Police Commemoration Day : पुलिस के अमर शहीद जवानों को श्रद्धा-सुमन अर्पित कर दी गई श्रद्धांजलि
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रिपोर्ट -लोक दस्तक संवाददाता
पुलिस के अमर शहीद जवानों को श्रद्धा-सुमन (पुष्प चक्र) अर्पित करते हुए दी गई श्रद्धांजलि
अमेठी, उत्तर प्रदेश ।
पुलिस स्मृति दिवस-2026 के अवसर पर पुलिस लाइन अमेठी में शहीद पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. ने पुष्पचक्र अर्पित कर कर्तव्यपथ पर अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों को नमन किया और सलामी दी।
इस दौरान उन्होंने पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के संदेश से उपस्थित पुलिसकर्मियों को अवगत कराया। साथ ही विगत एक वर्ष में कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए उनके बलिदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
यह दिवस देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर जवानों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है।
इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक अमेठी ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह, समस्त क्षेत्राधिकारीगण, प्रतिसार निरीक्षक, समस्त थाना प्रभारी व अन्य पुलिस अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।
क्यों आज के दिन मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस…
21 अक्टूबर 1959 का दिन था, लद्दाख के हॉट-स्प्रिंग के पास CRPF (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) की पेट्रोलिंग पार्टी के तीन ऑफिसर्स को भारत-तिब्बत बॉर्डर पर चीनी सैनिकों ने अपनी हिरासत में ले लिया, अगले दिन जब उनकी तलाश में सीआरपीएफ की टीमें गई तो उन पर पहले से घात लगाकर बैठे चीनी सैनिकों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी ।
सीआरपीएफ के जवानों ने भी उस हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया लेकिन अचानक हुए हमले में सीआरपीएफ के 10 जवान शहीद हो गए तथा सात अन्य जवान घायल हो गए, उसी दिन से उन 10 वीर सीआरपीएफ जवानों की शहादत को याद करते हुए प्रत्येक वर्ष संपूर्ण भारत वर्ष में 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है ।
जनवरी 1960 में भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिरीक्षकों की वार्षिक बैठक में लिए गए निर्णय के बाद से “प्रत्येक वर्ष ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले और लद्दाख में शहीद हुए वीर पुलिसकर्मियों के बलिदान के सम्मान में हर वर्ष 21 अक्टूबर को (पुलिस स्मृति दिवस) नेशनल पुलिस डे मनाया जाता है ।”
जो देश की खातिर मिट गए
वो अमर कहानी बन गए,
मातृभूमि की रक्षा में, वो कुर्बानी बन गए ।
उनके लहू से सींची है आज़ादी की ये धरा,
ऐसे वीर शहीदों को शत्-शत् नमन हमारा ।



