मेघालय में UDP को बड़ा झटका, 12 में से 11 विधायकों ने छोड़ी पार्टी; भाजपा की ताकत 2 से 10 और NPP की 33 से 36 हुई।
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मेघालय में UDP को बड़ा झटका, 12 में से 11 विधायकों ने छोड़ी पार्टी; भाजपा की ताकत 10 और NPP की 36 हुई
लोक दस्तक
शिलांग। मेघालय की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। राज्य की प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) को ऐसा राजनीतिक झटका लगा है, जिससे उसका विधानसभा में लगभग सफाया हो गया है। पार्टी के कुल 12 विधायकों में से 11 ने अपना राजनीतिक पाला बदल लिया है। इनमें आठ विधायक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए, जबकि तीन विधायकों ने नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) का दामन थाम लिया। इस घटनाक्रम के बाद UDP के पास विधानसभा में केवल एक विधायक बचा है।
विधायकों के इस बदलाव से राज्य की राजनीतिक तस्वीर भी बदल गई है। विधानसभा में भाजपा की सदस्य संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई है, जबकि मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व वाली NPP की ताकत 33 से बढ़कर 36 विधायकों तक पहुंच गई है। दोनों दल मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (MDA) सरकार का हिस्सा हैं।

भाजपा में शामिल होने वाले आठ विधायकों में लहकमेन रिंबुई, किरमेन शायला, पियस मारवीन, मायरेलबार्न सिएम, मैथ्यू बियोंडस्टार कुर्बाह, ओलान सिंह सुइन, बालाजिएड कुफर सीनरेम और सिनशार कुफर रॉय लिंगदोह थाबा शामिल हैं।
वहीं, NPP में शामिल होने वाले तीन विधायकों में पॉल लिंगदोह, रेनिक्टन लिंगदोह टोंगखार और नुजोरकी सुंगोह के नाम शामिल हैं। विधानसभा अध्यक्ष की ओर से दोनों विलयों को मान्यता मिलने के बाद सदन में दलों की संख्या का नया समीकरण सामने आया है।
इस घटनाक्रम का सबसे बड़ा राजनीतिक असर UDP अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री मेतबाह लिंगदोह पर पड़ा है। पार्टी के 11 विधायकों के अलग होने के बाद वह विधानसभा में अपने दल के अकेले प्रतिनिधि रह गए। इसके बाद उन्होंने 31 अक्टूबर को मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में UDP ने 12 सीटें जीतकर राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी जगह बनाई थी। लेकिन कुछ ही वर्षों में पार्टी की यह राजनीतिक ताकत महज एक विधायक तक सिमट गई। इस घटनाक्रम ने मेघालय की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे दिया है।



