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	<title>Fraud Archives - Lok Dastak</title>
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	<description>Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi.Lok Dastak</description>
	<lastBuildDate>Fri, 07 Mar 2025 16:30:39 +0000</lastBuildDate>
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	<title>Fraud Archives - Lok Dastak</title>
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		<title>Allegation Of Fraud : एसबीआई क्रेडिट कार्ड के विवादास्पद बिल की शिकायत सीएम की जनसुनवाई पोर्टल में पंजीकृत </title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 07 Mar 2025 16:30:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
		<category><![CDATA[Allegation]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>REPORT BY LOK REPORTER  NEWS DESK LUCKNOW। -पीड़ित ने लगाया आरोप कि फर्जी बिल के...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000"><strong>REPORT BY LOK REPORTER </strong></span></p>
<p><em><strong>NEWS DESK LUCKNOW।</strong></em></p>
<p><span style="color: #993366"><strong>-पीड़ित ने लगाया आरोप कि फर्जी बिल के भुगतान के लिए वसूली गैंग कर रहा है आतंकित </strong></span></p>
<p><span style="color: #993366"><strong>&#8211; साइबर अपराधियों और एसबीआई क्रेडिट कार्ड कंपनी की मिलीभगत आ रही है सामने </strong></span></p>
<p><span style="color: #993366"><strong>&#8211; प्रथम दृष्टया पुलिस , साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 की अनदेखी हो रही है उजागर </strong></span></p>
<p>एक तरफ जहां देश व राज्य में डबल इंजन की सरकार सुशासन के दावे करते नहीं थकती है तो दूसरी ओर बैंकिंग – क्रेडिट कार्ड कंपनियों के फर्जीवाड़ों की इतनी कहानियां है जिससे चोरी – ठगी के आधुनिक तौर – तरीकों के स्वरूप का हैरतनाक दर्शन होता है। ऐसे ही एक प्रकरण उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरा नगर निवासी नैमिष प्रताप सिंह का है।</p>
<p>उन्होंने SBI क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट द्वारा फर्जी बिल भेजकर अवैध वसूली करने और पूर्व में साइबर क्राइम सेल / गाजीपुर थाने द्वारा साजिशन लापरवाही करने के नाते अपने खाते से 27 फरवरी 2024 को फर्जीवाड़ा करके निकाले गए रुपए के मामले में अभी तक FIR दर्ज न करने की।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विधानसभा स्थित कार्यालय में 28 फरवरी 2025 को प्रार्थनापत्र प्रस्तुत करके त्वरित, निष्पक्ष वा सक्षम कार्रवाई करने के लिए उचित निर्देश देने की मांग किया हैं , जो आगे की कार्रवाई को लेकर प्रमुख सचिव ( गृह) को अग्रसारित कर दिया गया है।</p>
<p><strong><span style="color: #ff6600">आईये जाने क्या है फर्जीवाड़े पूरा मामला <img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-22578" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0028-843x1024.jpg" alt="" width="640" height="777" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0028-843x1024.jpg 843w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0028-247x300.jpg 247w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0028-768x932.jpg 768w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0028-1024x1243.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0028.jpg 1200w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></span></strong></p>
<p>मामला यह है नैमिष प्रताप सिंह के क्रेडिट कार्ड संख्या 4726424389243830 पर एसबीआई क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट द्वारा 12 जनवरी 2025 को जो बिल भेजा गया है , उसमें साफ – साफ लिखा है कि यह इनकी आखिरी किश्त है , इसके बावजूद पुन: 12 फरवरी 2025 को रु. 43741 का बिल भेज दिया गया जबकि इनका कहना है कि सभी 18 किश्तों का भुगतान किया जा चुका हूं और सभी किश्तें निर्धारित अवधि में जमा हुई है।</p>
<p>उन्होंने टोल फ्री नं. / सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘ X ’ ( एक्स) / ईमेल से जब इसकी शिकायत की तब एसबीआई क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट ने कई दिनों तक कोई सुनवाई नही किया। 12 फरवरी के बिल में इन्होंने किस मद में शिकायतकर्ता को इन रुपयों का बकायेदार बनाया है , इसे भी नही लिखा है जबकि इसके पूर्व के बिल में हर चार्ज का ब्यौरा दिया जाता था। <img decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-22575" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0029-740x1024.jpg" alt="" width="640" height="886" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0029-740x1024.jpg 740w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0029-217x300.jpg 217w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0029-768x1063.jpg 768w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0029-1024x1417.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0029.jpg 1079w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p>नैमिष प्रताप सिंह ने जब भी एसबीआई क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट से उन्हें फोन करने वालों और टोल फ्री नं. पर फोन करके कहा कि उन्हें लखनऊ आफ़िस के प्रतिनिधि अफसर का पता/ फोन न. उपलब्ध करवा दीजिए लेकिन इसे उन्हें नहीं दिया गया। हरियाणा राज्य के गुड़गांव इलाके में बैठकर संगठित ठगी कर रहे इन लोगों को जवाबदेह बनाया जाय , इसलिए ये लोग साजिशन लखनऊ के किसी अधिकारी का मोबाइल नं. उपलब्ध नहीं करवा रहे है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश एक विशाल आबादी वाला राज्य है। जाहिर है कि इतनी बड़ी कंपनी अपनी शाखा यहां जरूर खोलेगी ,ऐसे में संबंधित अधिकारी का फोन नं. / पता बताने में इन्हें क्या और क्यों समस्या है ? अब पुलिस को एसबीआई क्रेडिट कार्ड के लखनऊ के प्रतिनिधि अफसर का कैसे मोबाइल नं. / पता दिया जाय जिससे क्रेडिट कार्ड के जरिए संगठित ठगी वालों वालों तक लखनऊ पुलिस पहुंचे।</p>
<p>जब इस फर्जी बिल को लेकर सोशल मीडिया एकाउंट ’ X ’( एक्स) पर पीड़ित नैमिष प्रताप सिंह ने अपनी शिकायत डाला तब ये लोग एक नया एसआरएन की संरचना कर देते है लेकिन करते कुछ नहीं है। एक ओर इन्होंने लखनऊ के अपने प्रतिनिधि अफसर का फोन नं. / पता नहीं दिया तो दूसरी तरफ कल पूरा दिन नैमिष प्रताप सिंह को फोन करके फर्जी बिल का भुगतान करने के लिए दबाव बनाते रहे,आतंक का तांडव करते रहे।</p>
<p>एक फोनकर्ता ने बताया कि अब उनका बिल रु. . 43741 से बढ़ाकर रु. 45000 कर दिया गया है और यदि जमा नहीं हुआ तो सिविल स्कोर खराब कर दिया जाएगा। क्या बिल में यह बढ़ोत्तरी बैंकिंग नियमों के अनुरूप है ?</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-22576" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0027-815x1024.jpg" alt="" width="640" height="804" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0027-815x1024.jpg 815w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0027-239x300.jpg 239w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0027-768x965.jpg 768w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0027.jpg 1019w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p><strong><span style="color: #ff6600">धोखाधड़ी करके निकाले गए रुपए को लेकर नहीं दर्ज की गई थी एफआईआर</span> </strong></p>
<p>नैमिष प्रताप सिंह का कहना है कि इसके पूर्व 27 फरवरी 2024 को एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड के जिम्मेदार ओहदेदारों की मिलीभगत से उनका रु.18360 निकाल लिया गया था। इसको लेकर उन्होंने कई बार टोल फ्री नं, ट्वीट, ईमेल के जरिए इस समस्या से क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट को अवगत कराया लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया।</p>
<p>हर बार केवल नया एसआर नं. पकड़ा देते थे और फिर इधर – उधर की बातें करके मामले को खत्म करना चाहते थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह रु. 18360 बैगलोर में खर्च होना दिखाया गया है। उन्होंने बार – बार कहा कि जिस भी गुगल पे – पेटीएम पर उनका रु. 18360 ट्रांसफर हुआ है , उसका विवरण उन्हें उपलब्ध कराया जाय।</p>
<p>कोई गुगल पे – पेटीएम खाता बिना फोन नं. / बैंक एकाउंट नं. के बन ही नहीं सकता है तब आखिरकार एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड को जिस भी गुगल पे – पेटीएम पर उनका रु. 18360 ट्रांसफर हुआ है ,उसका विवरण देने में क्या समस्या है। उ</p>
<p>नका दावा है कि चूंकि यह रु. 18360 , जो उनके क्रेडिट कार्ड से निकला है, वह साइबर अपराधियों और एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड की मिलीभगत का दुष्परिणाम है इसलिए जिस खाते में उनका रु.18360 का भुगतान हुआ है , उसका विवरण साजिशन नहीं दिया गया।</p>
<p>एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड ने जब फर्जीवाड़ा करके नैमिष प्रताप सिंह का पैसा निकाले जाने की समस्या की अनदेखी किया तो उन्होंने पिछले वर्ष पुलिस आयुक्त को ईमेल के जरिए प्रार्थनापत्र भेजा , जो साइबर क्राइम सेल हजरतगंज में भेज दिया गया। 02 अप्रैल 2024 को वहां पहुंचकर नैमिष प्रताप सिंह ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया , जिसके बाद उनका प्रार्थनापत्र ले लिया गया , जिसकी क्रमांक संख्या उन्हें 2162/ 24 बताया गया। साइबर क्राइम सेल द्वारा उनसे कहा गया कि हम अपनी जांच – पड़ताल करेंगे लेकिन आप अपने संबंधित थाने पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करवा दीजिए।</p>
<p>इसके बाद 08 मई 2024 को नैमिष प्रताप सिंह ने गाजीपुर थाने पर जाकर प्रभारी निरीक्षक की मौजूदगी न होने पर दिवस अधिकारी के समक्ष प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया , जिस पर उन्होंने कहा कि इसे सर्वोदय नगर पुलिस चौकी को जांच के लिए भेज दिया जाएगा, जहां से उन्हें फोन आएगा लेकिन 10 महीने बीतने के बाद आज तक उन्हें कोई फोन नहीं आया।</p>
<p>इस दौरान शिकायतकर्ता ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर भी फोन किया तो उन्होंने कहा कि जब तक थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट नहीं दर्ज होगी तब तक कोई सुनवाई नहीं होगी। जब शिकायतकर्ता की कहीं से रु. 18360 की ठगी को लेकर कोई सुनवाई नहीं हुई तो अगले बिल में जब रु. 18360 जुड़कर आया तब उन्होंने इसका पूर्ण भुगतान कर दिया।</p>
<p>नैमिष प्रताप सिंह का दावा है कि एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड ने लगभग प्रत्येक माह निर्धारित किश्त रु. 5839.51 से अधिक का बिल भेजा है , जिसका भी उन्होंने समय से भुगतान किया है और इस ठगी को लेकर भी उनकी कोई शिकायत इन लोगों के द्वारा नहीं सुनी गई , टोल फ्री नं. पर फोन करने पर केवल इधर – उधर की बातों से उन्हें बहलाया गया।</p>
<p>पीड़ित शिकायतकर्ता ने कहा कि एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड की समस्त किश्तें समयानुसार जमा किया गया है। उन्होंने कहा कि इस क्रेडिट कार्ड के अलावा या किसी अन्य क्रेडिट कॉर्ड , गाड़ी आदि किसी भी अन्य लोन की कभी भी कोई एक भी किश्त के भुगतान में उनसे कोई देरी भी नहीं हुई है। उनका पूरे जीवन में कोई एक भी चेक बाउंस नहीं हुआ है , इन्हीं कारणों से उनका सिविल स्कोर हमेशा अच्छा रहता है।</p>
<figure id="attachment_22577" aria-describedby="caption-attachment-22577" style="width: 433px" class="wp-caption alignnone"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-full wp-image-22577" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/FB_IMG_1741364640440.jpg" alt="" width="433" height="444" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/FB_IMG_1741364640440.jpg 433w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/FB_IMG_1741364640440-293x300.jpg 293w" sizes="auto, (max-width: 433px) 100vw, 433px" /><figcaption id="caption-attachment-22577" class="wp-caption-text"><span style="color: #ff00ff"><strong>शिकायतकर्ता &#8211; नैमिष प्रताप सिंह</strong></span></figcaption></figure>
<p>उन्होंने बताया कि एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड का क्रेडिट कार्ड उन्हें यूको बैंक की गोमती नगर शाखा में जहां उनका बचत खाता है , वहां लेन – देंन का रिकॉर्ड अच्छा बताकर बनाया गया था अर्थात ठगी की पृष्ठभूमि गोमतीनगर के यूको बैंक परिसर में तैयार हुई।</p>
<p>सवाल यह है कि क्या साजिशन फर्जी बिल भेजने के लिए जिम्मेदार मैनेजर – कस्टमर केयर सर्विस / सक्षम अधिकारी , एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड,डीएलएफ इंफिनिटी टावर्स, टावर सी, 12 वीं मंजिल, ब्लाक 2,बिल्डिंग 3, डीएलएफ साइबर सिटी ,गुड़गांव – 122002 हरियाणा के खिलाफ लखनऊ पुलिस प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करेगी ?</p>
<p>क्या एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड द्वारा अपने लखनऊ के प्रतिनिधि अफसर का पीड़ित शिकायतकर्ता का कोई मोबाइल नं. / पता देने के बजाय उनका मो. नं. ‘ वसूली गैंग ’ को पकड़ा दिया है जिसने कल पूरा दिन उन्हें फोन कर – करके फर्जी बिल के अवैध वसूली करने का दबाव बनाया जाता रहा। अब क्या वसूली गैंग के खिलाफ नैमिष प्रताप सिंह को साजिशन प्रताड़ित करने के मामले में लखनऊ पुलिस प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करेगी ?</p>
<p>क्या 02 अप्रैल 2024 को साइबर क्राइम सेल , हजरतगंज और 08 मई 2024 को गाजीपुर थाने पर एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड द्वारा नैमिष प्रताप सिंह के साथ की गई ठगी के शिकायत की जो अनदेखी की गई , उनकी प्रथम सूचना रिपोर्ट नहीं लिखी गई , क्या उसके लिए साइबर क्राइम सेल / गाजीपुर थाने की पुलिस का कोई उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी ?</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<item>
		<title>Fraud : फर्जी घरौनी बनाकर फंसे लेखपाल, विभागीय कार्यवाही की मांग हुई तेज !</title>
		<link>https://www.lokdastak.com/archives/22500</link>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Mar 2025 17:06:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अमेठी]]></category>
		<category><![CDATA[उत्‍तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Fraud]]></category>
		<category><![CDATA[आवासीय अभिलेख]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>REPORT BY BRIJESH YADAV  AMETHI NEWS। तहसील मुसाफिरखाना में आए दिन सूर्खियों में रहने वाले...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000"><strong>REPORT BY BRIJESH YADAV </strong></span></p>
<p><em><strong>AMETHI NEWS।</strong></em></p>
<p>तहसील मुसाफिरखाना में आए दिन सूर्खियों में रहने वाले राजस्व लेखपाल द्वारा पट्टा के नाम पर पंजी मांगते ऑडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ है। गौरतलब हो कि राजस्व लेखपाल अपनी कार गुजारियों के चलते आए दिन सुर्खियों में रहते है।</p>
<p>थानाक्षेत्र बाजार शुक्ल की ग्राम पंचायत इक्काताजपुर के ग्राम प्रधानपुत्र एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुरजीत यादव द्वारा जिलाधिकारी अमेठी निशा अनंत को पत्र देकर राजस्व ग्राम सिधौली की गाटा संख्या 964 जो राजस्व अभिलेखों में सामान्य आबादी दर्ज है।</p>
<p>उस पर किसी अन्य गांव के निवसी सुधीर कुमार मिश्र के नाम रूपए का लेनदेन का अवैधानिक तरीके से स्वामित्व योजना के तहत घरौनी दर्ज करने का आरोप लगाया गया था और जांच कर दर्ज की गई घरौनी निरस्त करने व कार्यवाही करने की मांग की गई थी जिस पर जिलाधिकारी निशा अनंत द्वारा उपजिलाधिकारी मुसाफिरखाना को जांच सौपी गई थी।</p>
<p>जांच में तथ्य सामने आया कि स्वामित्व योजना के तहत सर्वेक्षण कराकर आबादी क्षेत्र में काबिज दाखिल भू-स्वामियों का ग्रामीण आवासीय अभिलेख घरौनी प्रपत्र-10 हेतु स्थानीय क्षेत्र में तैनात लेखपाल अजीत सिंह की तैनाती की गयी।</p>
<p>तैनात लेखपाल शासकीय दायित्वों को दरकिनार करते हुए सामान्य आबादी भूमि गाटा सं. 964, रकबा 0.0310हे0 श्रेणी 6-2 पर दूसरी ग्राम पंचायत मवइया रहमतगढ़ में निवास करने वाले व्यक्ति सुधीर कुमार मिश्रा पुत्र नागेश्वर मिश्रा के नाम स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आवासीय अभिलेख घरौनी प्रपत्र-10 तैयार कर दिया गया है।</p>
<p>शिकायतकर्ता प्रधानपुत्र व सामाजिक कार्यकर्ता को उक्त प्रकरण की जानकारी 20020325000910/987 प्रारूप आई0जी0आर0एस0 के माध्यम से दी गई है। कि ‘‘स्वामित्व योजना के तहत घरौनी ग्राम मवइया रहमतगढ़ निवासी सुधीर कुमार मिश्रा पुत्र नागेश्वर मिश्रा के नाम बन गई है। जो त्रुटिपूर्ण है। ग्राम सिधौली का स्वामित्व योजना का प्रपत्र- 5 लाक है, जिसका संशोधन मेरे स्तर से किया जाना सम्भव नहीं है।</p>
<p>आवेदक को अवगत करा दिया गया कि नियमानुसार सक्षम न्यायालय में वाद योजित कर अनुतोष प्राप्त करे।’’ ऐसे में सवाल यह है कि इतनी बड़ी गड़बड़ी लेखपाल द्वारा की गई। प्रशासन पूरे प्रकरण से अवगत है परन्तु किस मोह में लेखपाल पर कार्यवाही नहीं की जा रही है।</p>
<p>शिकायतकर्ता प्रधानपुत्र व सामाजिक कार्यकर्ता सुरजीत यादव ने कहा कि लेखपाल अजीत सिंह द्वारा फर्जी तरीके से सांठ-गांठ करके गाटा सं. 964, रकबा 0.0310हे0 श्रेणी 6-2 पर मवइया रहमतगढ़ ग्रामसभा में निवास करने वाले सुधीर कुमार मिश्रा पुत्र नागेश्वर मिश्रा के नाम स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आवासीय अभिलेख घरौनी प्रपत्र-10 दर्ज किया गया है।</p>
<p>जिसे निरस्त कराते हुए दोषी राजस्व लेखपाल के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही करने की मांग की है। प्रशासन द्वारा कार्यवाही नहीं करने से नाराज सामाजिक कार्यकर्ता सुरजीत यादव ने प्रशासन के खिलाफ ग्राम पंचायत के लोगों के साथ आमरण अनशन पर बैठने की बात दी है।</p>
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		<title>बिजली विभाग का नया कारनामा&#8230;.मरने के बाद भी बिजली मीटर की रीडिंग कर रहा विद्युत कर्मी</title>
		<link>https://www.lokdastak.com/archives/10611</link>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Apr 2023 17:12:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
		<category><![CDATA[electronic]]></category>
		<category><![CDATA[Fraud]]></category>
		<category><![CDATA[बिजली मीटर]]></category>
		<category><![CDATA[रीडिंग]]></category>
		<category><![CDATA[विद्युत विभाग]]></category>
		<category><![CDATA[संविदा कर्मी]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; अमेठी। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार काम कर रही है...</p>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/10611">बिजली विभाग का नया कारनामा&#8230;.मरने के बाद भी बिजली मीटर की रीडिंग कर रहा विद्युत कर्मी</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>अमेठी।</p>
<p>केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार काम कर रही है वही वीवीआईपी अमेठी में विद्युत विभाग के आला अधिकारियों की नाक के नीचे ही उनके सानिध्य में ही खेल खेला जा रहा है । स्वर्ग से भी मीटर रीडर 06 महीने बाद भी क्षेत्र में घर घर जाकर मीटर रीडिंग करते हुए बिल जारी कर रहा है I</p>
<p>वही दो संविदा कर्मियों द्वारा काम छोड़ने के बावजूद भी उनकी आईडी से लगातार बिल बनाने का मामला प्रकाश में आया है।मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।<br />
मामला केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के वीवीआईपी संसदीय क्षेत्र अमेठी के मुसाफिरखाना तहसील मुख्यालय स्थित एसडीओ कार्यालय से जुड़ा है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार मीटर रीडर के तौर पर कार्यरत रहे राज कुमार पांडेय की बीते वर्ष 19 सितंबर को इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।किंतु इसके बावजूद भी राजकुमार पाण्डेय की यूजर आईडी से भी लोगों के घर पहुंचकर उनके मीटर की रीडिंग करते हुए अप्रैल महीने का भी विद्युत बिल जारी कर चुके हैं।वही दूसरे मीटर रीडर रहे कन्हैया लाल ने निजी कारणों से फरवरी 2022 को काम छोड़ दिए किंतु उनकी आईडी से भी विद्युत बिल बनाए जा रहे हैं।</p>
<p>जब कन्हैया लाल को बिल जारी होने की जानकारी हुई तो उन्होंने जिलाधिकारी सहित मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर कार्यवाही की मांग की है।वही हरि शंकर ने भी नवंबर 2021 में मीटर रीडर का काम छोड़ चुके हैं।इसके बाद भी उनकी आईडी से अनाधिकृत तौर पर बिल बनाए जा रहे हैं।सूत्रों के अनुसार प्राप्त आंकड़ों के आधार हरि शंकर की आईडी से फरवरी महीने में 1298 मार्च 2023 में 252 उपभोक्ताओं के बिल जारी किए गए हैं I</p>
<p>वही कन्हैया लाल की आईडी से फरवरी में 1437 मार्च में 1288 के साथ ही अप्रैल में भी 07 उपभोक्ताओं के बिल मीटर रीडिंग करते हुए बिल जारी किया गया है।सूत्र बताते है कि राज कुमार पाण्डेय की पिछले वर्ष 19 सितंबर को इलाज के दौरान निधन हो गया था। इसके बावजूद भी उक्त मृतक राज कुमार पाण्डेय की आईडी द्वारा मार्च 2023 में 1404 व अप्रैल महीने में 10 उपभोक्ताओं के विद्युत बिल बनाने का मामला उजागर हुआ ।</p>
<p>मामला डीएम के संज्ञान में आने के बाद सूत्रों के अनुसार लीपापोती का खेल भी शुरू हो गया और आनन फानन में काम छोड़ चुके लोगों की करीब दर्जन भर आईडी बंद कर दी गई है।कन्हैया लाल द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर व हरि शंकर द्वारा डीएम को शिकायती पत्र देकर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की गई है।</p>
<p>हालांकि मामला उजागर होने के बाद जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी ।एसडीओ से बात करने की कोशिश की गई तो उनके नंबर पर कॉल नहीं लगी है।</p>
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