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	<title>Agricultural Archives - Lok Dastak</title>
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	<description>Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi.Lok Dastak</description>
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	<title>Agricultural Archives - Lok Dastak</title>
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		<title>Agricultural : प्राकृतिक और जैविक खेती शुरू करें किसान &#8211; डॉ रेनू सिंह</title>
		<link>https://www.lokdastak.com/archives/25303</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 31 Dec 2025 15:51:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कृषि]]></category>
		<category><![CDATA[Agricultural]]></category>
		<category><![CDATA[किसान]]></category>
		<category><![CDATA[कृषि वैज्ञानिक]]></category>
		<category><![CDATA[जैविक खेती]]></category>
		<category><![CDATA[डॉ रेनू सिंह]]></category>
		<category><![CDATA[प्राकृतिक]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; रिपोर्ट &#8211; ए. एस. भदौरिया अमेठी, उप्र। तहसील तिलोई पन्हौना गांव स्थित किसान कल्याण...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<h3><strong><span style="color: #ff0000">रिपोर्ट &#8211; ए. एस. भदौरिया</span></strong></h3>
<h3><strong>अमेठी, उप्र।</strong></h3>
<p>तहसील तिलोई पन्हौना गांव स्थित किसान कल्याण केंद्र पर विकास खंड स्तरीय रबी गोष्ठी का आयोजन कृषि विभाग द्वारा रबी फसलों के मौसम में किसानों को आधुनिक खेती, सरकारी योजनाओं (जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा), उन्नत बीज, खाद उपयोग, कीट नियंत्रण और वैज्ञानिक विधियों (जैसे जैविक खेती, सोलर पंप) की जानकारी देने और उनकी आय बढ़ाने पर चर्चा के साथ हुआ।</p>
<p>गोष्ठी में कृषि वैज्ञानिक और कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों को जानकारी दी। और उनकी समस्याओं का समाधान बताया। कृषि विज्ञान केंद्र की कृषि वैज्ञानिक डॉ रेनू सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए बताया कि अब समय आ गया है कि हम किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती की तरफ जाना होगा क्योंकि लगातार रासायनिक उर्वरकों कीटनाशकों और खरपतवारों के अंधाधुंध उपयोग से जमीन ही नहीं दूषित हुई है।</p>
<p>उसमें से पैदा होने वाले अनाज भी दूषित हैं जो तरह तरह की बीमारियां पैदा कर रहे हैं।राजकीय बीज गोदाम के प्रभारी एवं फसल सुरक्षा के कृषि बैज्ञानिक डा पवन कुमार वर्मा ने बताया कि इस बार ठंडी अच्छी पड़ रही है ऐसे में गेहूं के साथ ही अन्य फसलों की अच्छी पैदावार की संभावना है।सिर्फ समय पर सिंचाई,उर्वरक प्रयोग और खर पतवार नियंत्रण समय से करें।</p>
<p>गोष्ठी के दौरान ट्रैक्टर खरीद पर चार लाख का अनुदान पाने वाले किसान अब्दुल वाहिद को मंडल अध्यक्ष सत्यनारायण सिंह ने चाबी सौंपी।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंडल अध्यक्ष सत्यनारायण सिंह रहे।इस मौके पर एस बी सिंह,आनंद तिवारी,अशोक सिंह,पप्पू तिवारी,उमाशंकर शुक्ल,राम गोपाल सिंह,राकेश यादव,राम अनुज आदि बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।</p>
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		<item>
		<title>Agricultural Development : जिलाधिकारी ने कृषि विकास की रूपरेखा पेश की, वैज्ञानिकों संग साझा किया विज़न</title>
		<link>https://www.lokdastak.com/archives/24153</link>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 Aug 2025 11:49:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कृषि]]></category>
		<category><![CDATA[Agricultural]]></category>
		<category><![CDATA[AMETHI]]></category>
		<category><![CDATA[CELEBRATION]]></category>
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		<category><![CDATA[कृषि विकास]]></category>
		<category><![CDATA[जिलाधिकारी]]></category>
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		<category><![CDATA[साझा]]></category>
		<category><![CDATA[सीडीओ]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; REPORT BY LOK REPORTER AMETHI NEWS। कृषि विज्ञान केंद्र, कठौरा में आज जिलाधिकारी संजय...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p><span style="color: #ff0000"><strong>REPORT BY LOK REPORTER</strong></span></p>
<p><em><strong>AMETHI NEWS।</strong></em></p>
<p>कृषि विज्ञान केंद्र, कठौरा में आज जिलाधिकारी संजय चौहान की अध्यक्षता में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की तृतीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में कृषि वैज्ञानिक, प्रशासनिक अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे। बैठक में जनपद के किसानों के बीच उन्नत कृषि तकनीकी का प्रसार, मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा, पशुपालन का विकास, नर्सरी स्थापना, व्यावसायिक प्रशिक्षण और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ किसानों तक पहुंचाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।</p>
<p>बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि वैज्ञानिक एवं प्रशासनिक अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए शासन की योजनाओं और नवीनतम कृषि तकनीकी को सीधे किसानों के दरवाजे तक पहुंचाएं। उन्होंने विशेष रूप से मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती पर जोर देते हुए कहा कि इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि यह पोषण सुरक्षा एवं जलवायु अनुकूल कृषि को भी बढ़ावा देगा। उन्होंने निर्देश दिया कि जो किसान पहले से मोटे अनाज की खेती कर रहे हैं, वे अन्य किसानों को भी इसके लिए प्रेरित करें और उनकी आवश्यकता अनुसार बीज एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराएं।</p>
<p>पशुपालन को बढ़ावा देने पर भी विशेष चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि अधिक से अधिक किसानों को पशुपालन के लिए प्रोत्साहित किया जाए और उन्हें आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण एवं संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को समय-समय पर नवीनतम कृषि आधारित प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे बदलते मौसम और बाजार की मांग के अनुसार खेती में सुधार कर सकें। साथ ही सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं—जैसे कि फसल बीमा, सिंचाई, उर्वरक, यांत्रिकरण और बागवानी योजनाओं—की जानकारी किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए।</p>
<p>बैठक में जिलाधिकारी ने एक समन्वय समिति गठित करने के निर्देश दिए, जिसमें कृषि वैज्ञानिक, कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रशासनिक अधिकारी एवं किसानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस समिति की मॉनिटरिंग मुख्य विकास अधिकारी द्वारा की जाएगी। समिति का दायित्व होगा कि जनपद के सभी क्षेत्रों में किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और शासन की योजनाओं की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए। बैठक में उपस्थित कृषि वैज्ञानिकों ने विभिन्न तकनीकी समाधानों और नवीन प्रयोगों की जानकारी साझा की।<img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-24154" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250812-WA0021.jpg" alt="" width="1024" height="472" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250812-WA0021.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250812-WA0021-300x138.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250812-WA0021-768x354.jpg 768w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></p>
<p>इनमें जलवायु अनुकूल फसलों का चयन, कीट एवं रोग नियंत्रण के जैविक तरीके, आधुनिक सिंचाई पद्धतियां और फसल विविधीकरण के लाभ शामिल थे। नर्सरी स्थापना, समूह प्रदर्शन और नवयुवक-युवतियों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण पर भी विस्तृत चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि यह जनपद के आर्थिक एवं सामाजिक विकास की रीढ़ है। ऐसे में कृषि से जुड़े सभी विभाग और वैज्ञानिक मिलकर कार्य करें, ताकि किसानों को वास्तविक लाभ मिले और उनकी उत्पादन क्षमता एवं आय में सतत वृद्धि हो।</p>
<p>बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सूरज पटेल, आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के प्रसार निदेशक डॉ राम बटुक सिंह, उप कृषि निदेशक सत्येंद्र कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जी.के. शुक्ला, जिला उद्यान अधिकारी रणवीर सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र कठौरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष नवनीत कुमार मिश्र, सीटेड के निदेशक संजय सिंह सहित अन्य अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक एवं किसान मौजूद रहे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong><span style="color: #ff6600">पारिस्थितिकीय संसाधनों द्वारा कीट/रोग नियंत्रण योजना के तहत कृषकों को कृषि रक्षा यंत्र व बखारियों हेतु आवेदन प्रारम्भ</span></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2025-26 के अंतर्गत पारिस्थितिकीय संसाधनों द्वारा कीट/रोग नियंत्रण योजना के तहत लघु एवं सीमान्त कृषकों को कृषि रक्षा यंत्र (हैंड स्प्रेयर, फुट स्प्रेयर, नैपसेक, पावर स्प्रेयर आदि) तथा अन्न सुरक्षा हेतु 2, 3 एवं 5 कुंटल क्षमता की बखारियों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं।</p>
<p>इच्छुक किसान विभागीय दर्शन पोर्टल www.agridarshan.up.gov.in पर “यंत्र” लिंक के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान पोर्टल पर दर्ज मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त कर प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यदि दर्ज नंबर बंद है तो आवेदक अपने नए नंबर पर ओटीपी प्राप्त कर आवेदन कर सकता है।</p>
<p>एक मोबाइल नंबर से केवल आवेदक स्वयं या उनके ब्लड रिलेशन (माता, पिता, भाई, बहन, पुत्र, पुत्री एवं पुत्रवधू) ही आवेदन कर सकेंगे, जिसका सत्यापन किया जाएगा। योजना के अंतर्गत सभी प्रकार के कृषि रक्षा यंत्रों पर अधिकतम 50% अनुदान मिलेगा। मानव चालित यंत्रों पर अनुदान की अधिकतम सीमा ₹1500 प्रति यंत्र तथा शक्ति चालित यंत्रों पर ₹3000 प्रति यंत्र होगी। इसी प्रकार अन्न सुरक्षा हेतु बखारियों पर भी 50% अनुदान उपलब्ध होगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹2000 प्रति बखारी होगी।</p>
<p>लाभार्थियों का चयन बुकिंग/टोकन कन्फर्मेशन की तिथि से किया जाएगा। चयनित किसान को अधिकतम 10 दिन के भीतर यंत्र खरीदकर उसकी रसीद, फोटो, सीरियल नंबर और संबंधित अभिलेख पोर्टल पर अपलोड करना होगा। निर्धारित अवधि में खरीद न करने पर आवेदन स्वतः निरस्त हो जाएगा और उपलब्ध लक्ष्य पोर्टल पर पुनः प्रदर्शित होगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<item>
		<title>Agricultural Sector : कृषि में नयी breath, ‘धन-धान्य योजना’ देगी नई राह</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Jul 2025 12:40:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कृषि]]></category>
		<category><![CDATA[‘धन-धान्य योजना’]]></category>
		<category><![CDATA[Agricultural]]></category>
		<category><![CDATA[new breath]]></category>
		<category><![CDATA[Sector]]></category>
		<category><![CDATA[केंद्र सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[नई राह]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>PRESENTED BY ARVIND JÀYTILAK केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पीएम धन-धान्य योजना का शुभारंभ कृषि...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000"><strong>PRESENTED BY ARVIND JÀYTILAK</strong></span></p>
<p>केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पीएम धन-धान्य योजना का शुभारंभ कृषि को लाभकारी और किसानों की आर्थिक सेहत सुधारने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। छः साल तक चलने वाली इस योजना के लिए प्रति वर्ष 24000 करोड़ रुपए की धनराशि आवंटित कर दी गई है जिसके तहत देश के सर्वाधिक पिछड़े 100 जिलों के 1.70 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित होंगे। अच्छी बात यह है कि इसमें 36 मौजूदा योजनाओं को भी जोड़ा जाएगा जिससे कृषि क्षेत्र में आमूलचुल सुधार की संभावना प्रबल होगी। इस योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने, पंचायत और खंड स्तर पर फसलों की कटाई के बाद भंडारण क्षमता में वृद्धि, सिंचाई सुविधाओं में सुधार, लचीली ग्रामीण आजीविका का निर्माण के अलावा लांग एवं शॉर्ट टर्म लोन उपलब्ध कराना है।</p>
<p>निःसंदेह इस पहल से छोटे व सीमांत किसानों की आय बढ़ेगी तथा कृषि को भी आधुनिक तकनीकी से जोड़ने में मदद मिलेगी। कृषि, भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ ही नहीं बल्कि अधिकाधिक लोगों के जीवन निर्वाह का संबल भी है। देश की तकरीबन 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। देश के कुल क्षेत्रफल का लगभग 51 प्रतिशत भू-भाग पर कृषि कार्य होता है। किंतु बढ़ती आाबदी के कारण कृषि के समक्ष कई चुनौतियां खड़ी हैं। मसलन जोत का आकार सिमट रहा है। आज देश में 86.2 प्रतिशत किसान 47.3 प्रतिशत क्षेत्र में औसतन 2 हेक्टेयर से कम की कृषि भूमि के साथ छोटे और सीमांत किसानों की श्रेणी में आ चुके हैं। कृषि से जुड़े लगभग 70 प्रतिशत से अधिक परिवारों का खर्च उनकी आय से अधिक है।</p>
<p>एक चौथाई किसान गरीबी रेखा के नीचे हैं। ऐसे में देश की मौजूदा सरकार द्वारा किसानों और कृषि की सुध लेना एक स्वागतयोग्य कदम है। वैसे भी गौर करें तो वर्ष 2014 में केंद्र में जब नरेंद्र मोदी की सरकार बनी तभी से कृषि और किसान सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल हैं। किसान कल्याण की भावना सरकार की रीति-नीति व नीयत का हिस्सा बन चुका है। सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील है और कल्याणकारी योजनाओं के जरिए लगातार विकास कर रही है। सरकार द्वारा देश का भाग्य संरचनात्मक रुप से कृषि और किसानों से जोड़ दिया गया है जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। यह तथ्य है कि कृषि विकास औद्योगिक विकास की तुलना में दोगुनी तेजी से गरीबी को कम करता है। साथ ही विकास को भी रफ्तार देता है।</p>
<p>उदाहरण के लिए कृषि उत्पादन में एक प्रतिशत की वृद्धि औद्योगिक उत्पादन में 0.5 प्रतिशत और राष्ट्रीय आय में 0.7 प्रतिशत की वृद्धि करती है। इसे ध्यान में रखते हुए ही सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य की गणना करते समय ए2$ एफएल फॉर्मूला को अपनाया था। तब सरकार ने कृषि उत्पादन के नकद व अन्य सभी खर्चों समेत किसान परिवार के श्रम के मूल्य को भी जोड़ दिया। नतीजा सामने है। किसानों की आय में तेजी से वृद्धि हो रही है। वर्ष 2014 तक जो कृषि बजट 25000 करोड़ से भी कम हुआ करता था, वह आज बढ़कर 1.37 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। वर्ष 2014 से पहले जो कृषि क्षेत्र संकटग्रस्त और घाटे का सौदा हुआ करता था वह आज मुनाफे के सौदे में तब्दील हो रहा है। सरकार कृषि बाजार को मजबूती देने के लिए कृषि बजट में लगातार वृद्धि कर रही है। उसी का नतीजा है कि फसलों का रिकार्ड उत्पादन और निर्यात हो रहा है।</p>
<p>भारत का कृषि निर्यात 50 बिलियन डॉलर की ऐतिहासिक ऊंचाई छू चुका है। सरकार की कोशिश डिजिटल तकनीक के जरिए कृषि को बढ़ावा देकर किसानों की माली मालत में बेहतर बदलाव लाना है। इसके लिए सरकार डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार कर रही है। इसके जरिए किसानों को फसलों के बारे में जानकारी देने, कौन-सी फसलें उगाई जाएं, फसलों की देखभाल कैसे हो, लोन एवं बीमा, फसल आकलन, बाजार की जानकारी और कृषि तकनीक उद्योग के विकास को समर्थन और स्टार्ट-अप्स को मदद के माध्यम से एक समावेशी विकास केंद्रित समाधान संभव हो पाना आसान होगा। सरकार इस योजना के लिए एक फंड भी तैयार की है जिसका मकसद किसानों के सामने आ रही चुनौतियों को आधुनिक तकनीक से समाधान करना है।</p>
<p>सरकार ने 2023-24 में किसानों की माली हालत सुधारने और कृषि क्षेत्र का विस्तार करने के निमित्त 25.48 लाख करोड रुपए का कृषि़ ऋण वितरित की है। इसका मकसद प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के अलावा कृषि स्टार्टअप के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करने, कृषि में डिजिटल तकनीक और स्टोर क्षमता में इजाफा करना है। सरकार कृषि ऋण के लक्ष्य को पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से जोड़ दिया है। उसी का परिणाम है कि आज किसान कृषि के साथ-साथ समानान्तर आमदनी का नया जरिया विकसित कर रहा है। किसानों की आमदनी बढ़े और देश के नागरिकों का स्वास्थ्य बेहतर हो इसके लिए सरकार लगातार किसानों को मोटे अनाज के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने मोटे अनाज को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के लिए वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया।</p>
<p>इस कवायद से देश के किसानों में मोटे अनाज के उत्पादन में दिलचस्पी बढ़ी है। यह सच्चाई है कि जब तक किसानों की आय नहीं बढ़ेगी तब तक सकल घरेलू उत्पाद की उच्च वृद्धि को बनाए रखना कठिन होगा। चूंकि कृषि, कार्यबल के सबसे बड़ा भाग को समाहित करती है इसलिए कृषि और किसानों की आय पर ध्यान केंद्रित करना समग्र अर्थव्यवस्था के दीर्घकालिक उच्च विकास को सुनिश्चित करने का शानदार तरीका माना जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2016 में देश के किसानों की आय दोगुनी करने का नेक इरादा जाहिर किया। सरकार द्वारा अपनायी गयी व्यापार और विपणन नीतियां किसानों की आय की वृद्धि का संवाहक बन रही हैं। सरकार ने एक स्थिर मूल्य निर्धारण नीति को आयाम दिया है जिससे कृषि फसलों के वाजिब मूल्य मिलने शुरु हो गए हैं। सरकार किसानों की आय में वृद्धि के लिए हर वर्ष कृषि उपजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि कर रही है।</p>
<p>वर्ष 2014 में जब केंद्र में नरेंद्र मोदी की नेतृत्ववाली सरकार बनी तो गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य तकरीबन 1200 रुपए प्रति क्विंटल था। आज बढ़कर 2425 रुपए हो गया है जो दोगुने से भी अधिक है। इसी तरह 2014-15 में धान का समर्थन मूल्य 1360 रुपए था जो आज बढ़कर 2389 रुपए हो गया है। सरकार ने देश के किसानों की आय में वृद्धि के लिए राष्ट्रीय कृषि बाजार को नया आयाम दिया है। इसके लिए उसने किसानों के हित में कई दर्जन योजनाओं को मूर्त रुप दिया है। उदाहरण के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के जरिए ‘हर खेत को पानी’ योजना चल रही है जो किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। आज की तारीख में किसानों को सरकारी बैंकों से कम ब्याज दर पर ऋण मिल रहा है। सरकार ने किसान क्रेडिट कार्य योजना की सुविधा उपलब्ध कराकर किसानों की तात्कालिक पैसे की समस्या को खत्म कर दिया है। इस योजना के तहत किसानों को सस्ती ब्याज दरों पर लोन की सुविधा उपलब्ध है।</p>
<p>इस योजना का असर यह हुआ है कि जो किसान पैसे के अभाव में अपनी खेती की शुरुआत नहीं कर पाते थे, वह आज किसान क्रेडिट कार्ड की मदद से एक वर्ष में तीन फसलों का उत्पादन करके अपनी आय को दोगुना कर रहे हैं ।दूसरी ओर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आया है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसानों को आच्छादित कर किसानों की चिंताएं दूर कर दी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को हर वर्ष 6000 रुपए की आर्थिक मदद 2000 रुपए की तीन समान किस्तों में दी जा रही है। इसी क्रम में पीएम धन-धान्य कृषि योजना से कृषि और किसानों की सेहत संवरेगी, इसकी उम्मीद जरुर की जानी चाहिए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/23883">Agricultural Sector : कृषि में नयी breath, ‘धन-धान्य योजना’ देगी नई राह</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
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		<title>Agricultural Seminar : कृषि में नैनो उर्वरक के महत्व, उपयोग व लाभ की किसानों को दी गई जानकारी</title>
		<link>https://www.lokdastak.com/archives/22496</link>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Mar 2025 16:51:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कृषि]]></category>
		<category><![CDATA[Agricultural]]></category>
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		<category><![CDATA[लाभ]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>REPORT BY LOK REPORTER AMETHI, NEWS। आज विपणन निदेशक योगेंद्र कुमार के मुख्य आतिथ्य में...</p>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/22496">Agricultural Seminar : कृषि में नैनो उर्वरक के महत्व, उपयोग व लाभ की किसानों को दी गई जानकारी</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000"><strong>REPORT BY LOK REPORTER</strong></span></p>
<p><em><strong>AMETHI, NEWS।</strong></em></p>
<p>आज विपणन निदेशक योगेंद्र कुमार के मुख्य आतिथ्य में एक वृहद कृषक गोष्ठी का आयोजन इफ़को नैनो क्लस्टर विलेज सराय भाग्य मानी जनपद अमेठी में किया गया ।</p>
<p>इस अवसर पर राज्य विपणन प्रबंधक अभिमन्यु राय,उप महाप्रबंधक डा आर के नायक , सीएमओ अमेठी डॉ अंशुमान सिंह ,बैंक मैनेजर एसबीआई, सराय भागमानी प्रधान ललित सिंह, एसआई कंचन सिंह, ममता रावत,इफ़को सामान्य निकाय के सदस्य रीता सिंह सहित लगभग दो सौ कृषकों ने भाग लिया ।</p>
<p>विपणन निदेशक ने नैनो उर्वरकों के उपयोग एवं प्रयोग विधि तथा लाभ के बारे में विस्तार से चर्चा किया । इफको  राज्य कार्यालय लखनऊ से आए हुए अभिमन्यु राय द्वारा उर्वरक की उपलब्धता नैनो उर्वरक  के महत्व , उपयोग लाभ इफको इतिहास के बारे में विस्तृत जानकारी दी।<img decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-22497" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250301-WA0017-1024x768.jpg" alt="" width="640" height="480" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250301-WA0017-1024x768.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250301-WA0017-300x225.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250301-WA0017-768x576.jpg 768w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250301-WA0017.jpg 1280w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p>उप महाप्रबंधक डॉक्टर आर के नायक द्वारा किसानों के हित में चलाई जा रही है इफको की विभिन्न योजनाओं के बारे में प्रकाश डाला, इफको उपमहा प्रबंधक विपणन एस सी मिश्रा ने जनपद में चलाई जा रही किसान हित की योजना जैसे नैनो विलेज क्लस्टर अभियान के तहत हुए कार्यक्रम के बारे में और उसकी उपयोगिता लाभ के बारे में किसान साथियों को अवगत कराया तथा किसानों का फीडबैक भी लिया।</p>
<p>कार्यक्रम संचालन इफको क्षेत्राधिकारी द्वारा किया गया। अंत में सामान्य निकाय की महिला सदस्य रीता सिंह द्वारा सभी अधिकारियों को शॉल मोमेंटो देकर सम्मानित कर कार्यक्रम समापन कर धन्यवाद ज्ञापित किया।</p>
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