Court Rulings : कोर्ट ने दिए कई अहम फैसले, दरोगा पर होगी FIR
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रिपोर्ट – अंकुश यादव
सुल्तानपुर, उप्र।
रिटायर्ड सूबेदार मेजर सहित दो की 13 तक बढ़ी हिरासत
अधिवक्ता आजाद हत्याकांड में एसओ कोतवाली देहात हुए तलब
अधिवक्ता आजाद अहमद हत्याकांड में घटना के करीब तीन साल बाद अग्रेतर विवेचना के दौरान प्रकाश में नाम आने पर जेल भेजे गए रिटायर्ड सूबेदार मेजर मंसूर अहमद व सह आरोपी सारिज उर्फ अल्तमस की न्यायिक हिरासत पर बृहस्पतिवार को सीजेएम कोर्ट में फिर सुनवाई हुई।
इस दौरान विवेचक धर्मवीर सिंह कोर्ट के आदेश पर अभिलेखो के साथ तलब हुए। सीजेएम नवनीत सिंह ने उन्हें उचित निर्देश जारी करते हुए दोनों आरोपियो की न्यायिक हिरासत 13 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है।
कोतवाली देहात के भुलकी चौराहे के पास छह अगस्त साल 2023 को स्थानीय थाने के रहने वाले अधिवक्ता आजाद अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक अधिवक्ता के पिता मो.सलीम ने आरोपी इकरामुद्दीन समेत अन्य के खिलाफ स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले में आरोपियो के खिलाफ एफटीसी द्वितीय की कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। मामले का मुख्य आरोपी ईनामी सिराज अहमद पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है,जबकि अन्य आरोपियो के खिलाफ ट्रायल जारी है। मामले में अज्ञात आरोपियो के खिलाफ अग्रेतर जांच प्रचलित चल रही थी।
जिसके दौरान थाना प्रभारी कोतवाली देहात धर्मवीर सिंह ने कोतवाली नगर के रहने वाले पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हिस्ट्रीशीटर सिराज अहमद के पिता रिटायर्ड सूबेदार मेजर मंसूर अहमद व रिश्तेदार सारिज उर्फ अल्तमश का नाम प्रकाश में लाते हुए उन्हें गिरफ्तार कर गत 17 सितंबर को अदालत में पेश किया था।
रिमांड पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए पुलिस के जरिए दर्शाए गए गिरफ्तारी स्थल व अन्य कार्रवाईयो पर सवाल उठाया है। मामले में आरोपियो की न्यायिक रिमांड पर कई तिथियों से सुनवाई लम्बित चल रही है।
संग्रह अमीन हत्याकांड में आरोपी की मौका अर्जी खारिज
संग्रह अमीन हत्याकांड में बृहस्पतिवार को एडीजे प्रथम की अदालत में आरोपियो के सफाई साक्ष्य पर सुनवाई के लिए तारीख नियत रही। मामले में आरोपी जलालुद्दीन व मुईनुद्दीन की तरफ से एक दिन पूर्व सफाई साक्षी जावेद अहमद की गवाही दर्ज कराने एवं दूसरे साक्षी मोहम्मद गौस को बीमार होने की वजह से गवाही के लिए नहीं आ पाने का तर्क रखते हुए अवसर दिए जाने की मांग की गई।
फिलहाल जज संध्या चौधरी की अदालत ने आरोपियो की तरफ से पेश की गई अर्जी को खारिज कर दिया है। बचाव पक्ष ने गलत आर्डर शीट भी लिखने का आरोप लगाया है।अदालत ने मामले मे अगली सुनवाई के लिए छह अक्टूबर की तारीख तय किया है।
अमेठी जिले के मुसाफिरखाना कोतवाली के भद्दौर गांव के रहने वाले सुरेश यादव व उनके भतीजे बृजेश यादव की 27 फरवरी साल 2023 को चुनावी रंजिश में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
मामले में जलालुद्दीन सहित कुल तेरह आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में पुलिस ने आरोप-पत्र दाखिल किया है। मामले का ट्रायल एडीजे प्रथम की कोर्ट में चल रहा है।
सीजेएम कोर्ट ने एसआई के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का दिया आदेश
स्थगन के बावजूद विवादित भूमि पर हो रहे निर्माण की शिकायत पर निर्माण कार्य रोकने के बजाय पीड़ित पक्ष से अभद्र भाषा का प्रयोग करने एवं एनकाउंटर की धमकी देने समेत अन्य आरोपो से जुड़े मामले में चांदा थाने के तत्कालीन एसआई राजेश राव के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह की अदालत ने संज्ञान लिया है।
बृहस्पतिवार को सामने आए आदेश में सीजेएम कोर्ट ने जिला जज कोर्ट से स्वीकार की गई निगरानी याचिका के आदेश में दिए गए निर्देशो एवं पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों से मिली आख्या तथा उपलब्ध साक्ष्यों पर संज्ञान लेते हुए आरोपी उपनिरीक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच के लिए थाना प्रभारी चांदा को आदेश जारी किया है
चांदा थाने के प्रतापपुर कमैचा के रहने वाले अनिल कुमार मौर्य ने 21 मार्च साल 2025 की घटना बताते हुए स्थानीय थाने में तैनात तत्कालीन उपनिरीक्षक राजेश राव के प्राथमिकी दर्ज कराने व निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सीजेएम कोर्ट में अर्जी पेश किया था। वादी के आरोप के मुताबिक उनकी स्टे की जमीन पर गांव के ही विपक्षी जबरन निर्माण कर रहे थे।
अभियोगी की शिकायत पर दरोगा राजेश राव मौके पर पहुँचे। अभियोगी के मुताबिक आरोपी दरोगा ने निर्माण कार्य रुकवाने के बजाय उनके प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उनकी जमीन पर कब्जा करा देने व अभियोगी का एनकाउंटर कर देने की भी धमकी दिया। अभियोगी के मुताबिक उन्होंने दरोगा की धमकी को मोबाइल में रिकार्ड कर लिया था।
मामले में दरोगा के खिलाफ पुलिस अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर अभियोगी ने कोर्ट की शरण लिया था। फिलहाल मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं मानते हुए पूर्व में अभियोगी की अर्जी खारिज कर दिया था। इस आदेश को अभियोगी ने जिला जज कोर्ट में चुनौती दिया था।
जिला जज ने गत 20 जून को अभियोगी की निगरानी याचिका स्वीकार करते हुए सीजेएम कोर्ट को दोबारा सुनवाई करते हुए गुण-दोष के आधार पर निस्तारण करने का निर्देश दिया था। सीजेएम कोर्ट ने दोबारा हुई सुनवाई में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर अभियोगी की अर्जी स्वीकार कर लिया है,जिससे आरोपी एसआई की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है।

