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	<title>Special news Archives - Lok Dastak</title>
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	<description>Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi.Lok Dastak</description>
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	<title>Special news Archives - Lok Dastak</title>
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		<title>Special News : जमीनी माप के लिए होगा डिजिटल तकनीकी का प्रयोग</title>
		<link>https://www.lokdastak.com/archives/25381</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 12 Jan 2026 04:14:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
		<category><![CDATA[Special news]]></category>
		<category><![CDATA[अनूठा प्रयोग]]></category>
		<category><![CDATA[जमीनी माप]]></category>
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		<category><![CDATA[डिजिटल तकनीक]]></category>
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		<category><![CDATA[लेखपाल]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>प्रस्तुति- ए.एस. भदौरिया अमेठी, उप्र। जमीनी माप के विवादों में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h3></h3>
<h3><span style="color: #ff0000"><strong>प्रस्तुति- ए.एस. भदौरिया</strong></span></h3>
<h3><strong>अमेठी, उप्र।</strong></h3>
<p>जमीनी माप के विवादों में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार डिजिटल तकनीकी का प्रयोग करेगी इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। जमीन मापने के लिए अब जीपीएस रोवर मशीन का इस्तेमाल होगा। जमीनी माप के मामलों में डिजिटल तकनीकी के प्रयोग से राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों की मनमानी खत्म होगी और पैमाइश भी सटीक होगी।</p>
<p>यह तकनीक सैटेलाइट के ज़रिए सटीक मानचित्र बनाएगी, जिससे चकबंदी और राजस्व मामलों में पारदर्शिता आएगी। जमीनी विवादों में कमी आएगी। इस योजना की शुरुआत के लिए प्रदेश सरकार लगभग 350 रोवर खरीद रही है। जमीनी माप की यह डिजिटल प्रणाली जमीन की पैमाइश में पुरानी गड़बड़ियों को खत्म करेगी और लेखपाल-कानूनगो की मनमानी पर रोक लगाएगी, जिससे सभी राजस्व मामले मेरिट के आधार पर समय से निपटाए जा सकेंगे।</p>
<p><span style="color: #993300"><strong>डिजिटल नक्शा तैयार करेगी रोवर मशीन</strong></span></p>
<p>रोवर मशीन सैटेलाइट के ज़रिए जमीन के हर गाटे (प्लॉट) का सटीक डिजिटल नक्शा तैयार करेगी, जिससे मौजूदा रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में अंतर पता चलेगा। रोवर मशीन को खेत के कोनों पर रखकर अक्षांश-देशांतर दर्ज किए जाएंगे और सटीक क्षेत्रफल निकाला जाएगा, जो पहले के तरीकों से ज़्यादा विश्वसनीय होगा।</p>
<p>बीते दिनों मुख्यमंत्री ने इस योजना के क्रियान्वयन के लिए राजस्व विभाग को रोवर खरीदने और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए हैं, जिसके लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों और आई आई टी की मदद ली जाएगी।</p>
<p><strong>डिजिटल तकनीकी का चकबंदी में लाभ</strong></p>
<p>नए ई-नक्शों से चकबंदी आसान होगी, ग्राम समाज की ज़मीनों का चिह्नांकन होगा, अवैध कब्ज़े हटेंगे और सरकारी योजनाओं के लिए ज़मीन का बेहतर उपयोग हो सकेगा।</p>
<p><span style="color: #ff6600"><strong>अमित सिंह उपजिलाधिकारी, तिलोई के उवाच</strong></span><br />
<img decoding="async" class="alignnone size-thumbnail wp-image-25382" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2026/01/IMG-20260112-WA0003-150x150.jpg" alt="" width="150" height="150" /><br />
तकनीक का इस्तेमाल करके भूमि रिकॉर्ड को डिजिटाइज किया जा रहा है और जमीन की पैमाइश को पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया पर कार्य चल रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
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]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>SPECIAL NEWS : करवा चौथ (Karva Chauth) पर सजी थालियाँ, हाथों में मेंहदी और होंठों पर दुआएँ</title>
		<link>https://www.lokdastak.com/archives/24982</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Oct 2025 15:51:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्‍तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[(Karva Chauth)]]></category>
		<category><![CDATA[Special news]]></category>
		<category><![CDATA[करवा चौथ]]></category>
		<category><![CDATA[गणेश पूजन]]></category>
		<category><![CDATA[चाँद]]></category>
		<category><![CDATA[छन्नी]]></category>
		<category><![CDATA[शिव-पार्वती पूजन]]></category>
		<category><![CDATA[सजी थालियाँ]]></category>
		<category><![CDATA[सुहाग]]></category>
		<category><![CDATA[सुहागिने]]></category>
		<category><![CDATA[हाथों में मेंहदी]]></category>
		<category><![CDATA[होंठों पर दुआएँ]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.lokdastak.com/?p=24982</guid>

					<description><![CDATA[<p>प्रस्तुति &#8211; रजनीश कुमार सिंह चाँद के दीदार के साथ पूरी हुई सुहागिनों की मनोकामना...</p>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/24982">SPECIAL NEWS : करवा चौथ (Karva Chauth) पर सजी थालियाँ, हाथों में मेंहदी और होंठों पर दुआएँ</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p data-start="337" data-end="403">
<h3 data-start="337" data-end="403"><span style="color: #ff0000"><strong>प्रस्तुति &#8211; रजनीश कुमार सिंह</strong></span></h3>
<ul>
<li data-start="404" data-end="464">
<p data-start="407" data-end="464"><span style="color: #800080"><strong data-start="407" data-end="462">चाँद के दीदार के साथ पूरी हुई सुहागिनों की मनोकामना</strong></span></p>
</li>
<li data-start="465" data-end="540">
<p data-start="468" data-end="540"><span style="color: #993366"><strong data-start="468" data-end="538">करवा चौथ के व्रत से गूंजी रात, सुहागिनों ने मांगी पति की लंबी उम्र</strong></span></p>
</li>
<li data-start="541" data-end="604">
<p data-start="544" data-end="604"><span style="color: #993366"><strong data-start="544" data-end="602">आस्था, विश्वास और प्रेम का प्रतीक बना करवा चौथ का पर्व</strong></span></p>
</li>
</ul>
<p>सुहागिन महिलाओं ने निर्जला व्रत रखते हुए चांद को अर्ध देकर व्रत को पूरा किया। इसके साथ ही चंद्र देव से पति की लंबी आयु की कामना करते हुए प्रार्थना की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। देश भर में सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना के लिए करवा चौथ व्रत रख रही हैं । यह पर्व हर वर्ष कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। जिसमें महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं और शाम को पारंपरिक 16 सिंगर के साथ चंद्रमा को अध्य॔ देकर व्रत का समापन करती हैं।</p>
<p>इस वर्ष करवा चौथ और भी खास बन गया क्योंकि इस दिन सिद्धि योग और शिव वास योग जैसे शुभ संयोग बना रहे हैं। जिन्हें व्रत के फल को कई गुना बढ़ाने वाला माना जाता है । ऐसे में पूजन का सही तरीका ,शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय ,व्रत कथा, और पूजन सामग्री की जानकारी व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाती है ।</p>
<p><strong>क्या है करवा</strong></p>
<p>करवा चौथ के दिन माता करवा के साथ भगवान शिव पार्वती और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व होता है इस दिन पूजा के लिए जिस पात्र का उपयोग किया जाता है। उसे करवा कहा जाता है यह करवा पीतल या मिट्टी होता है जिसमें टोटी (नलिका) लगी होती है ।</p>
<p><strong>करवा चौथ पूजन विधि</strong></p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-24984" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/10/images-2.jpeg" alt="" width="238" height="234" /></p>
<p>पूजन के समय इस टोटी में कांस की सीक लगाई जाती है। जिसे शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। करवा का संबंध भगवान गणेश से जोड़ा जाता है जो विघ्नहर्ता और मंगल दाता माने जाते हैं। इस कारण करवा और सीक दोनों ही करवा चौथ की पूजा में पवित्रता शक्ति और मंगल कामना के प्रतीक होते हैं इनका उपयोग व्रत की पूजा को पूर्णता और आध्यात्मिक महत्व प्रदान करता है सिर्फ विवाहित महिलाएं ही नहीं बल्कि अविवाहित लड़कियां भी इस व्रत को रख सकती हैं।</p>
<p>कुंवारी कन्या यह व्रत मनचाहा जीवनसाथी पाने और उज्जवल भविष्य की कामना के लिए रखती हैं । भगवान शिव पर्वतीय भगवान श्री कृष्णा ध्यान में रखकर व्रत करती हैं जिससे उन्हें अच्छा और सुखी वैवाहिक जीवन प्राप्त हो सके। आस्था और श्रद्धा से किया गया यह व्रत कन्याओं के जीवन में भी सकारात्मक ऊर्जा और शुभ फल लाने वाला माना जाता है करवा चौथ के दिन सूर्योदय से पहले ही सरगी ग्रहण करना शुभ होता है।</p>
<p>इसके बाद किसी भी चीज का सेवन न करें करवा चौथ की व्रत की कथा का पाठ हमेशा सोलह सिंगार और लाल जोड़े में करना चाहिए चंद्रमा देखने के बाद ही व्रत पारण करने तथा व्रत अधूरा माना जाता है इस दिन निर्जल उपवास रखें व्रत में तामसिक चीजों का सेवन न करें और नुकीली चीजों का उपयोग न करें करवा चौथ दिन पूजा पाठ और कुछ विशेष कार्य करने व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है इस दिन करवा माता पूजा करना उनकी व्रत कथा का पाठ जीवन में सुख समृद्धि लाने वाला माना जाता है सुहागिन महिलाओं का सुहाग की वस्तुएं जैसे चूड़ी ,बिंदी ,सिंदूर , दान करना शुभ होता है।<img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-24983" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/10/फोटो-02-1.jpg" alt="" width="1200" height="1600" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/10/फोटो-02-1.jpg 1200w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/10/फोटो-02-1-225x300.jpg 225w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/10/फोटो-02-1-768x1024.jpg 768w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/10/फोटो-02-1-1152x1536.jpg 1152w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/10/फोटो-02-1-1024x1365.jpg 1024w" sizes="(max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></p>
<p>इसके साथ ही भगवान गणेश और गौरी शंकर की पूजा करने से व्रत पूर्ण फलदाई बनता है । शाम को सोलह सिंगार कर चंद्रमा की पूजा करना और उन्हें अध्य॔ देना वैवाहिक जीवन को प्रेम में और पूर्ण बनाता है अंत में सात सुहागिन महिलाओं से आशीर्वाद लेकर व्रत का पारण करें इससे जीवन में सुख शांति और सौभाग्य बना रहता है करवा चौथ का नाम ही अपने रहस्य को समेटे हुए करवा एक मिट्टी का विशेष बर्तन होता है प्राचीन काल में मिट्टी के बने बर्तन ही धार्मिक अनुष्ठानों में प्रमुखता से प्रयुक्त होते हैं क्योंकि प्राकृतिक और पवित्र माने जाते हैं आज भी करवा चौथ की पूजा के लिए बनाए जाते हैं।</p>
<p>इन पर रक्षा बांधा जाता है चंद्रमा की पूजा इसलिए की जाती क्योंकि उसे आयु सुख और मानसिक शांति का प्रतीक माना जाता है मानता है कि चंद देव की कृपा से जीवन में शांति संतुलन और वैवाहिक संबंध मधुरता बनी रहती है खासकर करवा चौथ के दिन सुहागन महिलाएं चंद्रमा पूजा अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवनी कामना के लिए करती हैं,  इस दिन उपवास रखकर व अखंड सौभाग्य प्राप्ति की प्रार्थना करती हैं।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>SPECIAL NEWS : डॉ अपराजिता सिंह के रिसर्च और इनोवेशन को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने दी मान्यता</title>
		<link>https://www.lokdastak.com/archives/24758</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 17 Sep 2025 12:26:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
		<category><![CDATA[Gajipur news]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>विशेष रिपोर्ट &#8211; कपिल देव सिंह  लखनऊ/गाजीपुर, उप्र । &#160; &#160; गाजीपुर की होनहार बेटी...</p>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/24758">SPECIAL NEWS : डॉ अपराजिता सिंह के रिसर्च और इनोवेशन को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने दी मान्यता</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h3></h3>
<h3><strong><span style="color: #ff0000">विशेष रिपोर्ट &#8211; कपिल देव सिंह </span></strong></h3>
<h3><strong>लखनऊ/गाजीपुर, उप्र ।</strong></h3>
<div class="mceTemp"></div>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-thumbnail wp-image-24764" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/09/FB_IMG_1758112333968-150x150.jpg" alt="" width="150" height="150" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>गाजीपुर की होनहार बेटी और भारतीय मूल की युवा शोधकर्ता डॉ.अपराजिता सिंह ‘पूजा’ ने भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने उनकी रिसर्च और इनोवेटिव योगदानों को वैश्विक स्तर पर मान्यता दी है। इस उपलब्धि के तहत उनका नाम उस माइक्रोचिप पर अंकित किया जाएगा जिसे ऐतिहासिक आर्टेमिस-II मिशन अपने साथ लेकर चाँद की परिक्रमा करेगा।</p>
<p>नासा के आर्टेमिस प्रोग्राम ऑफिस से डॉ.अपराजिता सिंह को भेजे गए ईमेल और आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि उनके विचार और अग्रणी कार्य मानवता के ज्ञान, विज्ञान की प्रगति और अंतरिक्ष खोज में स्थिरता की दिशा में प्रेरक शक्ति हैं। पत्र में लिखा गया है- &#8216;आपका योगदान शोध, नवाचार और संकल्प की शक्ति का प्रमाण है। इस प्रकार आपके कार्य का सम्मान करना न केवल आपके लिए गौरव की बात है बल्कि यह दुनिया भर के युवा शोधकर्ताओं और भावी नेताओं को प्रेरित करेगा।&#8217;</p>
<p><span style="color: #00ff00"><strong>पत्रकार पिता की बिटिया  &#8211;</strong></span></p>
<p>डॉ.अपराजिता सिंह वरिष्ठ पत्रकार और समाजसेवी सुजीत सिंह ‘प्रिंस’ की पुत्री हैं। बचपन से मेधावी रही अपराजिता ने शिक्षा और शोध की दिशा में लगातार नए मुकाम हासिल किए और आज वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उनकी इस कामयाबी के पीछे पिता सुजीत सिंह प्रिंस और पूरे परिवार का प्रोत्साहन रहा है।<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-24760" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250917-WA0029-1024x418.jpg" alt="" width="640" height="261" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250917-WA0029-1024x418.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250917-WA0029-300x123.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250917-WA0029-768x314.jpg 768w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250917-WA0029.jpg 1200w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p><span style="color: #ff6600"><strong>डॉ.अपराजिता सिंह का नाम नासा के आर्टेमिस-2 मिशन से जुड़ा</strong></span></p>
<p><span style="color: #000000"><strong>आर्टेमिस-II मिशन क्या है &#8211;</strong></span></p>
<p>आर्टेमिस-II मिशन 21वीं सदी का सबसे महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष अभियान है। इसमें स्पेस लॉन्च सिस्टम (एसएलएस) रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान का इस्तेमाल होगा। यह मिशन चंद्रमा की परिक्रमा करेगा और भविष्य में इंसानों की स्थायी मौजूदगी का मार्ग प्रशस्त करेगा। डॉ.अपराजिता सिंह का नाम इस मिशन से जुड़ना सिर्फ व्यक्तिगत गौरव नहीं बल्कि भारत और विशेषकर गाजीपुर के लिए गर्व का विषय है। डॉ.अपराजिता की उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि अगर समर्पण, मेहनत और लगन हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-24761" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250917-WA0031.jpg" alt="" width="720" height="1008" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250917-WA0031.jpg 720w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250917-WA0031-214x300.jpg 214w" sizes="auto, (max-width: 720px) 100vw, 720px" /></p>
<p>उनका नाम और कार्य आज गाजीपुर से लेकर पूरी दुनिया के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। ग़ाज़ीपुर की बेटी और भारतीय वैज्ञानिक समुदाय की शान डॉ.अपराजिता सिंह (पूजा) ने यह दिखा दिया है कि ज्ञान और जुनून से अंतरिक्ष तक की राह आसान हो सकती है। नासा द्वारा उनके नाम को आर्टेमिस-II मिशन में शामिल करना न केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान है बल्कि भारतीय प्रतिभा की वैश्विक पहचान है।</p>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/24758">SPECIAL NEWS : डॉ अपराजिता सिंह के रिसर्च और इनोवेशन को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने दी मान्यता</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Special News : अंग्रेजों के जुल्म के आगे न झुके श्रीकांत सिंह चौहान, भारत छोड़ो आंदोलन में किया नेतृत्व</title>
		<link>https://www.lokdastak.com/archives/23916</link>
					<comments>https://www.lokdastak.com/archives/23916#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 25 Jul 2025 12:29:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
		<category><![CDATA[Special news]]></category>
		<category><![CDATA[अंग्रेजों]]></category>
		<category><![CDATA[आजादी]]></category>
		<category><![CDATA[आंदोलन]]></category>
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		<category><![CDATA[नेतृत्व]]></category>
		<category><![CDATA[भारत छोड़ो]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीकांत सिंह चौहान]]></category>
		<category><![CDATA[स्वतंत्रता संग्राम सेनानी]]></category>
		<category><![CDATA[स्वाधीनता आंदोलन]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; PRESENTED BY GAURAV AWASTHI RAEBARELI NEWS। &#160; जन्म शताब्दी (26 जुलाई) विशेष&#8230;.. &#8211; अंग्रेजों...</p>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/23916">Special News : अंग्रेजों के जुल्म के आगे न झुके श्रीकांत सिंह चौहान, भारत छोड़ो आंदोलन में किया नेतृत्व</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p><span style="color: #ff0000"><strong>PRESENTED BY GAURAV AWASTHI</strong></span></p>
<p><em><strong>RAEBARELI NEWS।</strong></em></p>
<figure id="attachment_19981" aria-describedby="caption-attachment-19981" style="width: 150px" class="wp-caption alignnone"><img loading="lazy" decoding="async" class="wp-image-19981 size-thumbnail" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2024/08/फोटो-06-1-150x150.jpg" alt="" width="150" height="150" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2024/08/फोटो-06-1-150x150.jpg 150w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2024/08/फोटो-06-1-24x24.jpg 24w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2024/08/फोटो-06-1-48x48.jpg 48w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2024/08/फोटो-06-1-96x96.jpg 96w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2024/08/फोटो-06-1.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 150px) 100vw, 150px" /><figcaption id="caption-attachment-19981" class="wp-caption-text"><span style="color: #993366"> <strong>GAURAV AWASTHI</strong></span></figcaption></figure>
<p>&nbsp;</p>
<p><span style="color: #993300"><strong>जन्म शताब्दी (26 जुलाई) विशेष&#8230;..</strong></span></p>
<p><strong>&#8211; अंग्रेजों की यातनाएं भी श्रीकांत सिंह चौहान को नहीं झुका सकी</strong></p>
<p><strong>&#8211; भारत छोड़ो आंदोलन में छात्रों के विशाल जुलूस का नेतृत्व करते हुए दी थी गिरफ्तारी</strong></p>
<p><strong>&#8211; विनोबा भावे के भूदान आंदोलन में दान कर दी अपने हिस्से की सारी जमीन</strong></p>
<p><strong>&#8211; 1957 में कांग्रेस का टिकट लेने से कर दिया था इंकार</strong></p>
<p><strong>&#8211; 16 फरवरी 2020 को 94 साल की अवस्था में ली थी अंतिम सांस</strong></p>
<p>स्वाधीनता आंदोलन में बढ़-चढ़ कर भाग लेने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. श्रीकान्त सिंह चौहान की आज 26 जुलाई को जन्म शताब्दी है। सन् 1942 में भारत छोड़ो आन्दोलन में उन्होंने सक्रिय रूप से भाग लिया। अनेक बड़े नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में देश भर में छात्र आन्दोलन हुए। श्रीकान्त जी ने भी छात्रों के विशाल जुलूस का नेतृत्व किया, भारत माता की जय, वन्दे मातरम् के नारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। उन्हें गिरफ्तार करके जेल में बंद कर दिया गया। अनेकों यातनाएं दी गईं, तनहाई में रखा गया, डराया धमकाया गया, आर्थिक दंड भी दिया गया परंतु उन्होंने माफ़ी नहीं मांगी।</p>
<p>उनकी पुत्री निरुपमा सिंह ने बताया कि बचपन से ही श्रीकान्त जी में देशभक्ति की भावना थी। रिहा होने के बाद एक बार फिर डलमऊ में गांधी चौरा में शहीद दिवस मनाने के अपराध में उन्हें गिरफ्तार किया गया। उनके हाथों में हथकड़ी डाल कर तीन मील पैदल दौड़ाते हुए ले गये और डलमऊ जेल में बन्द कर दिया गया। वहां से छूटने के बाद वे लगातार साथियों के साथ क्रान्तिकारी गतिविधियों में लगे रहे।</p>
<p>सन् 1947 में देश स्वतंत्र होने के बाद 1950 के दशक में श्रीकान्त जी ने अपने हिस्से की ज़मीन भूदान को दान कर दी और संत विनोबा जी के भूदान आंदोलन के प्रति समर्पित हो गए। सन् 1957 के जनरल चुनाव में उन्हें सलोन विधानसभा से विधायक के लिए टिकट दिया गया लेकिन उन्होंने यह कहकर इंकार कर दिया कि वे भूदान के कार्य में समर्पित हैं तथा राजनीति में नहीं आ सकते।</p>
<p>वे भूदान यज्ञ समिति के महासचिव रहे और इस कार्य के सिलसिले में कई हज़ार मील पैदल चले और लाखों एकड़ भूमि भूमिहीनों को आवंटित की। रायबरेली और डलमऊ के बीच ऊसर में उन्होंने एक गांव बसाया जिसका नाम &#8216;विनोबापुरी&#8217; रखा।</p>
<p>सन् 1962 के भारत चीन युद्ध में विस्थापित हुए तिब्बतियों को बसाने के लिए श्रीकान्त जी ने देहरादून में 200 बीघा भूमि आवंटित करके एक कॉलोनी बसाई। आज भी यह कॉलोनी और वहां बनी मॉनेस्ट्री देहरादून का एक दर्शनीय स्थल है। सन् 1965 में भारत सरकार ने श्रीकांत जी को सहकारी खेती की शिक्षा के लिए इस्राइल भेजा। वहां वे 3 वर्ष तक रहे और डिप्लोमा लेकर लौटे।</p>
<p>देहरादून में ही रहते हुए वे समाज सेवा करते रहे। उन्हें बद्रीनाथ टेंपल कमेटी का सदस्य मनोनीत किया गया जिसके अंतर्गत उन्होंने उत्तराखंड के मंदिरों का रखरखाव और जीर्णोद्धार का कार्य किया।</p>
<p>वे बताती हैं कि गांधी जी से प्रभावित होकर उन्होंने आजीवन खादी धारण की। वे स्त्री शिक्षा के हिमायती थे। चरखा चलाना, कृषि और गरीबी उन्मूलन को बढ़ावा देते थे। श्रीकान्त जी ने कभी कोई राजनीतिक पद स्वीकार नहीं किया और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को दी जाने वाली राजनीतिक पेंशन भी नहीं ली। सही मायनों में वे एक देशभक्त, समाज सेवी और संत पुरुष थे।</p>
<p>16 फरवरी 2020 को रायबरेली के सिविल लाइंस स्थित निजी निवास में 94 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। श्रीकान्त जी का जन्म 26 जुलाई 1925 को ग्राम पाहो जिला रायबरेली में हुआ था। आज उनकी जन्मशताब्दी है।</p>
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		<title>SPECIAL NEWS : पिता के कंधों पर उठी दो पुत्रों की अर्थी, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ </title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 05 Oct 2024 06:15:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्‍तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[a mountain of sorrow fell]]></category>
		<category><![CDATA[AMETHI]]></category>
		<category><![CDATA[on the family]]></category>
		<category><![CDATA[on the shoulders of the father]]></category>
		<category><![CDATA[Special news]]></category>
		<category><![CDATA[The bier of two sons]]></category>
		<category><![CDATA[was carried]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>REPORT BY MADHAV BAJPAYEE AMETHI NEWS I  कहते हैं कि मनुष्य के जीवन में सबसे...</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000"><strong>REPORT BY MADHAV BAJPAYEE</strong></span></p>
<p><em><strong> AMETHI NEWS I </strong></em></p>
<p>कहते हैं कि मनुष्य के जीवन में सबसे बड़ा दुःख क्या होता है तो इसका उत्तर है पुत्र अपने सामने असमय जाना और जीवन सबसे बड़ा बोझ पुत्र की अर्थी I लेकिन एक अभागे पिता को एक नहीं दो पुत्रों की अर्थी दो दिनों के भीतर ही उठाना पड़ा I जी हाँ जिले के शुकुल बाजार में कुछ ऐसा ही हुआ है I</p>
<p>जब एक परिवार पर दुखों का पहाड़ उस समय टूट पड़ा है जब बड़े भाई की मौत के सदमे में छोटे भाई ने चौबीस घंटे के भीतर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है, जबकि परिवारीजनो का रो-रोकर बुरा हाल है।</p>
<p><span style="color: #99cc00"><strong>चौबीस घंटे में दो सगे भाइयों की मौत से मचा कोहराम </strong></span></p>
<p>घटना मवैया रहमतगढ़ पंचायत के पूरे शुकुलन गांव की है। तीन अक्टूबर को 45 वर्षीय प्रकाश शुक्ला करंट लगने से उसकी मौत के गम स्वजन डूबे ही थे कि इस बीच चौबीस घंटे की भीतर गुरुवार की देर रात उसके छोटे भाई 38 वर्षीय अभिषेक शुक्ला की मौत हो गई।</p>
<p>परिजनों के मुताबिक  बड़े भाई प्रकाश शुक्ला करंट लगने के कारण उसकी मौत हो गई थी। उसे लोग भूल भी नहीं पाए थे कि चौबीस घंटे के भीतर ही  अभिषेक की मौत, हो गई। उसकी मौत के बाद अभिषेक गुमशुम रह रहा था।</p>
<p><span style="color: #ff6600"><strong>बड़े भाई के सदमे से छोटे भाई ने भी तोड़ा दम </strong></span></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-21005 size-full" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2024/10/IMG-20241004-WA0924.jpg" alt="" width="432" height="713" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2024/10/IMG-20241004-WA0924.jpg 432w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2024/10/IMG-20241004-WA0924-182x300.jpg 182w" sizes="auto, (max-width: 432px) 100vw, 432px" /></p>
<p>बताया जा रहा है कि अभिषेक अपने बड़े भाई की मौत के सदमे से उबर नहीं पा रहा था। गुरुवार से ही वह अपने भाई को याद कर रोए जा रहा था। बताया जा रहा है कि गुरुवार की रात्रि को हृदयगति रुकने के कारण उसकी मौत हो गई। गांव के पास ही उसका अंतिम संस्कार किया गया। गांव सहित आसपास के लोग मृतक के परिजनों को सांत्वना दे रहे थे।इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक कि लहर फैल गयी।</p>
<p><span style="color: #993300"><strong>सहायक अध्यापक थे अभिषेक </strong></span></p>
<p>अभिषेक शुक्ला पड़ोसी जनपद  बाराबंकी के  प्राथमिक विद्यालय इमाम अली का पुरवा में सहायक पद पर तैनात थे।  परिवार का दायित्व भी निभाते थे। उनके निधन से क्षेत्र के शिक्षको में भी दुख है।</p>
<p><span style="color: #800080"><strong>दो बच्चों के सिर से उठ गया पिता का साया </strong></span></p>
<p>38 वर्षीय अभिषेक शुक्ल की मौत से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। मृतक अभिषेक शुक्ल परिवार का सहारा थे। भरण पालन पोषण एवं परिवार के जीवकोपार्जन की संपूर्ण जिम्मेदारी मृतक अभिषेक शुक्ल के कंधों पर थी। अभिषेक की मौत से पत्नी कल्पना के सिर से जहां पति का साया उठ गया है वहीं पुत्री महक एवं पुत्र निमिष सहित दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>Special News ____ रक्षाबंधन पर्व पर  बहनों ने गौमय निर्मित बांधी राखियाँ </title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 31 Aug 2023 14:22:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
		<category><![CDATA[Special news]]></category>
		<category><![CDATA[गौमय निर्मित]]></category>
		<category><![CDATA[बांधी राखियाँ]]></category>
		<category><![CDATA[रक्षाबंधन पर्व]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; उन्नाव I राष्ट्रीय सैनिक छात्र सेवा परिषद के अध्यक्ष अंकित शुक्ला के आवाह्न पर...</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>उन्नाव I राष्ट्रीय सैनिक छात्र सेवा परिषद के अध्यक्ष अंकित शुक्ला के आवाह्न पर भाई-बहन के पवित्र रिश्तों का प्रतीक रक्षाबंधन पर गाय के गोबर से बनी बीज राखियां आकर्षण का केंद्र रही I ये राखियां बाजार में मौजूद अन्य राखियों से न केवल सस्ती हैं बल्कि अलग-अलग रंगों और डिजाइन में उपलब्ध थी इनका मूल्य 5 से 7 रुपये था I</p>
<p>अध्यक्ष अंकित शुक्ला ने युवाओ व महिलाएं को रोजगार देने के लिए प्रदेश भर में आजीविका बढ़ाने के लिए अलग-अलग कार्य कर रहे हैं पिछले वर्ष रक्षाबंधन पर गोबर की राखियां बना रही हैं जो इस बार लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हैं बिहार के गया में इन राखियों के स्टॉल भी कई जगह-जगह लगाए थे I अंकित शुक्ला ने बताया की इन राखियों की खास बात यह है कि इन्हें फेंकने बाद पर्यावरण को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा I</p>
<p>इन्हें बनाते समय इसमें गुलाब, गैंदा तुलसी सहित अन्य फूलों के बीज डाले जाते हैं राखी को फेंकने के बाद गोबर की खाद बन जाती है और इसमें मौजूद बीज से पौधे उगा जाते हैं अध्यक्ष अंकित शुक्ला ने बताया कि प्रदेश के 15 हज़ार युवाओ व महिलाएं ने गाय के गोबर से राखियां बना रही हैं I</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-14013" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/08/IMG-20230831-WA0548-300x185.jpg" alt="" width="300" height="185" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/08/IMG-20230831-WA0548-300x185.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/08/IMG-20230831-WA0548-1024x633.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/08/IMG-20230831-WA0548-768x475.jpg 768w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/08/IMG-20230831-WA0548.jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>अंकित शुक्ला ने बताया इसके अलावा वे गोबर से धूप, गमले, नेम प्लेट, दीवार घड़ियां और दीये सहित अन्य चीजें बनाकर तैयार करेगे इसके अलावा कीटनाशक गोमूत्र से भी उपयोगी चीजें बनाएंगे ।उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य गाय को हर रूप में उपयोगी साबित करना है और आवारा की तरह घूमने वाले गोवंशों को पुनः बांधने का संकल्प ले गाय की सेवा करें ।</p>
<p>अध्यक्ष अंकित शुक्ला ने बताया कि मैंने उन सभी असहाय गरीब बच्चों के साथ हर्षोल्लास से त्यौहार मनाया है जिनके पास कुछ भी नहीं था जिनके भाई नहीं थे उनसे राखियां बांधवाई एवं उनकी हर तरह से रक्षा करने का संकल्प लिया गौमय से निर्माणाधीन राखियां दिया I</p>
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		<title>Special News _____ NDA में शामिल हुए ओमप्रकाश राजभर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 16 Jul 2023 13:03:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
		<category><![CDATA[#amitshah]]></category>
		<category><![CDATA[#ओमप्रकाशराजभर]]></category>
		<category><![CDATA[NDA]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[Samajwadi Party]]></category>
		<category><![CDATA[Special news]]></category>
		<category><![CDATA[गठबंधन]]></category>
		<category><![CDATA[पूर्वांचल]]></category>
		<category><![CDATA[बीजेपी]]></category>
		<category><![CDATA[राजभर]]></category>
		<category><![CDATA[समाज]]></category>
		<category><![CDATA[सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ/नई दिल्ली I लोकसभा चुनाव 2024 से पहले सभी दलों ने अपनी अपनी रणनीति पर...</p>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/12562">Special News _____ NDA में शामिल हुए ओमप्रकाश राजभर</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ/नई दिल्ली I</p>
<p>लोकसभा चुनाव 2024 से पहले सभी दलों ने अपनी अपनी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है I लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में एक बार फिर विपक्षियों को चकमा देते हुए ओमप्रकाश राजभर की पार्टी को NDA में शामिल कराने में कामयाब हो गई है I हालांकि राजभर का समाजवादी पार्टी से पहले से ही नाता टूट चुका था और उन्हें किसी गठबंधन में शामिल होने का इंतजार था I</p>
<p>इस मौके का फायदा उठाते हुए बीजेपी ने उन्हें NDA गठबंधन में शामिल कर पूर्वांचल की दर्जनों सीटों पर जहां राजभर समाज का प्रभाव है, अपनी स्थिति सीटों पर मजबूत कर लिया है I जिसका फायदा पिछले लोकसभा चुनाव में ओपी राजभर के सपा के साथ होने के कारण सपा को ही मिला था I ओमप्रकाश राजभर व उनके पुत्र अरविंद राजभर ने गृह मंत्री अमित शाह से आज दिल्ली में मिलकर अपनी पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को एनडीए में शामिल होने संबंधित वार्ता किया I</p>
<p>बैठक के उपरांत अमित शाह ने ओमप्रकाश राजभर की उपस्थिति में पार्टी के NDA में शामिल होने की घोषणा की I अमित शाह ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि ओमप्रकाश राजभर की पार्टी के एनडीए में शामिल होने से यूपी में पार्टी को मजबूती मिलेगी I मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए द्वारा गरीबों और वंचितों के कल्याण हेतु किए जा रहे प्रयासों को और बल मिलेगा I</p>
<p><span style="color: #ffff00"><strong>NDA में शामिल होने के बाद ओपी राजभर का बयान</strong></span></p>
<p>समाज और देशहित में फैसला लिया I पीएम मोदी की सोच को आगे बढ़ाएंगे,अमित शाह से कई मुद्दों पर बात हुई I पीएम मोदी की विचार धारा को आगे बढ़ाएंगे I राजभर ने कहा पीएम मोदी और अमित शाह एवं योगी जी का आभारी हूं ,जिन्होंने अपने साथ लिया है हमारा लक्ष्य और लड़ाई एक है गरीबों वंचितों की लड़ाई को और बल मिलेगा I लोकसभा चुनाव 2024 का चुनाव हम साथ मिलकर लड़ेंगे गठबंधन के आगे कोई टिक नहीं पाएगा I</p>
<p><span style="color: #00ccff"><strong>सपा को पूर्वांचल में लग सकता है चुनाव में झटका</strong></span></p>
<p>सपा से राजभर का साथ काफी पहले ही टूट चुका था। पर अब ओपी राजभर की सुहेलदेव पार्टी के बीजेपी गठबंधन में आने से पूर्वांचल में सपा को झटका लग सकता है। राजभर के साथ की वजह से सपा ने गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया और मऊ में अधिकांश सीटें जीत ली थीं। पर अब लोकसभा चुनाव में बीजेपी को राजभर का लाभ मिल सकता है।</p>
<p>राजभर के पास अभी 6 विधायक और करीब 03 प्रतिशत वोट शेयर भी है। लोकसभा की पूर्वी यूपी की कई सीटों पर उनका खासा प्रभाव है। ऐसा माना जा रहा है की घोसी, मऊ या गाजीपुर सीट उन्हें लड़ने के लिए बीजेपी दे सकती है। साथ ही यूपी सरकार में मंत्री पद भी मिलेगा ऐसा राजभर के करीबी लोगों ने दावा किया है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-12563" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/07/6bd03aab377705bb525f7698b6a5e6b61685095187429367_original-300x252.jpg" alt="" width="300" height="252" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/07/6bd03aab377705bb525f7698b6a5e6b61685095187429367_original-300x252.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/07/6bd03aab377705bb525f7698b6a5e6b61685095187429367_original.jpg 515w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /><br />
<span style="color: #ff00ff"><strong>उत्तर प्रदेश में सुभासपा मजबूत हुई है- ओपी राजभर</strong></span></p>
<p>राजभर किधर ?, इस सवाल पर विराम लग गया I बीजेपी के लक्ष्य में मदद करेंगे I देश और गरीबों के हित में फैसला लिया I<br />
सभी 80 सीट जीतने की कोशिश करेंगे  I NDA में शामिल होकर मिलकर लड़ेंगे,अब यूपी में कोई लड़ाई नहीं I ओपी राजभर ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सीट को लेकर फैसला नहीं हुआ है I</p>
<p>विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए ओपी राजभर ने कहा कि<br />
विपक्षी पार्टियां बिखरी हुईं हैं ,बीजेपी से विपक्ष को सीखना चाहिए ,मायावती जी सोचतीं हैं कि वो बड़ी हैं I विपक्षी दलों के नेता खुद को बड़ा दिखाना चाहते हैं&#8217; I कोई बड़ा नहीं, मोदी जी बड़े हैं,विपक्षी दल एक साथ आने को तैयार नहीं है I</p>
<p>सपा पर तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश किसी के साथ नहीं टिके,समाजवादी पार्टी किसी के साथ नहीं है I विपक्षी दल कभी एक साथ नहीं हो सकते हैं I 03 प्रतिशत सीटों पर हमारी बात हुई है I</p>
<p><span style="color: #ff6600"><strong>नीरज सिंह- सम्पादक </strong></span></p>
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		<item>
		<title>सम्‍पूर्ण ब्रॉडगेज नेटवर्क के विद्युतीकरण कार्य जल्द होगा पूर्ण</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 10 Nov 2022 17:05:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य]]></category>
		<category><![CDATA[electric trai lines]]></category>
		<category><![CDATA[Indian railway]]></category>
		<category><![CDATA[PIB]]></category>
		<category><![CDATA[Special news]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय रेल इतिहास]]></category>
		<category><![CDATA[सम्‍पूर्ण ब्रॉडगेज नेटवर्क विद्युतीकरण योजना]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>देश में सम्‍पूर्ण ब्रॉडगेज नेटवर्क के विद्युतीकरण कार्य जल्द पूर्ण होगा  I उम्मीद है अगले...</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>देश में सम्&#x200d;पूर्ण ब्रॉडगेज नेटवर्क के विद्युतीकरण कार्य जल्द पूर्ण होगा  I उम्मीद है अगले साल तक  योजना पूर्ण रूप ले लेगी I अब तक योजना का 82%कार्य पूर्ण हो चुका है I करीब 18% काम ही बचा है I भारतीय रेल ने अपने सम्&#x200d;पूर्ण ब्रॉडगेज नेटवर्क के विद्युतीकरण की महत्&#x200d;वाकांक्षी योजना प्रारम्&#x200d;भ की है। इस योजना से न केवल बेहतर ईंधन ऊर्जा का उपयोग होगा, जिससे उत्&#x200d;पादन बढ़ेगा, ईंधन खर्च में कमी आएगी, बल्कि मूल्&#x200d;यवान विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी। वित्&#x200d;त वर्ष 2022-23 के दौरान अक्&#x200d;टूबर, 2022 तक भारतीय रेल ने 1223 रूट किलोमीटर के विद्युतीकरण का काम कर लिया है। वित्&#x200d;त वर्ष 2021-22 की समानावधि के दौरान 895 रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण हुआ था। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के आंकड़े से 36.64 प्रतिशत अधिक है। यह महत्&#x200d;वपूर्ण है कि भारतीय रेल के इतिहास में 2021-22 के दौरान 6,366 रूट किलोमीटर का रिकॉर्ड विद्युतीकरण किया गया। इससे पहले, 2020-21 के दौरान सबसे अधिक विद्युतीकरण 6,015 रूट किलोमीटर का हुआ था। 31.10.2022 तक भारतीय रेल के ब्रॉडगेज नेटवर्क 65,141 रूट किलोमीटर (केआरसीएल सहित) में से 53,470 ब्रॉडगेज रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण किया गया है, जो कुल ब्रॉडगेज नेटवर्क का 82.08 प्रतिशत है।</p>
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