अर्नब चक्रवात का कहर, किसानों की बढ़ी चिंता
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मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की बढ़ाई चिंता।
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अर्नब चक्रवात का कहर, किसानों की बढ़ी चिंता; कैसे होगी नुकसान की भरपाई?
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बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से धान की कटाई प्रभावित, आलू और सरसों की बुआई पिछड़ने का खतरा
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लोक दस्तक/अमेठी।
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जिले में अर्नब चक्रवात का असर अब किसानों की फसलों पर दिखाई देने लगा है। सुबह से हो रही बारिश ने खेती-किसानी की व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। खेतों में अगेती धान की कटाई जोरों पर चल रही थी। किसान कोई हाथ से तो कोई मशीनों के जरिए फसल काटने में जुटा था, लेकिन अचानक बदले मौसम ने कटाई का काम ठप कर दिया है।
- किसानों के मुताबिक, देर से तैयार होने वाली मंसूरी जैसी धान की प्रजातियों को फिलहाल बारिश से उतना नुकसान नहीं है, लेकिन लगातार बारिश के साथ चल रही तेज हवाएं इनके लिए भी खतरा बन सकती हैं। बालियां आने के समय तेज हवा से धान के पौधों के गिरने की आशंका बढ़ जाती है। फसल गिरने से उत्पादन प्रभावित होने के साथ किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
- वहीं, बारिश के कारण आलू की बुआई पिछड़ने की आशंका है। जिन किसानों ने आलू की बुआई कर दी है, उन्हें अधिक बारिश के चलते बीज के सड़ने का डर सता रहा है। इसके अलावा सरसों की बुआई भी प्रभावित होने की संभावना है।
- किसान महेश, सोमवार नारायण सिंह, जय नारायण त्रिपाठी, विनोद मिश्र और सूरजलाल मौर्य का कहना है कि मौसम के अचानक बदले मिजाज ने उनकी मेहनत और लागत दोनों पर संकट खड़ा कर दिया है। यदि बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहा तो धान के साथ रबी की फसलों को भी नुकसान हो सकता है।
- अब किसानों की निगाहें मौसम के रुख और प्रशासन की ओर से मिलने वाली सहायता पर टिकी हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि इस प्राकृतिक आपदा से फसलों को नुकसान होता है तो उसकी भरपाई कैसे होगी और किसानों को राहत कब मिलेगी?



