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	<title>Agriculture Archives - Lok Dastak</title>
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	<description>Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi.Lok Dastak</description>
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	<title>Agriculture Archives - Lok Dastak</title>
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		<title>Agriculture : कलेक्ट्रेट में निकली किस्मत की चिट्ठी, 45 कृषक होंगे लाभान्वित</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 07 Aug 2025 13:06:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कृषि]]></category>
		<category><![CDATA[45 कृषक]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[कलेक्ट्रेट]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; REPORT BY LOK REPORTER AMETHI NEWS। जिले में किसानों को कृषि यंत्रीकरण की दिशा...</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p><span style="color: #ff0000"><strong>REPORT BY LOK REPORTER</strong></span></p>
<p><em><strong>AMETHI NEWS।</strong></em></p>
<p>जिले में किसानों को कृषि यंत्रीकरण की दिशा में बढ़ावा देने हेतु सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन तथा सी.आर.एम. (काप रेज्ड्यू मैनेजमेंट) योजनान्तर्गत कृषि यंत्रों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया गया। यह प्रक्रिया आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी द्वारा गठित कार्यकारी समिति की उपस्थिति में सम्पन्न हुई।</p>
<p>ई-लॉटरी प्रक्रिया के अंतर्गत कम्बाइन हार्वेस्टर विद सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट, कल्टीवेटर, हैरो, लेजर लैण्ड लेवलर, मिनी राइस मिल, मल्टीकॉप थ्रेशर, ऑयल मिल विद फिल्टर प्रेस, रोटावेटर, स्ट्रारीपर, बेलिंग मशीन, काप रीपर ट्रैक्टर माउंटेड, स्ट्रा रैक, सुपर सीडर एवं स्मॉल गोदाम जैसे आधुनिक कृषि उपकरणों हेतु किसानों का चयन किया गया।</p>
<p>प्रक्रिया के दौरान 45 कृषकों का चयन किया गया, जिनमें विकासखंड गौरीगंज के भानुप्रताप सिंह को ऑयल मिल विद फिल्टर प्रेस, नन्द किशोर पाण्डेय को स्ट्रारीपर, तथा विकासखंड सिंहपुर के हंसराज को लेजर लैण्ड लेवलर हेतु चयनित किया गया।<img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-24075" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250807-WA0020.jpg" alt="" width="1024" height="768" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250807-WA0020.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250807-WA0020-300x225.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250807-WA0020-768x576.jpg 768w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></p>
<p>ई-लॉटरी में चयनित एवं प्रतीक्षारत कृषकों को एस.एम.एस. के माध्यम से उनके मोबाइल पर चयन की सूचना तथा बिल अपलोड करने की अंतिम तिथि की जानकारी पोर्टल के माध्यम से दी गई है। निर्धारित अवधि में यदि चयनित लाभार्थी यंत्र क्रय नहीं करते हैं, तो प्रतीक्षा सूची में शामिल कृषकों को क्रमशः लाभान्वित किया जाएगा।</p>
<p>इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अनिल चतुर्वेदी, उप कृषि निदेशक सत्येंद्र कुमार, जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार, जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी सहित कार्यकारी समिति में सम्मिलित कृषकगण भी उपस्थित रहे।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>Agriculture Department : कम वर्षा वाले जनपदों को समय पर मिले बिजली व पानी- कृषि मंत्री </title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Jul 2025 09:13:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कृषि]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[Department]]></category>
		<category><![CDATA[up government]]></category>
		<category><![CDATA[कम]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; REPORT BY LOK REPORTER LUCKNOW NEWS। &#160; प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000">REPORT BY LOK REPORTER</span></strong></p>
<p><em><strong>LUCKNOW NEWS।</strong></em></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही द्वारा विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में प्रदेश के सभी जनपदों में हो रही वर्षा की स्थिति की समीक्षा की गई तथा कम वर्षा वाले जनपदों में खरीफ की बुआई सुचारू रूप से हो सके इसके लिए सिंचाई तथा विद्युत विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।</p>
<p>कृषि मंत्री श्री शाही ने बताया कि प्रदेश के 12 जिलों मे सामान्य वर्षा 190.4 मिमी के सापेक्ष 199.9 मिमी वर्षा हुई है। 28 जनपदों में 120 प्रतिशत से अधिक वर्षा हुई है जबकि 85 जनपदों में 80 से 120 प्रतिशत, 16 जनपदों में 60 से 80 प्रतिशत वर्षा हुई है।</p>
<p>07 जनपदों में 40 से 60 प्रतिशत तथा 09 जनपदों में 40 प्रतिशत से कम वर्षा हुई है। सबसे कम वर्षा वाले इन 09 जनपदों में शामिल हैं-संतकबीरनगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, अंबेडकरनगर, जौनपुर, गौतमबुद्धनगर, कुशीनगर तथा देवरिया। उन्होंने बताया कि सबसे कम वर्षा देवरिया जनपद में हुई है।</p>
<p>कम वर्षा के कारण किसानों को खरीफ बुआई में कोई व्यवधान न हो इसके लिए उन्होंने मुख्य अभियंता सिंचाई को निर्देशित किया कि कम वर्षा वाले उक्त जनपदों में सिंचाई के लिए पर्याप्त जल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता को भी निर्देशित किया कि किसानों को सिंचाई हेतु समय पर समुचित मात्रा में विद्युत सप्लाई की जाए। उक्त जानकारी डॉ मनोज चंद्रा ने दी है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<item>
		<title>Agriculture : शहतूत वृक्षारोपण के साथ सहफसली खेती से किसानों की आय में हुई बढ़ोत्तरी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Jul 2025 11:55:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कृषि]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[किसानों की आय]]></category>
		<category><![CDATA[खेती]]></category>
		<category><![CDATA[बढ़ोत्तरी]]></category>
		<category><![CDATA[वृक्षारोपण]]></category>
		<category><![CDATA[शहतूत]]></category>
		<category><![CDATA[सहफसली]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>REPORT BY LOK REPORTER AMETHI NEWS। प्रदेश में अधिकतर रेशम उत्पादक किसान सीमांत और लघु...</p>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/23589">Agriculture : शहतूत वृक्षारोपण के साथ सहफसली खेती से किसानों की आय में हुई बढ़ोत्तरी</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000"><strong>REPORT BY LOK REPORTER</strong></span></p>
<p><em><strong>AMETHI NEWS।</strong></em></p>
<p>प्रदेश में अधिकतर रेशम उत्पादक किसान सीमांत और लघु कृषक होते हैं। खाद्यान्न की आवश्यकता के दृष्टिगत किसानों ने खेतीबाड़ी की पुरानी परम्पराओं को अभी तक अपनाया हुआ हैं। रेशम उत्पादन की पद्धतियों को भी देखा जाय तो यही बात सामने आती है की अधिकतर किसान पुराने तरीकों को छोड़ने के लिए राजी नहीं होते है। इस लिए जरूरी है उनकी भूमि के एक भूखंड से ही कृषि कार्यों में विविधता लाकर आमदनी बढ़ाई जाय।</p>
<p>इसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए प्रदेश सरकार ने शहतूत वृक्षारोपण का एक सहफसली प्रारूप केंद्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान पांपोर, केंद्रीय रेशम बोर्ड द्वारा तकनीकी स्थानांतरण हेतु स्वीकृत किया है। किसान अपनी कृषि युक्त भूमि पर इस प्रकार से शहतूत वृक्षारोपण करते हैं कि परंपरागत कृषण कार्य भी चलता रहे और रेशम कीट पालन हेतु उसी खेत से उच्च गुणवत्ता युक्त शहतूत की पत्तियाँ भी प्राप्त हो रही है।</p>
<p>केवल पहले वर्ष में नियमित पैदावार लगभग 20 प्रतिशत प्रभावित होगी, दूसरे वर्ष से इसी खेत से अतिरिक्त आय आनी शुरु हो जाती है। यदि कोई किसान अपने खेत में 300 शहतूत के पेड़ नयी पद्धति से लगा ले और केवल दो फसलों की पत्ती बेचने का काम करे तो भी वह दूसरे वर्ष में लगभग 05 हजार रूपये से 08 हजार रूपये एवं अगले 4-5 वर्षों से इसी खेत से वह लगभग 18 हजार रूपये से 25 हजार रूपये वार्षिक की अतिरिक्त आय कर केवल पत्ती बेच कर प्राप्त कर सकते है।</p>
<p>किसान इसी शहतूत उद्यान से साल में दो फसल भी बाइवोल्टाईन रेशम कीटपालन कार्य करता है तो उचित उत्पादन के साथ वह दूसरे साल से 10 हजार रूपये का कोया उत्पादन कर सकता है और चौथी पाँचवी साल में वह 30-35 हजार मूल्य का रेशम कोया, 300 शहतूत पेड़ो की उचित रखरखाव और सफल कीटपालन से उत्पादित कर सकता है। अगर कोई किसान अपने खेत में गेहूं और मक्के की खेती कर रहा है और इसी खेत में शहतूत के पेड़ भी लगा देते हैं तो अगले 4-5 वर्षों में इसी खेत से किसान विशाल रेशम कीटपालन के साथ कुल आय दुगुनी कर सकता है।</p>
<p>उचित लाभ प्राप्ति हेतु कम से कम 100 पेड भी स्थापित किए जा सकते है, पर 300 पेड़ का उद्यान स्थापित हो तो आर्थिक लाभ हेतु उत्तम रहता है। जितने अधिक पेड होंगे उसी अनुपात में पत्ती एवं तदनुसार रेशम कोया का उत्पादन अधिक होगा। यदि किसी किसान के पास जमीन कम है पर वह अधिक पेड लगाना चाहता है तथा रेशम कीटपालन से अधिक आय प्राप्त करना चाहता है, तो वह मेड़ के बाद खेत के बीच में सीधी कतार में पेड़ लगा सकता है, खेत की चौड़ाई के अनुसार कतार की संख्या निर्धारित होगी, क्योंकि दो कतारों के बीच में कम से कम 18 फीट की दूरी होनी चाहिए।<img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-23591" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/07/images-6.jpeg" alt="" width="424" height="337" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/07/images-6.jpeg 424w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/07/images-6-300x238.jpeg 300w" sizes="(max-width: 424px) 100vw, 424px" /></p>
<p>इस प्रकार से एक खेत में परम्परागत खेती को प्रभावित किए बगैर किसान अपने लिए अतिरिक्त आय का एक सशक्त माध्यम कम से कम अगले 20-25 साल तक आसानी से कर सकता है। इस पद्धति से एक एकड़ जमीन में 300 शहतूत पेड़ लग सकते है।</p>
<p>भूमि की उपलब्धता के आधार पर 100 पेड़ से 300 पेड़ तक का शहतूत उद्यान आसानी से स्थापित किया जा सकता है। प्रदेश के हजारो किसान सहफसली खेती कर खाद्यान्न के साथ-साथ रेशम के कोया उत्पादन कर अपनी अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर रहे हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<item>
		<title>Agriculture : क्या है किसानों की जमीनी हकीकत, जानने के लिए  दूरदर्शन चैनल ने लगाई चौपाल</title>
		<link>https://www.lokdastak.com/archives/23306</link>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 23 May 2025 16:10:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्‍तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[किसान]]></category>
		<category><![CDATA[कृषि]]></category>
		<category><![CDATA[चैनल]]></category>
		<category><![CDATA[चौपाल]]></category>
		<category><![CDATA[जमीनी हकीकत]]></category>
		<category><![CDATA[डीडी किसान]]></category>
		<category><![CDATA[दूरदर्शन]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>REPORT BY AS BHADAURIYA AMETHI NEWS। जनपद के सरैया और जैतपुर गांव में शुक्रवार को...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000"><strong>REPORT BY AS BHADAURIYA</strong></span></p>
<p><em><strong>AMETHI NEWS।</strong></em></p>
<p>जनपद के सरैया और जैतपुर गांव में शुक्रवार को दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल दिल्ली की टीम ने चौपाल लगाकर गांव के किसानों में कितनी जागरूकता पहुंची और उनकी  आर्थिक स्थिति में क्या बदलाव आए हैं।चौपाल के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र कठौरा के बैज्ञानिक भी मौजूद रहे।</p>
<p>दूरदर्शन की तेज तर्रार एंकर राधिका ने  सरैया गांव में किसानों मृदा परीक्षण कराने सम्बन्धी सवाल किये। किसानों से कृषि में आए बदलावों,कृषि में प्राकृतिक खेती,पशुपालन,मत्स्यपालन,और कृषि में विविधीकरण जैसे बिंदुओं पर चर्चा की।</p>
<p>बीते दस वर्षों खेती में क्या बदलाव आए।कृषि में सरकारी सहयोग कितना मिल रहा है, सरकार की संचालित कल्याण कारी योजनाओं की कितनी जानकारी है।किसान क्रेडिट कार्ड,पशुपालन क्रेडिट कार्ड,मृदा परीक्षण किसान सम्मान निधि,कितना कृषि में विज्ञान समाहित हुआ इन सभी बिंदुओं पर किसानों से सवाल किए।<img decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-23308" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250523-WA0023-1024x768.jpg" alt="" width="640" height="480" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250523-WA0023-1024x768.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250523-WA0023-300x225.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250523-WA0023-768x576.jpg 768w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250523-WA0023-1536x1152.jpg 1536w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250523-WA0023.jpg 1600w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p>जवाब में किसानों ने खेती में कृषि विज्ञान केंद्र कठौरा द्वारा कृषि प्रसार के बारे में किसानों से हुए सवाल पर किसानों ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा कृषि को बैज्ञानिक तरीके से करने की जानकारी लगातार मिल रही है।</p>
<p>जैतपुर गांव में बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने एंकर राधिका से किसानों की सबसे बड़ी समस्या बंदर और नीलगाय द्वारा फसलों को पहुंचाए जा रहे नुकसान पर अपनी व्यथा बताई। दुग्ध उत्पादक किसानों ने पराग दुग्ध संघ अयोध्या द्वारा सस्ता दूध खरीदने और विलंबित भुगतान की समस्या बताई।</p>
<p><span style="color: #ff6600"><strong>इनकी रही मौजूदगी</strong></span></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-23309" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250523-WA0021-1024x768.jpg" alt="" width="640" height="480" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250523-WA0021-1024x768.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250523-WA0021-300x225.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250523-WA0021-768x576.jpg 768w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250523-WA0021-1536x1152.jpg 1536w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250523-WA0021.jpg 1600w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p>इस मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र कठौरा अमेठी के प्रभारी बैज्ञानिक डा0 एन के मिश्र,डा लाल पंकज सिंह,डा अर्चना,डा रेनू सिंह,डा ओपी सिंह,डा देवेश पाठक के साथ अग्रणी किसान सुरेंद्र सिंह, अनंत बहादुर सिंह, राजेश सिंह, सुरेश तिवारी, नीरज सिंह, महेंद्र सिंह, अरुण सिंह, विनोद मिश्र, दिनेश शुक्ल, महबूब धर्मेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।</p>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/23306">Agriculture : क्या है किसानों की जमीनी हकीकत, जानने के लिए  दूरदर्शन चैनल ने लगाई चौपाल</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
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		<item>
		<title>AGRICULTURE : किसानों को मिल रही तकनीकी सहायता, किसान की रिकॉर्ड कमाई &#8230;&#8230;</title>
		<link>https://www.lokdastak.com/archives/20828</link>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Sep 2024 16:00:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कृषि]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[उद्यान विभाग]]></category>
		<category><![CDATA[किसान]]></category>
		<category><![CDATA[तकनीकी सहायता]]></category>
		<category><![CDATA[रिकॉर्ड कमाई]]></category>
		<category><![CDATA[संकर किस्म लौकी]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; REPORT BY LOK REPORTER AMETHI NEWS I  जिले के भादर-पीपरपुर निवासी कृषक भगेलूराम ने...</p>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/20828">AGRICULTURE : किसानों को मिल रही तकनीकी सहायता, किसान की रिकॉर्ड कमाई &#8230;&#8230;</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p><span style="color: #ff0000"><strong>REPORT BY LOK REPORTER </strong></span></p>
<p><em><strong>AMETHI NEWS I </strong></em></p>
<p>जिले के भादर-पीपरपुर निवासी कृषक भगेलूराम ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत संकर लौकी की खेती कर अपने खेतों से न केवल बेहतरीन पैदावार हासिल की, बल्कि इससे लगभग ₹1.30 लाख की आय भी अर्जित की है। इसमें से ₹1 लाख की शुद्ध आय प्राप्त हुई है। भगेलूराम की यह सफलता अमेठी के जिलाधिकारी निशा अनंत और मुख्य विकास अधिकारी सूरज पटेल के कुशल नेतृत्व तथा उद्यान विभाग द्वारा समय-समय पर दी गई तकनीकी सहायता एवं मार्गदर्शन का परिणाम है।</p>
<p><span style="color: #ff6600"><strong>संकर लौकी की खेती से मिली शानदार सफलता</strong></span></p>
<p>भगेलूराम ने अपनी 0.4 हेक्टेयर भूमि पर संकर लौकी की खेती की शुरुआत राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत की थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृषकों को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय में वृद्धि करना है। उद्यान विभाग के अधिकारियों ने भगेलूराम को न केवल तकनीकी प्रशिक्षण दिया, बल्कि खेती के दौरान समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण कर उन्हें मार्गदर्शन भी प्रदान किया।</p>
<p>इस तकनीकी सहायता की बदौलत भगेलूराम ने खाद और रासायनिक उर्वरकों का उपयोग उचित मात्रा में किया और अपनी एक एकड़ भूमि पर 85 कुंतल लौकी का उत्पादन किया।</p>
<p>लौकी का उत्पादन इतना बेहतर हुआ कि स्थानीय बाजारों में इसे ₹15 से ₹20 प्रति किलो के थोक भाव पर बेचा गया। इसके परिणामस्वरूप भगेलूराम को लगभग ₹1.30 लाख की आय प्राप्त हुई, जिसमें खेती पर हुए खर्च के बाद ₹1 लाख की शुद्ध आय के रूप में उनके हाथ में आई।</p>
<p><span style="color: #993300"><strong>सरकारी योजनाओं से बढ़ी किसान की आत्मनिर्भरता</strong></span></p>
<p>भगेलूराम ने अपनी सफलता का श्रेय राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत उद्यान विभाग द्वारा दी गई तकनीकी सहायता को दिया। उन्होंने बताया कि विभाग से समय-समय पर मिली जानकारी और स्थलीय निरीक्षण से खेती आसान हो गई। सही मात्रा में खाद एवं उर्वरकों के इस्तेमाल से न केवल पैदावार अच्छी हुई, बल्कि उत्पादन की लागत भी नियंत्रित रही, जिससे अधिक मुनाफा हुआ।</p>
<p>मुख्य विकास अधिकारी सूरज पटेल ने भगेलूराम के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह उदाहरण जिले के अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देशित किया है कि अमेठी के अधिक से अधिक कृषकों को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का लाभ दिलाने के लिए कार्य किया जाए, ताकि वे भी आत्मनिर्भर बनकर अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकें।</p>
<p><span style="color: #993300"><strong>अधिक कृषकों को योजना से जोड़ने के निर्देश</strong></span></p>
<p>मुख्य विकास अधिकारी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि उद्यान विभाग की योजनाओं से जनपद के अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को जोड़ा जाए। साथ ही, कृषकों को उनकी आवश्यकतानुसार कृषि संबंधी प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता भी प्रदान की जाए ताकि कोई भी पात्र कृषक शासन की कल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रह सके।</p>
<p><span style="color: #00ffff"><strong>कृषकों को सशक्त बनाने का प्रयास<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-20829 size-full" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2024/09/IMG-20240926-WA0133.jpg" alt="" width="972" height="626" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2024/09/IMG-20240926-WA0133.jpg 972w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2024/09/IMG-20240926-WA0133-300x193.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2024/09/IMG-20240926-WA0133-768x495.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 972px) 100vw, 972px" /></strong></span></p>
<p>उद्यान विभाग की योजनाओं का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से परिचित कराकर उनकी पैदावार और आय में वृद्धि करना है। भगेलूराम की तरह अन्य कृषक भी इन योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।</p>
<p>जिलाधिकारी निशा अनंत ने कहा कि अमेठी में किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है, और इसके तहत विभिन्न योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।</p>
<p><span style="color: #008000"><strong>उद्यान विभाग की योजनाओं का लाभ उठाएं किसान</strong></span></p>
<p>जिला उद्यान अधिकारी ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत अन्य किसानों को भी तकनीकी सहायता और मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भगेलूराम की इस सफलता से जिले के अन्य किसानों को प्रेरणा मिलेगी और वे भी आधुनिक खेती के जरिए अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<item>
		<title>AGRICULTURE : रासायनिक खादों का कम करें प्रयोग, किसानों को जैविक खेती की सलाह</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Sep 2024 15:32:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कृषि]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[किसान गोष्ठी]]></category>
		<category><![CDATA[कृषि गोष्ठी]]></category>
		<category><![CDATA[जैविक खेती]]></category>
		<category><![CDATA[रासायनिक खाद]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>REPORT BY MADHAV BAJPAYEE AMETHI NEWS I स्थानीय ब्लॉक सभागार में सोमवार को खरीफ उत्पादकता...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000"><strong>REPORT BY MADHAV BAJPAYEE </strong></span></p>
<p><em><strong>AMETHI NEWS I</strong></em></p>
<p>स्थानीय ब्लॉक सभागार में सोमवार को खरीफ उत्पादकता गोष्ठी आयोजित हुई। किसानों को योजनाओं की जानकारी के साथ जैविक और प्राकृतिक खेती करने की सलाह दी गई।</p>
<p>कार्यक्रम में भूमि संरक्षण अधिकारी संदीप कुमार , खंड विकास अधिकारी अंजलि सरोज ,सहायक विकास अधिकारी ,कृषि राजकीय बीज भंडार प्रभारी एवं समस्त तकनीकी ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक सहायक तकनीकी प्रबंधक के साथ प्रगतिशील किसान मौजूद थे।</p>
<p>किसानों को संबोधित करते हुए बीडीओ अंजली सरोज ने कहा कि गोबर व हरी खाद का प्रयोग अधिक प्रयोग करने तथा रासायनिक खादों का कम प्रयोग करने की बात कही। भूमि संरक्षण अधिकारी अधिकारी संदीप कुमार ने खरीफ फसलों में रोगों से बचाव के बारे में जानकारी दी।</p>
<p>कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्र सिंह राम प्रताप मौर्य डॉक्टर देवेश पाठक ने पशु पालन के उन्नतिशील तरीकों, बारिश के मौसम में पशुओं में होने वाली बीमारियों और उनसे बचाव के लिए टीकाकरण के बारे में जानकारी दी। एचएफएसएम सलाहकार अशोक दुबे  ने किसानों को मिलने वाले अनुदान की जानकारी दी।</p>
<p>लवकुश पटेल प्राविधिक सहायक कृषि द्वारा किसानों को योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर शेष नाथ , हरिकेश तिवारी, दिनेश द्विवेदी राम जियावान मोहम्मद शकील ,रमाशंकर तिवारी, राम राज यादव, चंद्रिका, विजय बहादुर वर्मा आदि मौजूद रहे।j</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<item>
		<title>AGRICULTURE : पौष्टिक अन्न उत्पादन के लिए मिट्टी में संतुलित खनिज आवश्यक</title>
		<link>https://www.lokdastak.com/archives/20120</link>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 23 Aug 2024 02:44:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कृषि]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[पौष्टिक अन्न उत्पादन]]></category>
		<category><![CDATA[मिट्टी]]></category>
		<category><![CDATA[संतुलित खनिज]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>REPORT BY LOK REPORTER AMETHI NEWS I  पौष्टिक अन्न उत्पादन के लिए कृषि भूमि में...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #ff0000">REPORT BY LOK REPORTER</span></strong></p>
<p><em><strong> AMETHI NEWS I </strong></em></p>
<p>पौष्टिक अन्न उत्पादन के लिए कृषि भूमि में 17 पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है।और यह सभी पोषक तत्व संतुलित मात्रा में हो तभी क्वालिटी वाला अन्न उत्पादित होगा।</p>
<p>यह उद्गार आईटीसी जगदीशपुर इंडस्ट्रियल एरिया के हब इंचार्ज आशीष शुक्ल ने भवन का पुरवा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड टिकरी चौराहा पर एस एम एल के द्वारा आयोजित किसान गोष्ठी में किसानों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।</p>
<p>श्री शुक्ल ने किसानों को बताया कि टिकाऊ खेती के लिए मिट्टी की जांच कराना अति आवश्यक है और जांच की संस्तुति के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग किया जाना हितकर है अन्यथा उर्वरकों के असंतुलित होने से फसल में दुष्परिणाम भी देखने को मिलते हैं।</p>
<p>एस एम एल कम्पनी के फील्ड सुपरवाइजर आरजू शुक्ल ने बताया कि खेती में प्राकृतिक पोषक तत्वों के अलावा लगभग आधा दर्जन मुख्य पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है इसके अलावा सभी सूक्ष्म पोषक तत्वों की मामूली आवश्यकता होती है।</p>
<p>आरजू शुक्ल ने बताया कि एस एम एल कंपनी के मुख्य पोषक तत्वों के कुछ उत्पाद किसानों के लिए अति लाभकारी हैं जिनमें टेक्नो जेड, फर्टीज, कोशावेट सल्फर, क्लो कैप्स प्रमुख हैं।उन्होंने कहा इन उत्पादों के प्रयोग से हमारी मिट्टी पर बुरा असर नहीं पड़ता है।</p>
<p>इस मौके पर फार्म प्रोड्यूसर कंपनी के डायरेक्टर चंद्र प्रकाश शुक्ल, आईटीसी के फील्ड असिस्टेंट शुभम दीक्षित , बृजेंद्र तिवारी, मुलायम सिंह यादव,अवधेश चौरसिया, रमाकांत मिश्र,उमाशंकर शुक्ल आदि बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे ।</p>
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		<item>
		<title>दिशा की बैठक में बोली स्मृति इरानी&#8230;संबंधित अधिकारी विकास कार्यों को तेजी से करें संचालित</title>
		<link>https://www.lokdastak.com/archives/9237</link>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Mar 2023 17:11:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अमेठी]]></category>
		<category><![CDATA[उत्‍तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[Smriti Zubin Irani]]></category>
		<category><![CDATA[किसान]]></category>
		<category><![CDATA[केंद्रीय मंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा)]]></category>
		<category><![CDATA[ड्राप मोर क्राप माइक्रोइरीगेशन योजना]]></category>
		<category><![CDATA[बैठक]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय कृषि विकास योजना]]></category>
		<category><![CDATA[स्प्रिंकलर सेट]]></category>
		<category><![CDATA[स्वीकृति पत्र]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अमेठी I केंद्रीय मंत्री महिला एवं बाल विकास और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय भारत सरकार/सांसद अमेठी ...</p>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/9237">दिशा की बैठक में बोली स्मृति इरानी&#8230;संबंधित अधिकारी विकास कार्यों को तेजी से करें संचालित</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div dir="auto"></div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto"><span style="color: #ffffff">अमेठी I केंद्रीय मंत्री महिला एवं बाल विकास और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय भारत सरकार/सांसद अमेठी  स्मृति जुबिन इरानी जी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित हुई। </span></div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto"><span style="color: #ffffff">बैठक में  राज्यमंत्री संसदीय कार्य चिकित्सा शिक्षा चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण तथा मातृ एवं शिशु कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश/विधायक तिलोई मयंकेश्वर शरण सिंह, सदस्य विधान परिषद शैलेंद्र प्रताप सिंह, गोविंद नारायण शुक्ल, अध्यक्ष जिला पंचायत राजेश अग्रहरी,  विधायक गौरीगंज राकेश प्रताप सिंह, विधायक जगदीशपुर सुरेश पासी, विधायक अमेठी  महाराजी प्रजापति, जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र, पुलिस अधीक्षक डा. इलामारन जी, मुख्य विकास अधिकारी सान्या छाबड़ा, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व एके सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी विमलेंद्रु शेखर, जिला विकास अधिकारी तेजभान सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए आशुतोष दुबे सहित अन्य  जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।</span></div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto"><span style="color: #ffffff">बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, दीनदयाल उपाध्याय योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना, स्वच्छ भारत मिशन, डिजिटल भारत भू अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम, राष्ट्रीय पेयजल कार्यक्रम, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना, अटल मिशन फॉर रिजूवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉरमेशन, स्मार्ट सिटी मिशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, मिड-डे-मील स्कीम, समेकित बाल विकास योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना सहित अन्य योजनाओं की प्रगति पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।</span></div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto"><span style="color: #ffffff">बैठक में सांसद ने विकास कार्यक्रमों को और तेजी से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार ने अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की हैं जिनका सीधा लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए प्रस्ताव व सुझाव पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाए जिससे शिकायत कर्ताओं को इधर-उधर भटकना न पड़े। बैठक में जिलाधिकारी ने सांसद  को आश्वस्त करते हुए कहा कि आप एवं  जनप्रतिनिधियों द्वारा जो भी निर्देश दिए गए हैं उनका संबंधित अधिकारियों से अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।</span></div>
<div dir="auto"><span style="color: #ffffff"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-9238" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230311-WA0664-300x225.jpg" alt="" width="300" height="225" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230311-WA0664-300x225.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230311-WA0664-1024x768.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230311-WA0664-768x576.jpg 768w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230311-WA0664.jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></span></div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto"><span style="color: #ffffff">बैठक से पूर्व  सांसद ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति/प्रमाण पत्र वितरित किए, जिनमें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत 9 लाभार्थियों को साइकिल विद आइस बॉक्स, मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन योजना अंतर्गत वर्ष 2022-23 में 6 किसानों को कृषि यंत्रों पर ₹400000 प्रति किसान को अनुदान एवं एक किसान को कंबाइन हार्वेस्टर विद सुपर एस0एम0एस0 पर 8.56 लाख का अनुदान, 80 दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल, उद्यान विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म उद्योग उन्नयन योजना अंतर्गत 5 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, पर ड्राप मोर क्राप माइक्रोइरीगेशन योजना अंतर्गत 5 किसानों को स्वीकृति पत्र एवं स्प्रिंकलर सेट, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत 10 कृषकों को स्वीकृति पत्र एवं सब्जी बीज वितरित किया।</span></div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto"><span style="color: #ffffff">इस दौरान अधीक्षण अभियंता विद्युत रामप्रीत प्रसाद, जिला समाज कल्याण अधिकारी आरके शर्मा, डीसी मनरेगा सुनील तिवारी, उप निदेशक कृषि सत्येंद्र चौहान, जिला पंचायत राज अधिकारी श्रीकांत यादव, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी नरेंद्र पांडे, जिला उद्यान अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद  रहे I</span></div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto"><span style="color: #ffffff"><strong>ट्रैक्टर की सवारी की स्मृति ईरानी</strong></span></div>
<div dir="auto"><span style="color: #ffffff"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-9239" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230311-WA0662-300x135.jpg" alt="" width="300" height="135" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230311-WA0662-300x135.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230311-WA0662-1024x461.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230311-WA0662-768x346.jpg 768w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230311-WA0662.jpg 1160w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></span><br />
<span style="color: #ffffff">लाभार्थी किसानों को ट्रैक्टर का भी वितरण किया गया I इसी अवसर पर स्मृति ईरानी का अलग अंदाज दिखा I जब स्मृति इरानी ने ट्रैक्टर पर सवारी करने की इच्छा जताई और एक किसान के ट्रैक्टर पर स्वयं तथा उनके साथ योगी सरकार में राज्य मंत्री राजा मयंकेश्वर शरण सिंह भी सवार हुए और ट्रैक्टर की सवारी का लुफ्त उठाया I</span></div>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/9237">दिशा की बैठक में बोली स्मृति इरानी&#8230;संबंधित अधिकारी विकास कार्यों को तेजी से करें संचालित</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>औने-पौने दाम में बेच रहे धान, किसान परेशान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 13 Nov 2022 17:18:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कृषि]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[news]]></category>
		<category><![CDATA[आनलाईन रजिस्ट्रेशन]]></category>
		<category><![CDATA[औने-पौने दाम में बेच रहे धान]]></category>
		<category><![CDATA[किसान परेशान]]></category>
		<category><![CDATA[बंद पड़े ताले]]></category>
		<category><![CDATA[विपणन विभाग]]></category>
		<category><![CDATA[सरकारी धान खरीद केंद्र]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; &#160; अमेठी। विपरीत परिस्थितियों और कड़ी मेहनत के बाद किसानों ने धान की फसल...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अमेठी।<br />
विपरीत परिस्थितियों और कड़ी मेहनत के बाद किसानों ने धान की फसल भले तैयार कर ली हो लेकिन अब जब फसल तैयार हो गई है, तो क्रय केंद्रों के अभाव के कारण और तकनीकी दांव पेंचों के चलते आम किसानो के धान की खरीद नहीं हो पा रही है। भोले भाले किसान औने-पौने दाम में अपनी उपज बिचौलियों को धान बेचने को मजबूर हैं। हाड़तोड़ मेहनत के बाद किसानों ने धान की फसल तैयार की। अब जब फसल तैयार हो गई है, लेकिन किसानों से धान खरीद नहीं हो रही है। फसल बुवाई की जल्दबाजी में बेचारे किसान औने-पौने दाम में बिचौलियों को अपनी धान की उपज बेचने को मजबूर हैं। इस बार भी किसानों से धान खरीदने के लिए सरकार ने 2040 रू प्रति कुंतल समर्थन मूल्य की घोषणा भी कर रखी है। सरकारी समर्थन मूल्य 2040 रुपया निर्धारित है, लेकिन धान खरीद सुचारू रूप से शुरू नहीं होने से किसान 1500-1700 रुपए क्विंटल गांव में फेरी वाले व्यापारियों के हाथों बेचने को मजबूर हैं। ताकि रबी फसल की तैयारी कर सके। पिछले सीजन में पहले सूखे बाद में भारी बरसात से फसलें भी खराब हुई हैं कुछ किसानों को इस बारिश के कारण धान की अच्छी फसल हुई है।</p>
<p><strong>किसानों को धान बेचने के पड़े हैं लाले, खरीद केंद्र पर पड़े हैं ताले </strong></p>
<p>किसान धान बेचने के लिए पंजीकरण भी करा चुके हैं लेकिन, खरीद केंद्र के नाम पर मात्र एक विपणन का सिंहपुर एक दिन पूर्व शुरू हुआ है। दूसरा एफसीआई का (धीरापुर) पन्हौना साधन सहकारी समिति और साधन सहकारी समिति फूला कुल मिलाकर तीन केंद्र हैं जबकि पिछले वर्ष सात खरीद केंद्र थे। कुल मिलाकर सरकारी खरीद केंद्रों पर सुचारू रूप से खरीद शुरू नहीं हो सकी है। साथ ही अभी तक पूरे क्षेत्र में हवा बनी है सरकारी धान खरीद केंद्रों पर सिर्फ मंसूरी धान की खरीद की बात कही जा रही है। पूरे विकास क्षेत्र में कई स्थानों पर धान की कटाई जारी है। कई जगह किसान फसल तैयार कर सरकार की ओर मुंह ताक रहे हैं। अब तक में मात्र विपणन विभाग के धान क्रय केंद्र पर 10 नवंबर गुरुवार को धान खरीद शुरू हुई है और अब तक मात्र 64 कुंतल धान की खरीद हुई है। बाकी दो अन्य क्रय केंद्रों साधन सहकारी समिति फूला और साधन सहकारी समिति धीरापुर में खरीद शुरू नहीं हुई है।</p>
<p><strong>बिचौलियों की है चांदी </strong></p>
<p>धान बेचने के लिए पंजीयन से लेकर क्रय केंद्रों तक के चक्कर लगाने से पिछले वर्ष परेशान रहे किसान घिसियावन चौरसिया बताते हैं कि इन केंद्रों पर सिर्फ मंसूरी धान की खरीद होती है अन्य प्रजाति के धान खरीद में हीला हवाली होती है और परेशान होकर किसान अधिक मूल्य पर सरकारी क्रय केंद्र में धान बेचने की उम्मीद छोड़कर बिचौलियों के हाथो मात्र 1500 से 1700 रुपए क्विंटल की दर से धान बेचने को मजबूर हैं। इस वर्ष धान की खरीद का सरकारी दर 2040 रुपए प्रति क्विंटल है परंतु प्रक्रिया की पेचिदगी के कारण किसान सरकारी क्रय केंद्रों में नही बेचना चाह रहे हैं। बिचौलिया गांव में घूम कर 1500-1700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रहे हैं।</p>
<p><strong>धान</strong> <strong>किसानों का क्या कहना है</strong></p>
<p>किसान मंशाराम का कहना है कि <span style="color: #ff0000"><strong>&#8220;सरकारी कांटा पै धान बेंचय खातिर बड़े पापड़ बेलय का परत हैं पीछे साल मा धान बेंचय खातिर दुई महीना चक्कर लगाएन फिरिउ धान न बिका गांव मा फेरी वाले के हाथ 300 रुपया कम मा बेंचय का परा&#8221;</strong></span> कुल मिलाकर मंशाराम की माने तो आम आदमी को जिन प्रक्रियाओं से गुजर कर धान बेचना है उससे तो बेहतर है कि कम दाम में नगद बेच लिया जाए। क्षेत्र के किसानों ने धान बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा दिया है। गुरुवार से विपणन विभाग के एक मात्र खरीद केंद्र पर क्रय कार्य शुरू किया है। 2040 रुपए प्रति कुंतल सरकारी धान खरीद मूल्य है इसलिए हर किसान अपनी उपज सरकारी क्रय केंद्र पर बेचना चाहता है लेकिन क्रय केंद्रों के अभाव और इन सरकारी क्रय केंद्रों पर मंसूरी धान खरीद को ही प्राथमिकता दी जा रही है ऐसे में छोटे किसानों को सरकारी खरीद का लाभ मिलना दूर की कौड़ी है।</p>
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		<title>&#8220;जे खाय चना ते रहै बना&#8221; की कहावत चरितार्थ करती है लाभकारी फसल चना</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Nov 2022 09:50:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कृषि]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[किसान]]></category>
		<category><![CDATA[कृषि विशेषज्ञ]]></category>
		<category><![CDATA[केंद्र]]></category>
		<category><![CDATA[चने की खेती]]></category>
		<category><![CDATA[लाभकारी फसल]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; चने की खेती रवी की महत्वपूर्ण और लाभकारी फसल है I पहले साग फिर...</p>
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<p>चने की खेती रवी की महत्वपूर्ण और लाभकारी फसल है I पहले साग फिर हरे दानों की सब्जी फिर चने का खाने में बहु उपयोगी है I चने की जड़ों से बढ़ती है खेतों की उर्वराशक्ति बढ़ती है I चने के बारे में पुरानी गंवई कहावत है कि &#8220;जे खाय चना ते रहै बना&#8221; अर्थात चना खाने से आदमी हमेशा स्वस्थ रहता है।कुछ लोग तो चने को पेट का खरहरा भी कहते हैं अर्थात पेट की सफाई वाला अनाज कहते हैं इसीलिए आज के फैशन में मल्टी ग्रेन आटा में भी चने का अवश्य मिश्रण होता है। चना एक सबसे महत्वपूर्ण दलहनी फसल मानी जाती है। चने के पौधे की हरी पत्तियां साग और फलने पर हरा सूखा दाना सब्जियां बनाने में प्रयुक्त होता है।चने के दाने से अलग किए हुए छिलके को पशु चाव से खाते हैं।चने की फसल आगामी फसलों के लिए मिट्टी में नाइट्रोजन स्थिर करती है, इससे खेत की उर्वरा शक्ति भी बढ़ती है। सरकार चने की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को तरह तरह की सहूलियतें भी दे रही है। चना देश की सबसे महत्वपूर्ण दलहनी फसल है। चने को दालों का राजा भी कहा जाता है। पोषक मानक की दृष्टि से चने के 100 ग्राम दाने में औसतन 11 ग्राम पानी, 21.1 ग्राम प्रोटीन, 4.5 ग्राम वसा, 61.65 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, पाया जाता है रबी मौसम में इसकी खेती की जाती है। अक्टूबर और नवंबर का महीना इसकी बुवाई के लिए अच्छा माना गया है। इसकी खेती के लिए सर्दी वाले क्षेत्र को सर्वाधिक उपयुक्त माना गया है।इसकी खेती के लिए 24 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान उपयुक्त है। खास बात यह है कि चने की खेती हल्की से भारी मिट्टी में भी की जा सकती है। लेकिन चने के अच्छे विकास के लिए 5.5 से 7 पीएच वाली मिट्टी अच्छी मानी गई है इसलिए चने की बुआई करने से पहले मिट्टी का शोधन जरूरी है।<br />
चने की खेती के लिए इन बातो का ध्यान रखना जरूरी है। किसी भी फसल की खेती करने से पहले मिट्टी को शोधन जरूरी माना गया है। इसलिए यह नियम चने की खेती पर भी लागू होता है क्योंकि चने की फसल में कई प्रकार के रोग लग जाते हैं ऐसे में चने की बुआई करने से पहले मिट्टी शोधन जरूरी है किसानों को खेती की आखिरी जुताई करने से पहले दीमक व कटवर्म से बचाव के लिए मिट्टी में क्युनालफॉस 1.5 प्रतिशत चूर्ण 6 किलो प्रति बीघे के हिसाब से मिला देना चाहिए. फिर, दीमक नियंत्रण के लिए बिजाई से पहले 400 मिली क्लोरोपाइरिफॉस 20 ई सी या 200 मिली इमिडाक्लोप्रीड 17.8 एसएल की 5 लीटर पानी का घोल बनाकर तैरायर कर लें। फिर, 100 किलो बीज को उस घोल में अच्छी तरह से मिला दें ऐसा करने से फसल अच्छी होती है।इसी तरह जड़ गलन और उखटा रोग की समस्या से बचने के लिए बुवाई से ट्राइकोडर्मा हरजेनियम और स्यूडोमोनास फ्लोरेसेंस जैव उर्वरक का उपयोग करना लाभकारी होगा।चने की प्रजातियों पर चर्चा करते हुए बताया कि देशी छोटे दानों वाली किस्मों की 65 से 75 कि.ग्रा.प्रति हे हेक्टेयर यह प्रजातियां हैं जे.जी. 315, जे.जी.74, जे.जी.322, जे.जी.12, जे.जी. 63, जे.जी.<br />
मध्यम दानों वाली किस्मों का 75-80 कि.ग्रा. प्रति हेक्टेयर जे.जी. 130, जे.जी. 11, जे.जी. 14, जे.जी. और<br />
काबुली चने की किस्मों का 100 कि.ग्रा. प्रति हेक्टेयर की दर से बुवाई की जानी है और इसकी प्रजातियां जे.जी.के 1, जे.जी.के 2, जे.जी.के 3 हैं। चने में एक से दो सिंचाई की अवस्यकता होती है वह भी बहुत हल्की।यदि ह्योंती का पानी ऊपर वाला दे दे तो एक ही सिंचाई पर्याप्त है।</p>
<p><strong>डा0 रतन कुमार आनंद </strong></p>
<p><strong>(कृषि विशेषज्ञ- प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र कठौरा)</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
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