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	<title>parali Archives - Lok Dastak</title>
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	<title>parali Archives - Lok Dastak</title>
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		<title>पराली प्रेषण के लिए सेल एवं सचल दस्ते का हुआ गठन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 05 Nov 2022 14:17:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कृषि]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>शासन के निर्देशानुसार मुख्य विकास अधिकारी सान्या छाबड़ा ने अवगत कराया है कि फसल अवशिष्ट प्रबन्धन के सम्बन्ध में विस्तृत निर्देश देते हुए जनपद स्तर पर सेल व तहसील स्तर पर सचल दस्ते का गठन करते हुए प्रत्येक दिन की घटनाओं का अनुश्रवण किये जाने तथा प्रत्येक गांव के ग्राम प्रधान एवं क्षेत्रीय लेखपाल को किसी भी दशा में अपने सम्बन्धित क्षेत्र में पराली/कृषि अपशिष्ट जलाने से मिट्टी जलवायु एवं मानव स्वास्थ्य को होने वाली हानि से अवगत कराने के साथ-साथ पराली जलाने पर उनके विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही भी किया जाय। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष जलने से हो रहे पर्यावरण को नुकसान तथा शासन के निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार विभिन्न माध्यमों से किसानों के बीज में फसल अवशेष जलने की घटनाओं पर रोक लगाया जाय तथा पराली को जलाये जाने हेतु किसानों को जागरूक किया जाय व इच्छुक किसानों को पराली एकत्र कर गोवंश आश्रय स्थलों तक पहुॅचाया जाय। उन्होंने बताया कि गोवंश आश्रय स्थलों पर पराली दो खाद लो कार्यक्रम का क्रियान्वयन प्रभावी तरीके से किया जाय तथा अधिक से अधिक पराली गोवंश आश्रय स्थलों पर पहुॅचाकर कार्यक्रम को सफल बनाया जाय ताकि पराली का इन स्थलों पर विभिन्न प्रकार से उपयोग किया जा सके व किसानों के खेत में गोशाला स्थल तक पराली का ढुलान पंचायतराज अधिकारी के शासनादेश के प्रस्तर-2 के अन्तर्गत किया जायेगा। इस सम्बन्ध में उन्होंने ग्राम प्रधानों/पंचायत सचिवों को निर्देशित किया है कि पराली को नजदीकी गोवंश आश्रय स्थलों तक पहुॅचाना सुनिश्चित करें तथा प्रतिदिन की सूचना संलग्न प्रारूप पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत को अपरान्ह् 2ः00 बजे तक उपलब्ध करायेंगे। सहायक विकास अधिकारी पंचायत द्वारा उक्त सूचना जिला पंचायतराज अधिकारी को संलग्न प्रारूप पर अपरान्ह् 3ः00 बजे तक उपलब्ध करायेंगे। सहायक विकास अधिकारी पंचायत द्वारा उक्त सूचना जिला पंचायतराज अधिकारी को संलग्न प्रारूप पर अपरान्ह् 4ः00 बजे तक प्रत्येक दशा में उपलब्ध करायी जायेगी। इसी क्रम में उन्होंने बताया कि धान की पराली को सम्बन्धित गॉव के पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान द्वारा नजदीकी गोवंश आश्रय स्थलों तक पशुपालन विभाग के स्थानीय कार्मिकों के सहयोग से पहुॅचायी जायेगी व धान की पराली को गोवंश आश्रय स्थल पर पहुॅचाने में पशुपालन एवं कृषि विभाग द्वारा पूर्ण समन्वय समस्त विभाग से स्थापित किया जायेगा तथा कृषि विभाग के कार्मिकों द्वारा भी किसानों को प्रोत्साहित करके पराली को गोवंश आश्रय स्थलों पर पहुॅचाने में सहयोग किया जाय। उन्होंने बताया कि जिला विकास अधिकारी अमेठी को इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी नामित करते हुए निर्देशित किया है कि सभी सम्बन्धित से समन्वय गोवंश आश्रय स्थलों तक अधिकतम पराली का प्रेषण करना सुनिश्चित करें, इसमें किसी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।</p>
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		<title>किसान भाई पराली न जलाएं,बुवाई में सुपर सीडर का करें प्रयोग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Nov 2022 16:12:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कृषि]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[farmers]]></category>
		<category><![CDATA[mini kit]]></category>
		<category><![CDATA[parali]]></category>
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		<category><![CDATA[कृषि समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; &#160; कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत सरसों के मिनी किट...</p>
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<p>कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत सरसों के मिनी किट वितरण फसल योजना राष्टीय खाद्य सुरक्षा मिशन के सलाहकार द्वारा सिंहपुर विकास क्षेत्र के जैतपुर,चिलौली गांव में अस्सी कृषकों को किया गया।इस अवसर पर राजकीय कृषि बीज गोदाम प्रभारी एवं कृषि वैज्ञानिक डा पवन वर्मा ने मौजूद किसानों को सलाह दी कि किसान भाई खेतों में पराली न जलाएं पराली निस्तारण के लिए गेहूं,सरसों, मटर,जौ,चना इत्यादि फसलों की बुवाई सुपर सीडर से करें और खेती की लागत में बचत के साथ अधिक उपज पाएं।<br />
पूरे बैशन जैतपुर स्थित पंचायत भवन पर आयोजित निशुल्क सरसो मिनी किट वितरण कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिक डा पवन वर्मा ने जैतपुर गांव के किसानों को सुपर सीडर का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इस विधि से बुवाई से खाद बीज की बचत के साथ खेतों की उर्वरा शक्ति भी बढ़ती है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के सलाहकार अशोक कुमार दुबे और डॉ वर्मा ने किसानों को निशुल्क मिनी किट भी वितरित किया।<br />
किसानो को संबोधित करते हुए डा वर्मा ने कहा कि जिस प्रकार लगातार खेती की लागत बढ़ती जा रही है और किसान की उपज का दाम औने पौने होता जा रहा है ऐसे में किसानों को किफायती खेती की तरफ जाना ही होगा।इसका सबसे अच्छा विकल्प बुवाई में सुपर सीडर का प्रयोग है जो किसानों की बुवाई की लागत घटाने के साथ पराली निस्तारण और वैज्ञानिक पद्धति से कतारों में पहले खाद फिर बीज बोता है।जिसका सीधा लाभ उपज में मिलता है।किसान भाई इस सुपर सीडर मशीन से कंबाइन मशीन से कटे खेतों का बिना पुआल हटाए और बिना जुताई किए सीधे बुवाई करें।जुताई का खर्च बचने के साथ ही बीज और खाद में भी बचत होगी। कतारों में बुवाई के चलते खर पतवार नियंत्रण भी आसान होगा और पुआल खेत की मिट्टी में मिलने से उर्वरा शक्ति भी बढ़ती है।सिंहपुर राजकीय बीज गोदाम के प्रभारी कृषि वैज्ञानिक डा पवन वर्मा ने कहा कि जैतपुर गांव के किसान रामराज मिश्रा द्वारा अनुदान पर खरीदी गई सुपर सीडर मशीन से बुवाई करें। इस मौके पर 80 किसानों को सरसों के मिनी किट भी वितरित किए।इस अवसर पर बीटीएम नीरेश कुमार,राजेंद्र कुमार,राजकुमार,रामराज मिश्र, शिवशंकर सिंह,रामनाथ क्षेत्र पंचायत सदस्य,सिर्ताजा ,राजकुमार सिंह,रघुनाथ सिंह,स्वामी दयाल तिवारी,उमा शंकर शुक्ल, रमा कांत मिश्रा,सुरेश चौरसिया,अवधेश चौरसिया आदि किसान मौजूद रहे।</p>
<p><strong>किसान भाई धान के कटाई के काम में तेजी लाएं</strong><br />
कहावत है कि &#8220;अगहर खेती अगहर मार इनके कबौ ना होई हार &#8220;कृषि वैज्ञानिक डा पवन वर्मा ने कहा कि किसान भाई रवी की बुवाई समय पर हो इसके लिए धान की कटाई में तेजी लाएं क्योंकि नवंबर का महीना शुरू हो चुका है सरसों तथा दलहनी फसलों की बुवाई शीघ्र करें। अब सरसों की बुवाई का सामान्य समय है।गेहूं की बुवाई के मात्र चंद्र दिन बचे हैं।आने वाले दिनों में मौसम भी खराब होगा जिससे बुवाई में और विलम्ब हो सकता है ठंड अधिक बढ़ने से बीजों के जमाव में भी समय लगेगी। देर से बुवाई में पैदावार पर बुरा असर पड़ेगा।</p>
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