AMETHI NEWS : वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को लेकर डीएम सख्त, हर विभाग को मासिक लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश
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लोक दस्तक संवाददाता
कृषि उत्पादकता बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन पर जोर, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही
अमेठी, उप्र ।
उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर (एक लाख करोड़ डॉलर) की अर्थव्यवस्था बनाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शशांक चौधरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला ओटीडी (वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी) सेल की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जनपद के आर्थिक विकास को गति देने, विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहित करने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का लक्ष्य प्रदेश के समग्र आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है। इसकी प्राप्ति के लिए सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रभावी कार्ययोजना बनाकर परिणामोन्मुखी प्रयास करने होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपनी कार्ययोजना के तहत मासिक लक्ष्य निर्धारित करे और निर्धारित समयसीमा में उनकी पूर्ति सुनिश्चित करे। कार्यों में शिथिलता, लापरवाही अथवा अपेक्षित प्रगति न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में कृषि एवं संबद्ध विभागों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए।
उन्होंने आधुनिक सिंचाई तकनीकों, उन्नत बीजों, ड्रोन तकनीक तथा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। साथ ही दलहन एवं तिलहन फसलों की घटती उत्पादकता के संबंध में विशेष कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि कृषि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में योगदान बढ़ाया जा सके। जिलाधिकारी ने उद्योग विभाग को जनपद में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देने, औद्योगिक भूमि आवंटन की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा निवेश आकर्षित करने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपंजीकृत कारखानों एवं प्रतिष्ठानों को पंजीकरण के दायरे में लाने के लिए अभियान चलाने तथा जीएसटी राजस्व में वृद्धि के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि जनपद में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और निवेश संबंधी संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
बैठक में राजस्व संग्रह, रोजगार सृजन तथा ऋण-जमा अनुपात में सुधार को आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण आधार बताते हुए जिलाधिकारी ने बैंकिंग संस्थानों को सरकारी योजनाओं के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में आर्थिक विकास से संबंधित गतिविधियों की नियमित समीक्षा करें। विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने, रोजगार के अवसर बढ़ाने, उत्पादन एवं राजस्व में वृद्धि करने तथा विकास कार्यों को गति देने के लिए ठोस एवं समयबद्ध कार्ययोजना के अनुसार काम किया जाए।
बैठक में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी पन्नालाल ने जिला ओटीडी सेल के गठन, उद्देश्यों एवं दायित्वों के संबंध में जानकारी दी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ओटीडी सेल के माध्यम से प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से ही जनपद अमेठी को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य में प्रभावी योगदान देने की दिशा में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी पन्नालाल सहित जिला ओटीडी सेल के सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने की समीक्षा, सिंगल फैमिली आईडी को पूर्ण फैमिली आईडी में परिवर्तित करने के दिए निर्देश
जिलाधिकारी शशांक चौधरी की अध्यक्षता में शुक्रवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में फैमिली आईडी—एक परिवार, एक पहचान योजना की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, फैमिली आईडी निर्माण में तेजी लाने तथा पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद में जिन परिवारों के राशन कार्ड नहीं बने हैं, उन परिवारों की फैमिली आईडी प्राथमिकता के आधार पर बनाई जाए। उन्होंने कहा कि राशन कार्डधारक परिवारों को छोड़कर शेष सभी पात्र परिवारों की फैमिली आईडी बनाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रत्येक परिवार की एक विशिष्ट पहचान स्थापित हो सके और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा सके।
जिलाधिकारी ने पूर्व में बनाई गई सिंगल फैमिली आईडी की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ऐसी आईडी को परिवार के अन्य सदस्यों के विवरण के साथ समेकित कर पूर्ण फैमिली आईडी के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार के किसी भी सदस्य का विवरण छूटने न पाए।
इसके लिए 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों, वयस्कों और नौकरीपेशा व्यक्तियों सहित परिवार के सभी सदस्यों का विवरण चिह्नित करते हुए उन्हें फैमिली आईडी में शामिल करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने समस्त खंड विकास अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि फैमिली आईडी के निर्माण एवं अद्यतन के लिए अभियान चलाकर कार्यवाही में तेजी लाई जाए। उन्होंने निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने तथा प्रगति की नियमित समीक्षा करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि फैमिली आईडी योजना का उद्देश्य परिवारों की एकीकृत पहचान स्थापित करना है, जिससे पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा हो।इसलिए सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करें, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी पन्नालाल, डीसी एनआरएलएम प्रवीणा शुक्ला सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं समस्त खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।



