच-बीच में हल्के बादल जरूर छाएंगे, लेकिन बूंदाबांदी की संभावना नहीं है।</p>
<p>इस दौरान अधिकतम तापमान 36–38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है और न्यूनतम तापमान भी 28–29 डिग्री के आसपास रहेगा। हवा में नमी ज्यादा होने से उमस भरी गर्मी लोगों को सबसे ज्यादा परेशान करेगी।</p>
<p><span style="color: #33cccc"><strong>यूपी में बारिश का डबल अलर्ट</strong></span></p>
<p>दिल्ली के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह अलग रहेगा। मौसम विभाग ने यहां अगले कुछ दिनों के लिए बरसात का अलर्ट जारी किया है। 11 और 12 सितंबर – पूर्वी और पश्चिमी यूपी में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है। 15 सितंबर – एक बार फिर पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर लौटेगा ।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>वहीं बुधवार को (11 सितंबर) कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, लेकिन उस दिन भारी बारिश का खतरा नहीं रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यूपी के पूर्वी हिस्से में बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और पश्चिमी यूपी में पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई देगा। इसका नतीजा होगा कि कई जिलों में लगातार बारिश होगी।</p>
<p><span style="color: #993366"><strong>बिहार, बंगाल और ओडिशा में झमाझम का दौर</strong></span></p>
<p>मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बिहार में 12 सितंबर तक लगातार बारिश होती रहेगी। कई जिलों में मूसलाधार बारिश के चलते जलभराव की स्थिति बन सकती है।</p>
<p>पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 14 सितंबर तक बादल जमकर बरसेंगे। यहां नदियों के उफान और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति से इंकार नहीं किया जा सकता।</p>
<p>ओडिशा में 12 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है। बंगाल की खाड़ी से उठे लो-प्रेशर एरिया का असर इस राज्य पर सबसे ज्यादा पड़ेगा। अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में भी अगले 24 घंटों तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। यहां समुद्री तूफानी हवाएं भी चल सकती हैं।</p>
<p><span style="color: #993300"><strong>मध्य भारत और महाराष्ट्र में भी बरसेंगे बदरा</strong></span></p>
<p>मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहेगी। 13 सितंबर तक इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 13 से 15 सितंबर तक बादल जमकर बरसेंगे।</p>
<p>वहीं कोंकण और गोवा में 14 और 15 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं, इसलिए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।</p>
<p><span style="color: #ff0000"><strong>पहाड़ों पर मौसम का मिजाज</strong></span></p>
<p><span style="color: #ff00ff"><strong>उत्तर-पूर्व और उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।</strong></span></p>
<p><span style="color: #ff00ff"><strong>नागालैंड और मणिपुर – 11 और 12 सितंबर को भारी बारिश।</strong></span></p>
<p><span style="color: #ff00ff"><strong>अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय – 12 से 14 सितंबर तक भारी से बहुत भारी बारिश।</strong></span></p>
<p><span style="color: #ff00ff"><strong>जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश – 13 सितंबर को जोरदार बारिश का पूर्वानुमान।</strong></span></p>
<p><span style="color: #ff00ff"><strong>उत्तराखंड – 12 से 14 सितंबर तक झमाझम का दौर।</strong></span></p>
<p>पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन और सड़क बाधाओं का खतरा रहेगा। चारधाम यात्रा मार्गों और अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।</p>
<p><span style="color: #00ffff"><strong>दक्षिण भारत भी होगा भीगने वाला</strong></span></p>
<p>केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना में भी अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होगी। दक्षिण-पश्चिम मानसून अभी कमजोर नहीं पड़ा है और समय-समय पर इन राज्यों में बादल अपना असर दिखाते रहेंगे।</p>
<p><span style="color: #00ff00"><strong>आम जनता पर असर</strong></span></p>
<p>दिल्ली में अगले पांच दिन बारिश न होने से जहां लोग उमस और गर्मी से बेहाल रहेंगे, वहीं यूपी, बिहार और बंगाल के लोग झमाझम बारिश से जूझेंगे। कई राज्यों में फसलें भीगने से किसानों को नुकसान हो सकता है, जबकि पहाड़ों में भूस्खलन से यातायात प्रभावित होने की आशंका है।</p>
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		<title>Policy Commission : आयोग ने जारी की रिपोर्ट, 2डी मैटेरियल्स पर अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Sep 2025 16:44:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[2डी]]></category>
		<category><![CDATA[Policy Commission]]></category>
		<category><![CDATA[अनुसंधान]]></category>
		<category><![CDATA[आयोग]]></category>
		<category><![CDATA[जारी रिपोर्ट]]></category>
		<category><![CDATA[नीति आयोग]]></category>
		<category><![CDATA[मैटेरियल्स]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>विशेष रिपोर्ट &#8211; रवि नाथ दीक्षित नई दिल्ली। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ)...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h3></h3>
<h3><span style="color: #ff0000"><strong>विशेष रिपोर्ट &#8211; रवि नाथ दीक्षित</strong></span></h3>
<h3><strong>नई दिल्ली।</strong></h3>
<p>नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने राजधानी दिल्ली में &#8220;फ्यूचर फ्रंट &#8211; त्रैमासिक फ्रंटियर टेक इनसाइट्स &#8211; 2डी मैटेरियल्स का परिचय&#8221; शीर्षक से एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट भारत में 2डी मैटेरियल्स के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास की बढ़ती संभावनाओं पर केंद्रित है।</p>
<p>इस अवसर पर बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि भारत को तकनीकी क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाए रखने के लिए नए-नए फ्रंटियर टेक्नोलॉजीज़ में निवेश और शोध को प्रोत्साहन देना समय की मांग है। उन्होंने बताया कि 2डी मैटेरियल्स का उपयोग ऊर्जा, स्वास्थ्य, इलेक्ट्रॉनिक्स और पर्यावरण जैसे कई क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।</p>
<p>रिपोर्ट में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि भारत को इन उभरती हुई तकनीकों में आत्मनिर्भर बनना होगा, ताकि न केवल घरेलू उद्योगों को बल मिले बल्कि वैश्विक बाजार में भी भारतीय वैज्ञानिकों और स्टार्टअप्स को पहचान मिल सके।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि 2डी मैटेरियल्स जैसे ग्रेफीन, एमएक्सीन आदि भविष्य में सुपरकंडक्टर, बैटरी, सेंसर और मेडिकल डिवाइस बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। इस क्षेत्र में भारत अगर समय रहते मजबूत पहल करता है तो यह देश की वैज्ञानिक प्रगति और आर्थिक विकास दोनों को नई ऊंचाई दे सकता है।</p>
<p>नीति आयोग की इस पहल को देश में इनोवेशन-ड्रिवन ग्रोथ को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>
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		<item>
		<title>Flood in Delhi : दिल्ली में यमुना खतरे के निशान से ऊपर, हालात गंभीर</title>
		<link>https://www.lokdastak.com/archives/24484</link>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 03 Sep 2025 17:51:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[Flood in Delhi : दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[ऊपर]]></category>
		<category><![CDATA[खतरे]]></category>
		<category><![CDATA[निशान]]></category>
		<category><![CDATA[बाढ़]]></category>
		<category><![CDATA[यमुना]]></category>
		<category><![CDATA[यमुना नदी]]></category>
		<category><![CDATA[लोहा पुल]]></category>
		<category><![CDATA[हालात गंभीर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; विशेष रिपोर्ट &#8211; रवि नाथ दीक्षित नई दिल्ली। दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<h3><strong><span style="color: #ff0000">विशेष रिपोर्ट &#8211; रवि नाथ दीक्षित</span></strong></h3>
<h3><strong>नई दिल्ली।</strong></h3>
<p>दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और बीते तीन दिनों से यह खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बुधवार शाम तक इसका स्तर 205.33 मीटर के खतरनाक स्तर से लगभग दो मीटर ऊपर पहुंच गया। नतीजा यह हुआ कि पूरे खादर क्षेत्र में पानी भर गया और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा।</p>
<p>यमुना बाजार में आठ फुट तक पानी घुसने से वहां बने राहत शिविर जलमग्न हो गए। प्रशासन को तुरंत वहां रह रहे लोगों को हटाना पड़ा। पानी रिंग रोड तक पहुंचने लगा है, जिसके चलते राजघाट से कश्मीरी गेट मार्ग पर यातायात रोक दिया गया। निगम बोध घाट को भी बंद करना पड़ा।</p>
<p><strong>हथनी कुंड से लगातार पानी का दबाव</strong></p>
<p>हरियाणा के हथनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी है। बुधवार को यहां से प्रति घंटे 1.75 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया। इससे हालात फिलहाल सामान्य होने की संभावना नहीं है। सोमवार को अधिकतम 3.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। मंगलवार को यह आंकड़ा दो लाख क्यूसेक तक रहा।</p>
<p><strong><span style="color: #993300">यमुना पर बने लोहा पुल पर असर</span></strong></p>
<p>यमुना के उफान का सीधा असर लोहा पुल पर पड़ा। मंगलवार शाम तक नदी का स्तर 206 मीटर पहुंचने पर पुल से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। बुधवार सुबह साढ़े छह बजे से ट्रेनों की आवाजाही भी रोकनी पड़ी।बुधवार शाम सात बजे जलस्तर 207.37 मीटर तक पहुंच गया। इतना ऊंचा जलस्तर इससे पहले केवल 1978 और 2023 में ही दर्ज किया गया था।</p>
<p><span style="color: #ff00ff"><strong>प्रभावित क्षेत्र और जनता की परेशानी</strong></span></p>
<p>नदी का पानी घोंडा विधानसभा क्षेत्र के पुराना उस्मानपुर, पुराना गढ़ी मांडू और नानकसर तक फैल गया। यहां के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। शाम तक यमुना बाजार के राहत शिविर तक पानी पहुंच गया। मोनेस्ट्री बाजार से पानी निकलकर रिंग रोड तक आ गया।</p>
<p><span style="color: #993366"><strong>यातायात पुलिस ने एहतियात के तौर पर कई सड़कों को बंद किया—</strong></span></p>
<p><strong>राजघाट से कश्मीरी गेट मार्ग</strong></p>
<p><strong>वजीराबाद–सिग्नेचर ब्रिज</strong></p>
<p><strong>चंदगी राम अखाड़ा–आईपी कॉलेज रेड लाइट</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><span style="color: #00ffff"><strong>बाढ़ की चपेट में दिल्ली के छह जिले</strong></span></p>
<p>यमुना का बढ़ता पानी दिल्ली के छह जिलों में बाढ़ का खतरा खड़ा कर रहा है—उत्तर, उत्तर पूर्व, शाहदरा, पूर्व, मध्य और दक्षिण-पूर्व। इनमे से दक्षिण-पूर्व, मध्य और पूर्व जिलों में एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। अब तक करीब 15 हजार लोग बेघर हो चुके हैं। इनमें से 10 हजार से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है। कई परिवार विकास मार्ग और अन्य स्थानों पर टेंट डालकर गुजारा कर रहे हैं।</p>
<p><span style="color: #ff6600"><strong>दिल्ली प्रशासन की तैयारियां</strong></span></p>
<p>सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से बताया गया कि हथनी कुंड से लगातार पानी छोड़े जाने के चलते वजीराबाद बैराज से भी अतिरिक्त पानी निकालना पड़ रहा है। लोहा पुल पर जलस्तर बढ़ने का यही बड़ा कारण है।</p>
<p><span style="color: #339966"><strong>प्रशासन ने अब तक—</strong></span></p>
<p><span style="color: #000000"><strong>38 स्थानों पर राहत शिविर स्थापित किए हैं।</strong></span></p>
<p><span style="color: #000000"><strong>27 जगहों पर टेंट लगाए हैं।</strong></span></p>
<p><span style="color: #000000"><strong>कुल 522 टेंट उपलब्ध कराए गए हैं।</strong></span></p>
<p><span style="color: #000000"><strong>13 स्थायी आश्रय स्थल बनाए गए हैं।</strong></span></p>
<p><span style="color: #993300"><strong>यमुना के जल में ऐतिहासिक रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी</strong></span></p>
<p><strong>1978: 7 लाख क्यूसेक पानी, स्तर 207.49 मीटर</strong></p>
<p><strong>2010: 7.44 लाख क्यूसेक पानी, स्तर 207.11 मीटर</strong></p>
<p><strong>2013: 8.06 लाख क्यूसेक पानी, स्तर 207.32 मीटर</strong></p>
<p><strong>11 जुलाई 2023: 3.59 लाख क्यूसेक पानी, स्तर 208.66 मीटर (रिकॉर्ड)</strong></p>
<p><strong>चेतावनी स्तर: 204.50 मीटर</strong></p>
<p><strong>खतरे का स्तर: 205.33 मीटर</strong></p>
<p><strong>निचले क्षेत्र खाली कराने की सीमा: 206 मीटर</strong></p>
<p><strong>अब तक का उच्चतम स्तर: 208.66 मीटर (13 जुलाई 2023)</strong></p>
<p><span style="color: #ff6600"><strong>बुधवार को लोहा पुल के पास जलस्तर</strong></span></p>
<p><strong>सुबह 5 बजे : 206.74 मीटर</strong></p>
<p><strong>सुबह 7 बजे : 206.80 मीटर</strong></p>
<p><strong>सुबह 9 बजे : 206.85 मीटर</strong></p>
<p><strong>पूर्वाह्न 11 बजे : 206.97 मीटर</strong></p>
<p><strong>दोपहर 1 बजे : 207 मीटर</strong></p>
<p><strong>अपराह्न 3 बजे : 207.09 मीटर</strong></p>
<p><strong>शाम 5 बजे : 207.27 मीटर</strong></p>
<p><strong>शाम 7 बजे : 207.37 मीटर<img decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-24485" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250903-WA0034-1024x629.jpg" alt="" width="640" height="393" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250903-WA0034-1024x629.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250903-WA0034-300x184.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250903-WA0034-768x472.jpg 768w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250903-WA0034.jpg 1046w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></strong></p>
<p>यमुना का हर साल खतरे के निशान से ऊपर जाना अब दिल्ली के लिए एक सामान्य स्थिति बन चुकी है। लेकिन आंकड़े बताते हैं कि बीते एक दशक में नदी के जलस्तर में असामान्य तेजी आई है। इसका सबसे बड़ा कारण है—</p>
<p><strong>हथनी कुंड से छोड़ा जाने वाला अतिरिक्त पानी :</strong> मानसून में बारिश के बढ़ते दबाव के कारण हरियाणा के बैराज से अचानक बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जाता है, जो सीधे दिल्ली को प्रभावित करता है।</p>
<p><strong>नदी किनारे अतिक्रमण और बस्तियां :</strong> दिल्ली के खादर इलाके में लाखों लोग रहते हैं। हर बार पानी बढ़ने पर सबसे पहले इन्हीं बस्तियों को खाली कराना पड़ता है।</p>
<p><strong>शहरीकरण और जल निकासी की कमी :</strong> राजधानी के तेजी से फैलते कंक्रीट जंगल ने जलभराव और बाढ़ के हालात को और विकराल बनाया है।</p>
<p><strong>जलवायु परिवर्तन का असर :</strong> अनियमित और तीव्र बारिश की घटनाएं अब अधिक सामान्य हो गई हैं। इसका सीधा असर यमुना जैसे नदियों के प्रवाह पर दिखता है।</p>
<p>अगर समय रहते दीर्घकालिक योजना नहीं बनाई गई तो भविष्य में यमुना का यह उफान दिल्ली के लिए और भी गंभीर चुनौती बन सकता है। स्थायी समाधान तभी संभव है जब नदी के किनारे के अतिक्रमण हटाए जाएं, बैराजों से पानी छोड़ने की एक पारदर्शी और नियंत्रित व्यवस्था बने, और राहत शिविरों की जगह स्थायी पुनर्वास योजना पर काम किया जाए।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>Indian Army : भैरव’ बना पाकिस्तान का डर, बॉर्डर सुरक्षा के लिए नई रणनीति लागू</title>
		<link>https://www.lokdastak.com/archives/24416</link>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 31 Aug 2025 16:50:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Army : भैरव’]]></category>
		<category><![CDATA[डर]]></category>
		<category><![CDATA[नई रणनीति]]></category>
		<category><![CDATA[पाकिस्तान]]></category>
		<category><![CDATA[बॉर्डर]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय सुरक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय सेना]]></category>
		<category><![CDATA[रेकी]]></category>
		<category><![CDATA[सुरक्षा]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; विशेष रिपोर्ट &#8211; लोकदस्तक संवाददाता &#160; भारतीय सेना ने चीन और पाकिस्तान की दोहरी...</p>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/24416">Indian Army : भैरव’ बना पाकिस्तान का डर, बॉर्डर सुरक्षा के लिए नई रणनीति लागू</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<h3><span style="color: #ff0000"><strong>विशेष रिपोर्ट &#8211; लोकदस्तक संवाददाता</strong></span></h3>
<p>&nbsp;</p>
<p>भारतीय सेना ने चीन और पाकिस्तान की दोहरी चुनौतियों का सामना करने के लिए नई तैयारी शुरू कर दी है। सेना तेजी से ‘भैरव कमांडो’ की विशेष बटालियनों का गठन कर रही है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि अगले दो से तीन महीनों के भीतर ये कमांडो अग्रिम मोर्चों पर तैनात कर दिए जाएंगे।</p>
<p>प्रत्येक बटालियन में लगभग 250 सैनिक होंगे, जिन्हें आधुनिक हथियारों और विशेष प्रशिक्षण से लैस किया जाएगा। सेना का लक्ष्य है कि नवंबर तक कम से कम पांच भैरव बटालियन तैयार कर दी जाएं।</p>
<p><span style="color: #ff6600"><strong>क्यों बनाए जा रहे हैं भैरव कमांडो?</strong></span></p>
<p>भारतीय सेना के पास पहले से ही पारा-स्पेशल फोर्सेज मौजूद हैं। भैरव कमांडो, सामान्य बटालियनों और स्पेशल फोर्सेज के बीच सेतु की तरह काम करेंगे। इन्हें इस तरह तैयार किया जा रहा है कि सीमा पर किसी भी अप्रत्याशित हालात में ये तुरंत कार्रवाई कर सकें।</p>
<p><span style="color: #00ff00"><strong>कहां होंगी तैनाती?</strong></span></p>
<p>सूत्रों के अनुसार, तीन भैरव बटालियन उत्तरी सीमा (लद्दाख और उससे लगे क्षेत्र) में तैनात होंगी। जबकि शेष दो को पूर्वोत्तर और पश्चिमी सीमाओं पर भेजा जाएगा। पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ पिछले वर्षों में हुई झड़पों और घुसपैठ की घटनाओं के मद्देनज़र सेना कोई चूक नहीं करना चाहती।</p>
<p><span style="color: #800080"><strong>कैसे हो रहा है प्रशिक्षण?</strong></span></p>
<p>भैरव कमांडो का चयन वर्तमान सैनिकों में से ही किया गया है। पहले इन्हें अपने-अपने रेजिमेंटल सेंटर्स पर दो से तीन महीने का बेसिक स्पेशल ट्रेनिंग दिया जा रहा है। इसके बाद इन्हें संबंधित थिएटर की स्पेशल फोर्सेज के साथ एक माह का एडवांस्ड ट्रेनिंग प्रोग्राम कराया जाएगा।</p>
<p><span style="color: #993300"><strong>भैरव कमांडो की प्रमुख जिम्मेदारियां</strong></span></p>
<p><strong>इनकी जिम्मेदारी होगी –</strong></p>
<p><strong>दुश्मन की गतिविधियों पर गहरी नजर रखना और जानकारी जुटाना (रेकी)।</strong></p>
<p><strong>विरोधी सेनाओं की योजनाओं को नाकाम करना।</strong></p>
<p><strong>सीमा पार विशेष अभियान चलाना।</strong></p>
<p><strong>इनकी तैनाती से सेना अपने पारा स्पेशल कमांडो को सिर्फ उच्च प्राथमिकता वाले मिशनों पर केंद्रित कर सकेगी।</strong></p>
<p><span style="color: #ff6600"><strong>ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदली सेना की रणनीति</strong></span></p>
<p>फिलहाल भारतीय सेना के पास 10 पारा (स्पेशल फोर्सेज) और 5 पारा (एयरबॉर्न) बटालियन हैं। भैरव कमांडो इनके पूरक बनकर काम करेंगे।</p>
<p>‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान ड्रोन युद्ध की अहमियत को देखते हुए सेना अब हर पैदल बटालियन में ड्रोन प्लाटून जोड़ रही है। इसके साथ ही वायु रक्षा को और मजबूत बनाने के लिए स्वदेशी मिसाइल सिस्टम भी शामिल किए जा रहे हैं।</p>
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		<title>Made in India&#8217; EV : गुजरात से दुनिया तक पहुंचेगी &#8216;मेड इन इंडिया&#8217; ईवी: पीएम मोदी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 Aug 2025 02:41:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA['मेड इन इंडिया']]></category>
		<category><![CDATA[Made in India' EV]]></category>
		<category><![CDATA[ईवी]]></category>
		<category><![CDATA[गुजरात]]></category>
		<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[पीएम मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[मारुती सुजुकी]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; विशेष रिपोर्ट रवि नाथ दीक्षित हंसल,गुजरात। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में स्थित टीडीएस...</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<h4><span style="color: #ff0000"><strong>विशेष रिपोर्ट रवि नाथ दीक्षित</strong></span></h4>
<h4><strong>हंसल,गुजरात।</strong></h4>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में स्थित टीडीएस लिथियम-आयन बैटरी प्लांट में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड के उत्पादन की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने सुजुकी की इलेक्ट्रिक कार ‘ई-विटारा’ को भी लॉन्च किया।</p>
<p>कार्यक्रम में संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अब भारत में बनी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स दुनिया के करीब 100 देशों में भेजी जाएंगी। उन्होंने इसे भारत-जापान की मजबूत साझेदारी और देश के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।</p>
<p><span style="color: #993300"><strong>&#8220;अब हर ईवी पर लिखा होगा मेड इन इंडिया&#8221;</strong></span></p>
<p>मोदी ने कहा कि 2012 में जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब हंसलपुर में मारुति सुजुकी को जमीन आवंटित की गई थी। उसी सोच और विजन का परिणाम है कि आज भारत विश्व स्तर पर ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी छाप छोड़ रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, “अब जब कोई इलेक्ट्रिक वाहन विदेशों की सड़कों पर दौड़ेगा तो उस पर ‘मेड इन इंडिया’ लिखा होगा। यह हम सबके लिए गर्व का क्षण है।”</p>
<p><span style="color: #993366"><strong>निवेश के लिए राज्यों में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा<img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-24351" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250827-WA0001.jpg" alt="" width="869" height="517" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250827-WA0001.jpg 869w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250827-WA0001-300x178.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250827-WA0001-768x457.jpg 768w" sizes="(max-width: 869px) 100vw, 869px" /></strong></span></p>
<p>प्रधानमंत्री ने राज्यों से अपील की कि वे विकास, निवेश, रिफॉर्म्स और सुशासन में एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करें। उनका कहना था कि निवेशकों को इतना विकल्प मिलना चाहिए कि वे तय ही न कर पाएं किस राज्य में निवेश करना बेहतर होगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हर राज्य को 2047 तक विकसित भारत बनाने की दिशा में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।</p>
<p><span style="color: #00ff00"><strong>भारत-जापान रिश्ते और ग्लोबल भरोसा</strong></span></p>
<p>मोदी ने इस मौके पर कहा कि भारत के पास लोकतंत्र की ताकत, युवा आबादी और कुशल कार्यबल का बड़ा आधार है। यही वजह है कि यहां निवेश करने वाले सभी देशों और कंपनियों के लिए यह एक विन-विन स्थिति बनती है।<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-24352" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250827-WA0004.jpg" alt="" width="910" height="522" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250827-WA0004.jpg 910w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250827-WA0004-300x172.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250827-WA0004-768x441.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 910px) 100vw, 910px" /></p>
<p>उन्होंने बताया कि आज जापान की कंपनी सुजुकी भारत में वाहन बना रही है और वही वाहन वापस जापान को भी एक्सपोर्ट हो रहे हैं। यह न केवल भारत-जापान की दोस्ती को मजबूत करता है बल्कि दुनिया के भरोसे को भी दर्शाता है।</p>
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		<title>Devastation Due to Cloud Burst : मनाली में तबाही: बादल फटने से ब्यास नदी में उफान, सैकड़ों होटल खतरे में – पर्यटक फंसे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 26 Aug 2025 10:48:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[Devastation Due to Cloud Burst : मनाली]]></category>
		<category><![CDATA[उफान]]></category>
		<category><![CDATA[खतरे]]></category>
		<category><![CDATA[तबाही]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यटक फंसे]]></category>
		<category><![CDATA[फटने]]></category>
		<category><![CDATA[बादल]]></category>
		<category><![CDATA[ब्यास नदी]]></category>
		<category><![CDATA[सैकड़ों]]></category>
		<category><![CDATA[होटल]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लोक दस्तक न्यूज़ डेस्क  नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी मनाली इन दिनों भारी...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h4><span style="color: #ff0000"><strong>लोक दस्तक न्यूज़ डेस्क</strong></span></h4>
<h4> <strong>नई दिल्ली।</strong></h4>
<p>हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी मनाली इन दिनों भारी बारिश और बाढ़ की चपेट में है। धुंधी और अंजनी महादेव क्षेत्र में बादल फटने के बाद ब्यास नदी अचानक उफान पर आ गई। नतीजा यह हुआ कि नदी किनारे बने होटल, रेस्तरां और बहुमंजिला इमारतें खतरे में आ गईं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर किनारे स्थित सभी भवन खाली करा दिए हैं।</p>
<p>लगातार हो रही बारिश से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। ब्यास नदी के तेज बहाव में मनाली का फोरलेन और नेशनल हाईवे बह गया, जिससे शहर का बाकी इलाकों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। हजारों की संख्या में पर्यटक मनाली में फंसे हुए हैं। कई होटल अभी भी पानी से घिरे हैं और लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं।</p>
<p>सबसे बड़ा नुकसान बाहंग क्षेत्र में हुआ, जहां मशहूर शेरे-पंजाब रेस्टोरेंट बाढ़ की भेंट चढ़ गया। बताया जा रहा है कि इस रेस्टोरेंट की पूरी इमारत ब्यास नदी में समा गई और अब केवल गेट ही बचा है। इसके अलावा आसपास की चार दुकानें भी तेज धार में बह गईं। यह नजारा वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद डरावना रहा।</p>
<p>स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। NDRF और पुलिस की टीमें लगातार अलर्ट पर हैं। पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए अस्थायी कैंप बनाए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे बिल्कुल न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें।</p>
<p>मनाली और इसके आसपास के क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बारिश का यही क्रम जारी रहा, तो ब्यास का जलस्तर और खतरनाक हो सकता है, जिससे नुकसान और बढ़ने की आशंका है।</p>
<p>मनाली के लोग इस प्राकृतिक आपदा से दहशत में हैं। पर्यटक अपनी वापसी को लेकर चिंतित हैं, वहीं स्थानीय निवासी अपने कारोबार और मकानों पर मंडराते खतरे को लेकर परेशान हैं।</p>
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		<title>AWARD : बागपत के विपुल जैन हुए द ग्रेट इंड़ियन अवार्ड 2025 से पुरस्कृत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 20 Apr 2025 05:21:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[AWARD]]></category>
		<category><![CDATA[द ग्रेट इंड़ियन अवार्ड 2025]]></category>
		<category><![CDATA[पुरस्कृत]]></category>
		<category><![CDATA[बागपत]]></category>
		<category><![CDATA[विपुल जैन]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; REPORT BY VIVEK JAIN NEW DELHI। नई दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित 5 स्टार...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p><span style="color: #ff0000"><strong>REPORT BY VIVEK JAIN</strong></span></p>
<p><em><strong>NEW DELHI।</strong></em></p>
<p>नई दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित 5 स्टार होटल में द ग्रेट इंड़ियन अवार्ड समारोह 2025 का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें देभभर की जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की। अवार्ड समारोह में अन्तर्राष्ट्रीय अवार्डी व उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार विपुल जैन को हिमाचल प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक डीजीपी व नेशनल डिजास्टर रेस्पांस फोर्स एनडीआरएफ के डीजी सीनियर आईपीएस ऑफिसर संजय कुमार द्वारा द ग्रेट इंड़ियन अवार्ड 2025 से पुरस्कृत किया गया।</p>
<p>विपुल जैन को यह पुरस्कार उनके समाजसेवी कार्याे, अपने प्रोफेशन के माध्यम से समाज में छुपी हुई प्रतिभाओं को देश व दुनिया के सामने लाने, जरूरतमंदों की मद्द करने, लोगों को न्याय दिलाने व साम्प्रदायिक सौहार्द में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने के लिए प्रदान किया गया। विपुल जैन ने पत्रकारिता की शुरूआत वर्ष 2002 में की। वर्ष 2014 में उनको समाजहितैषी व पत्रकारिता क्षेत्र में किये गये सराहनीय कार्यो के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित किया गया।</p>
<p><span style="color: #ff6600"><strong>विपुल जैन राष्ट्रपति से भी हो चुके हैं सम्मानित</strong></span></p>
<p>वर्ष 2015 में विपुल जैन को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा नई दिल्ली में सम्मानित किया गया। विपुल जैन को उनके जनहितकारी कार्यो के लिए देश-विदेश की अनेकों संस्थाओं द्वारा नेशनल व इंटरनेशनल अवार्डो से पुरस्कृत व सम्मनित किया जा चुका है। विपुल जैन वर्तमान में अनेकों प्रतिष्ठित मीड़िया संस्थानों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के रूप में कार्य कर रहे है और पूर्व में दैनिक हिन्दुस्तान, दैनिक राष्ट्रीय सहारा जैसे अनेकों प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के लिए कार्य कर चुके है।</p>
<p>विपुल जैन ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, गुरूओं, शुभचिंतकों व सहयोगियों को दिया है।</p>
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