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	<title>विज्ञान Archives - Lok Dastak</title>
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	<description>Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi.Lok Dastak</description>
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	<title>विज्ञान Archives - Lok Dastak</title>
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		<title>बीबीएयू के आईटी विभाग द्वारा आयोजित हुआ एनसीआरटीएसटी पर राष्ट्रीय सम्मेलन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 24 Feb 2024 04:12:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विज्ञान]]></category>
		<category><![CDATA[आईटी विभाग]]></category>
		<category><![CDATA[एनसीआरटीएसटी]]></category>
		<category><![CDATA[टेक्नोलॉजी]]></category>
		<category><![CDATA[बीबीएयू]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय सम्मेलन]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>REPORT BY LOK REPORTER  LUCKNOW NEWS I  बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के विज्ञान और प्रौद्योगिकी...</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000"><strong>REPORT BY LOK REPORTER </strong></span></p>
<p><em><strong>LUCKNOW NEWS I </strong></em></p>
<p>बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नवीनतम प्रवृतियों (एनसीआरटीएसटी-2024) पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित हुआ।उद्घाटन सत्र मुख्य अतिथि के रूप में यूपी शासन में डीजी टेलीकाम डॉ.एस.एम.तराडे शामिल हुए।उन्होने कहा कि आईटी विभाग ने मेरे जैसे नाचीज को यहाँ तक पहुँचा दिया।</p>
<p>उन्होंने शासन की भी तारीफ़ की।उन्होंने कहा कि यूपी 112 देश में एक बहुत बड़ा आयाम कायम किया है।प्रदेश के मिशन क्रिटिकल पर विस्तृत चर्चा की।पूरे प्रदेश में इंड टू इंड इंक्रीप्शन सेट लगाए गये हैं।डिजिटाइजेशन के रूप में पुश टू टॉक का इजात किया गया है।इसके उपयोग 300 मिली सेकंड में पार्टी से कनेक्ट हो सकते हैं।जल्द ही प्रदेश के सभी हिस्सों में लगेगा।यह लोकेशन भी बताएगा।</p>
<p>प्रदेश के प्रत्येक थाने में सीसीटीवी लगाया गया, जिसे कोई उच्च अधिकारी लॉग इन करके देख सकते है।मुख्य वक्ता के रूप में शामिल प्रो. शेखर वर्मा ने जनरेटिव एआई के डिफुजन मॉडल पर विस्तृत चर्चा की।उन्होंने बताया कि यह अब कला और रचनात्मकता,संगीत, कम्प्यूटर ग्राफ़िक्स,स्वास्थ्य देखभाल,विनिर्माण और रोबोटिक्स आदि में उपयोग में लाया जा रहा है।</p>
<p>कुलपति डॉ. संजय सिंह ने महापुरुषो और महात्माओं को वैज्ञानिक की संज्ञा दी।उन्होंने डीजी से अनुरोध किया कि सरकार के जो भी आईटी से जुड़े प्रोजेक्ट हों उसे बीबीएयू से मिलकर करें। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में समय और टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढ़ते रहना चाहिए। देश को विकसित करने में टेक्नोलॉजी महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी।मंच का संचालन डॉ. अलका ने किया।</p>
<p>राष्ट्रीय सम्मेलन में कुल 47 रिसर्च पेपर प्रजेंट किए गये।वालेंटियर की भूमिका में अश्वनी कांत शुक्ला, मनीष जोशी, अपूर्व सिंह, संदीप वर्मा समेत दर्जन छात्र रहे।डीन डॉ.एम.पी. सिंह,विभागाध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र पाण्डेय, डॉ.पी. के. चौरसिया, डॉ. संदीप नायक, डॉ. नीरज तिवारी, डॉ अमित सिंह,डॉ. अभिषेक वर्मा आदि मौजूद रहे।</p>
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		<title>प्रगति के पथ पर देश&#8212;&#8211;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Aug 2023 17:29:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विज्ञान]]></category>
		<category><![CDATA[#chandrayan]]></category>
		<category><![CDATA[इसरो]]></category>
		<category><![CDATA[चंद्रमा]]></category>
		<category><![CDATA[चंद्रयान- 3]]></category>
		<category><![CDATA[दक्षिणी ध्रुव]]></category>
		<category><![CDATA[भारत के वैज्ञानिक]]></category>
		<category><![CDATA[मून]]></category>
		<category><![CDATA[लैंडिंग]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; चन्द्रमा के दक्षिण धुव्र पर चन्द्रयान -3 के सफल लैंडिंग करवाने पर भारत के...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>चन्द्रमा के दक्षिण धुव्र पर चन्द्रयान -3 के सफल लैंडिंग करवाने पर भारत के वैज्ञानिकों को बहुत &#8211; बहुत बधाई व शुभ भविष्य के लिये मंगलकामनायें । बहुत साधारण रूप से कई ख्याति प्राप्त वैज्ञानिकों , उद्योगपतियों, व्यापारियों आदि ने जीवन शुरू किया था। पर आज वो अपने जीवन में विश्व-क्षितिज पर प्रगति के अनुकरणीय गुरु हो गये। कैसे? अपनी लगन, मेहनत ,हुनर तथा सद्व्यवहार से आदमी रंक से राजा बन सकता है ,मिट्टी को सोना बना सकता है , कोयले में हीरा खोज सकता है इन चार गुणों से।</p>
<p>जीवन का सार शब्द सफलता है । पर दिन रात स-लगन इसके लिए मेहनत अलबत्ता करनी पड़ती है । जब &#8211; जब भी मिले सुअवसर ज्ञान प्राप्त करने का तो चूकना मत, यही तो है जीवन की असली आन-बान । खुशकिस्मत होते हैं वे लोग जिनके अपने उनके प्रतिभा को संवारते और निखारते हैं, अन्यथा तो प्रतिभा दबा दी जाती है। हर इंसान में कोई ना कोई प्रतिभा जरूर होती है । प्रतिभा एक बिना धार की तलवार है, उसे मेहनत रूपी पत्थर पर घिसना पड़ता है ताकि दृढ़ इच्छाशक्ति से उसे अन्तिम सफलता में परिणाम मिल सके । सपने हमारे भविष्य को सही आकार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-13800" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/08/Screenshot_20230823-224242_Facebook-300x213.jpg" alt="" width="300" height="213" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/08/Screenshot_20230823-224242_Facebook-300x213.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/08/Screenshot_20230823-224242_Facebook-1024x726.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/08/Screenshot_20230823-224242_Facebook-768x545.jpg 768w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/08/Screenshot_20230823-224242_Facebook.jpg 1523w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>सही कहा गया है कि यदि आप कोई कल्पना कर सकते हैं तो आप इसे प्राप्त कर सकते हैं और यदि आप कोई सपना देख सकते हैं तो आप वह प्राप्त कर सकते हैं । इसलिए यदि आपके पास सपना है तो इसे अपने लक्ष्य के रूप में स्थापित करें और इसे प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करें। अतः यद्यपि यह कहना बहुत आसान है बजाए करने के लेकिन अगर आप वास्तव में इसे प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं तो आप इसे निश्चित रूप से प्राप्त करने में सक्षम होंगे। पॉजिटिव माइंड सेट से लगातार सीख कर और मेहनत करने से जिंदगी में कुछ भी हासिल किया जा सकता है ।</p>
<p>इस अवसर पर कुछ पंक्तियाँ &#8211; नदियाँ की धारा में पत्थर का टुकड़ा बहता है घिसता है ठोकरें खाता हैं।घिस-घिस वही पत्थर पूजनीय बन जाता है। बारिश का पानी भी नदियों में बहता हैं नालों में बहता हैं लेकिन वही जब सीप में पड़ जाए तो मोती बन जाता हैं। मेहनत से उठा हूं,मेहनत की राह जानता हूँ , आसमाँ से ज़्यादा,जमीं की क़द्र जानता हूं, संघर्षों के बड़े पेड़ ही ,झेल पाते हैं आँधियाँ, में उन मगरूर दरख़्तों का हश्र भी जानता हुँ । जब से यह बात गुरु मुख से सुनी हैं ,याद करते ही हिम्मत-जोश-जज़्बा-आगे बढ़ने का जुनून सर चढ़ कर बोलता हैं। जो में साझा कर रहा हूँ, डर की क्या बात पथिक,चलिये काली रातों में, पथ में उजियारा,ख़ुद ब ख़ुद होगा,लो दीपक हाथों में, दुनिया का दीपक धोखा दे सकता है तूफ़ानों में, साहस का दीपक जलता रहता है झंझावातों में ।</p>
<p>इसका ताजा उदाहरण अभी हमारे सामने है भारत के वैज्ञानिकों ने वर्षों से कठिन परिश्रम करके चन्द्रमा के दक्षिण धुव्र पर चन्द्रयान -3 का सफल लैंडिंग करवाया हैं । सकारात्मक सोच व मेहनत से दुनिया में भारत के वैज्ञानिकों ने चन्द्रमा के दक्षिण धुव्र पर सफल लैंडिंग करने का रिकॉर्ड बना डाला।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-13801" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/08/Screenshot_20230823-224249_Facebook-300x213.jpg" alt="" width="300" height="213" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/08/Screenshot_20230823-224249_Facebook-300x213.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/08/Screenshot_20230823-224249_Facebook-1024x729.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/08/Screenshot_20230823-224249_Facebook-768x547.jpg 768w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/08/Screenshot_20230823-224249_Facebook.jpg 1512w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>पॉजिटिव माइंड सेट व आत्मविश्वास न सिर्फ हमको मानसिक बल्कि शारीरिक रूप से भी स्वस्थ बनाता है ।भारत के वैज्ञानिकों ने विश्व में उपलब्धियों का ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है जो युगों-युगों तक बड़े ही आदर सम्मान से उनका नाम स्मरण किया जाता रहेगा ।<br />
<span style="color: #ff0000"><strong>प्रदीप छाजेड़ </strong></span><br />
<span style="color: #ff0000"><strong>( बोरावड़ ,राजस्थान)</strong></span></p>
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		<title>भारत में ई-कॉमर्स और उत्सर्जन में होगी व्यापक वृद्धि</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 May 2023 06:42:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विज्ञान]]></category>
		<category><![CDATA[ई-कॉमर्स]]></category>
		<category><![CDATA[उत्सर्जन]]></category>
		<category><![CDATA[ग्रीनहाउस गैस]]></category>
		<category><![CDATA[भारत]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय ई-कॉमर्स बाजार]]></category>
		<category><![CDATA[वायु प्रदूषण]]></category>
		<category><![CDATA[व्यापक वृद्धि]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; लखनऊ I अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क क्लीन मोबिलिटी कलेक्टिव (सीएमसी) और स्टैंड.अर्थ रिसर्च ग्रुप (एसआरजी) की...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>लखनऊ I</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क क्लीन मोबिलिटी कलेक्टिव (सीएमसी) और स्टैंड.अर्थ रिसर्च ग्रुप (एसआरजी) की एक नई शोध रिपोर्ट में भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में 2030 तक मौजूदा स्तर से दस गुना वृद्धि का अनुमान लगाया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान में प्रति वर्ष 4 बिलियन (400 करोड़) पार्सल की डिलीवरी की जाती है जिसके 2030 तक बढ़कर 40 बिलियन (4,000 करोड़) पार्सल हो जाने का अनुमान है, जिससे इस क्षेत्र से 2030 तक 8 मिलियन (80 लाख) टन कार्बन-डाई-ऑक्साइड का कुल वार्षिक उत्सर्जन (इमिशन) होगा.</p>
<p>यह एक वर्ष में 16.5 लाख पेट्रोल कारों या गैस से चलने वाले 20 बिजली संयंत्रों से होने वाले उत्सर्जन के बराबर है.<br />
वैश्विक ई-कॉमर्स बाजार में भी बहुत अधिक वृद्धि का अनुमान है. साल 2022 में पूरी दुनिया में कुल 315 बिलियन (31,500 करोड़) पार्सल की डिलीवरी की गई, जो अनुमान के मुताबिक 2030 तक दोगुने से अधिक बढ़कर सालाना 800 बिलियन (80,000 करोड़) पार्सल हो जाएगा. रिपोर्ट इस तथ्य पर भी प्रकाश डालता है कि डिलीवरी में इस जबरदस्त बढ़ोतरी से 2030 में 160 मिलियन (16 करोड़) टन कार्बन-डाई-ऑक्साइड (CO2) का कुल उत्सर्जन होगा, जो गैस से चलने वाले 400 बिजली संयंत्रों से होने वाले उत्सर्जन के बराबर है.</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-11262" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230527-WA0321-300x200.jpg" alt="" width="300" height="200" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230527-WA0321-300x200.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230527-WA0321-1024x682.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230527-WA0321-768x512.jpg 768w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230527-WA0321-1536x1023.jpg 1536w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230527-WA0321.jpg 1600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>नवीनतम सीएमसी/एसआरजी रिपोर्ट, &#8220;कॉस्ट ऑफ़ कन्वीनियंस: रिवीलिंग द हिडेन क्लाइमेट एंड हेल्थ इम्पैक्ट्स ऑफ़ द ग्लोबल ई-कॉमर्स ड्रिवेन पार्सल डिलीवरी इंडस्ट्री थ्रू 2030&#8221; के मुताबिक परिवहन क्षेत्र, जिसका ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में वैश्विक स्तर पर पहले से बहुत बड़ा योगदान है, से होने वाले उत्सर्जन में 2030 तक बहुत अधिक वृद्धि का अनुमान है. रिपोर्ट का पूर्वानुमान है कि सिर्फ लास्ट माइल डिलीवरी से होने वाला वैश्विक वार्षिक ई-कॉमर्स उत्सर्जन 2030 तक काफी उच्च स्तर पर पहुंचकर प्रति वर्ष 1.6 लाख टन कार्बन-डाई-ऑक्साइड (CO2) का उत्सर्जन कर सकता है.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>क्लीन मोबिलिटी कलेक्टिव के इंडिया कोऑर्डिनेटर सिद्धार्थ श्रीनिवास ने कहा, &#8220;आने वाले वर्षों में ई-कॉमर्स और तेजी से बढ़ेगा, ऐसे में उद्योग को अपने बढ़ते इमिशन फुटप्रिंट की समस्या से निपटने की आवश्यकता है. इस क्षेत्र से कार्बन उत्सर्जन ख़त्म करना न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद है और भारत के विशाल आयात खर्च को बचाएगा, बल्कि उत्सर्जन और वायु प्रदूषण को कम करने और उससे बचने के अन्य फायदे भी हैं.</p>
<p>रिपोर्ट में यह भी पाया गया है कि 2023 से 2030 तक अगर व्यापार का यही वर्तमान परिदृश्य बना रहा, तो भारतीय के लोजिस्टिक मार्केट की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कंपनियां, जैसे अमेज़ॅन, फ्लिपकार्ट और डीएचएल सामूहिक रूप से अतिरिक्त 17 मिलियन (1.7 करोड़) टन कार्बन-डाई-ऑक्साइड का उत्सर्जन करेंगी.</p>
<p><span style="color: #ffff00"><strong>रिपोर्ट- आशीष अवस्थी ( स्वतंत्र पत्रकार)</strong></span></p>
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		<title>बीबीएयू में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर आयोजित हुआ सेमिनार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 May 2023 17:16:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विज्ञान]]></category>
		<category><![CDATA[बीबीएयू]]></category>
		<category><![CDATA[महिला आयोग]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस]]></category>
		<category><![CDATA[वेबमानिया कॉम्पीटिशन]]></category>
		<category><![CDATA[सूचना प्रौद्योगिकी]]></category>
		<category><![CDATA[सेटेलाइट]]></category>
		<category><![CDATA[सेमिनार]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; लखनऊ। गुरुवार को बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के पर्यावरणीय अध्ययन कांफ्रेंस हॉल में राष्ट्रीय...</p>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/10967">बीबीएयू में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर आयोजित हुआ सेमिनार</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>लखनऊ। गुरुवार को बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के पर्यावरणीय अध्ययन कांफ्रेंस हॉल में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और संस्थान के नवाचार परिषद के संयुक्त प्रयास से महिला सशक्तिकरण के साथ सतत विकास के लिए प्रौद्योगिकी और विज्ञान विषय पर सेमिनार आयोजित हुआ।</p>
<p>द&#x200d;िल्&#x200d;ली के प्रगति मैदान में आयोजित कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी दिखाया गया।डीआईटी में एक इन्क्यूबेशन हब स्थापित करने की चर्चा हुई।सेटेलाइट सेंटर में वेबमानिया कॉम्पीटिशन के टॉप टेंन प्रतिभागी सम्मानित हुए। द&#x200d;िल्&#x200d;ली के प्रगति मैदान में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2023 कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क&#x200d;िया।इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण बीबीएयू में हुआ।</p>
<p>बीबीएयू में आयोजित सेमिनार में डॉ. राजश्री ने अतिथियो का स्वागत किया और उन्होने राजेवरी चटर्जी, कल्पना चावला, मिसाइल वुमेन रेसी थामस, रॉकेट वुमेन हाफ़ इंडिया रितु करियाल के बारे में बताया।सूचना प्रौद्योगिकी विभागाध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र पाण्डेय ने कुलपति आचार्य संजय सिंह का धन्यवाद ज्ञापित किया।राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी की शुभकामनायें देते हुए कहा कि डीआईटी में एक इन्क्यूबेशन हब की स्थापना की जाएगी,जहां विद्वान महिला कार्यबल और देश में नौकरी के अवसरों के बीच की खाई को पाटने के लिए डिजिटल इंटरफेस विकसित किया जायेगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>हमें विज्ञान को समाज से जोड़कर रखना है।मौजूदा दौर में हो रही घटनाओ के से सतर्क रहने की जरुरत है।विभिन्न तरीकों से बेवकूफ और फ़्रॉड करने वाले से सावधान रहे।विशेषकर महिलाओं को अपने अधिकारों जानना चाहिए।एसपी विजिलेंस डॉ. अरविन्द चतुर्वेदी ने युवाओं को जागरूक और आगाह किया और साइबर क्राइम से जुड़े पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की।उन्होने मौजूदा साइबर क्राइम से जुड़े उदाहरण व उनके द्वारा हैंडल किये गए केस को साझा किया और उसके लिए जागरूकता फैलायी।</p>
<p>उन्होने कहा कि युवा वर्ग लड़कियों के साथ अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो बेझिझक 1090 पर फ़ोन करके अपनी समस्या बताएँ।हिंसा को नो कहना सीखना होगा।आज भी हमें अपने विधिक अधिकारों को जानने की जरुरत है। उन्होने आईटी एक्ट 67(A),67 (B), पॉस्को एक्ट, आईपीसी धारा 294,376 आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशाखा गाइडलाइन और महिला आयोग की जानकारी साझा की।राष्ट्रीय कवि और तकनीकी अधिकारी पंकज प्रसून ने कविता के माध्यम लोगों को जागरूक किया।उन्होंने ने सामाजिक बर्बादी को स्क्रीनशॉट तक और आर्थिक बर्बादी ओटीपी तक सीमित होने की बात कही।</p>
<p>जीवन की परिभाषा को मोबाइल से बचे समय जीवन को बताया।उन्होने मोबाइल पर बोलते हुए कहा कि मोबाइल ने सर झुकाकर चलना सिखा दिया।अब बच्चें प्लेग्राउंड के बजाय प्लेस्टोर खेल रहे है।उन्होंने एक स्वरचित कविता &#8211; &#8216;जुड़ गए अकॉउंट फेसबुक पर&#8230;&#8230; जिन्हें साइन करना नहीं आता है&#8217; का पाठ किया।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-10970" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230511-WA0621-225x300.jpg" alt="" width="225" height="300" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230511-WA0621-225x300.jpg 225w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230511-WA0621.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 225px) 100vw, 225px" /></p>
<p>उन्होने कहा कि देश को मिसाइल से ज्यादा आज स्माइल की जरुरत हैं।उन्होंने अंत में सामाजिक जुड़ाव को लेकर कविता हम सोशल मीडिया के झूले में इस तरह झूल रहे&#8230; पासवर्ड तो याद है पर पडोसी को भूल रहे हैं।रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के नारे जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसन्धान के बारे में चर्चा करते हुए नारे के अंत में जय संविधान जोड़ने की अपील की।</p>
<p>प्रो.राणा प्रताप सिंह ने कहा कि दुनियां की उभरती हुई समस्या से कैसे लड़ेंगे इस पर विचार करना चाहिए।डीन डॉ.संजय कुमार द्विवेदी, आईईटी प्रो. वंदना सहगल ने सम्बोधित किया।सेटेलाइट सेंटर अमेठी में 26 अप्रैल को आयोजित हुए वेबमानिया कॉम्पीटिशन में टॉप टेन प्रतिभागियों को मेडल और मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान किया गया।</p>
<p>मंच का संचालन डॉ. अलका ने किया।डॉ. पवन चौरसिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया।डॉ.नीरज तिवारी,बबिता पाण्डेय, अमित कुमार सिंह, मनीष जोशी, संध्या, वीरेंद्र सिंह, अश्वनी, अपूर्व,मो.सुहैल आदि मौजूद रहे।</p>
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		<title>शिवेंद्र ने बनाया ऐसा यंत्र,  माप सकते हैं मिट्टी की नमी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Mar 2023 17:41:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विज्ञान]]></category>
		<category><![CDATA[अविष्कार]]></category>
		<category><![CDATA[छात्रः]]></category>
		<category><![CDATA[नमी]]></category>
		<category><![CDATA[मापक यंत्र]]></category>
		<category><![CDATA[मिट्टी]]></category>
		<category><![CDATA[यंत्र]]></category>
		<category><![CDATA[स्टार्टअप]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सुल्तानपुर  I कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान के कृषि विज्ञान परास्नातक मृदा विज्ञान...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>सुल्तानपुर  I कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान के कृषि विज्ञान परास्नातक मृदा विज्ञान के प्रथम सेमेस्टर के छात्र शिवेंद्र मिश्रा ने मिट्टी की नमी नापने के स्वनिर्मित यंत्र का प्रदर्शन प्राध्यापकों एवं छात्र छात्राओं के मध्य किया। छात्र ने अपने यंत्र का प्रदर्शन कर बताया कि किस मिट्टी में सिंचाई की जरूरत है।</p>
<p>यह किसान भाइयों के लिए एक उपयोगी यंत्र है। शिवेंद्र ने यह भी बताया कि उसने किसानों की फसल बचाने के लिए झटका मशीन भी बनाया है जिसकी लागत कुल उन्नीस सौ मात्र है।जब कि इसका बाजार मूल्य startइस समय सात से आठ हजार रुपए तक है।</p>
<p>छात्र ने इन संयंत्रों को प्रो.आलोक सिंह प्राचार्य,मृदा विज्ञान के डा.केदार नाथ राय,डा.पंकज सिंह,डा.अंशुमान सिंह व डा.सरिता गुप्ता के निर्देशन में निर्मित किया है। डिमांस्ट्रेशन में उपस्थित प्राध्यापकों ने छात्र को स्टार्ट अप शुरु करने हेतु प्रेरित किया।उसकी सफलता हेतु सभी ने अपनी शुभकामनाएं भी दीं। छात्र जनपद के लम्भुआ क्षेत्र के मिश्रपुर, नरेन्द्रपुर का निवासी है।</p>
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		<title>युवा वैज्ञानिक सम्मेलन-रिसर्च पेपर प्रदर्शनी में साझा हुआ विज्ञान का ज्ञान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Jan 2023 17:31:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विज्ञान]]></category>
		<category><![CDATA[अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया]]></category>
		<category><![CDATA[युवा वैज्ञानिक सम्मेलन]]></category>
		<category><![CDATA[रिसर्च पेपर प्रदर्शनी]]></category>
		<category><![CDATA[वैलेंटियर टीम]]></category>
		<category><![CDATA[साझा हुआ विज्ञान का ज्ञान]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; लखनऊ। भोपाल के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान परिसर में इंडियन इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>लखनऊ। भोपाल के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान परिसर में इंडियन इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल के तीसरे दिन बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले विज्ञान के विभिन्न विषयों के प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को एमएसएमई सभागार में आवार्ड देकर सम्मानित किया गया।जिले के वैलेंटियर टीम को भी सम्मानित किया गया।</p>
<p>भारत अंतराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव के युवा वैज्ञानिक सम्मेलन के समानांतर सत्रों में प्रेजेंटेशन के माध्यम से विषय विशेषज्ञ और वैज्ञानिकों ने ज्ञानवर्धन किया।विज्ञान प्रदर्शनी में भौतिकी,जीव विज्ञान व रसायन शास्त्र से सम्बंधित शोध पत्र की प्रदर्शनी का लाभ आये हुए प्रतिभागियों को मिला।इन शोध पत्रों को प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों ने लोगों की जिज्ञासा का समाधान किया।आयोजक और निर्णायक मंडल के सदस्य डॉ.नीरज तिवारी ने प्रदर्शनी में शामिल शोध पत्रों की सराहना की।</p>
<p>उन्होने कहा कि अंतराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में देश के तमाम विषय विशेषज्ञ और वैज्ञानिको का संगम होता है।आईआईएसएफ में प्रतिभाग करने से नई-नई जानकारी और कुछ नया सीखने को मिलता है।आयोजक टीम के सदस्य डॉ.दुष्यंत त्यागी ने कहा कि ऐसे फेस्टिवल का आयोजन होना बहुत ही जरुरी है।उन्होंने कहा कि विज्ञान को सेलिब्रेट कर प्रचारित एवं प्रसारित करना वाकई सभी के लिए लाभकारी है।डॉ. अभिषेक बाजपेई ने कहा कि युवा वैज्ञानिको के इस संगम से शोध छात्रों को बहुत कुछ सीखने और जानने को मिलेगा।ज़ख्म भरने में हरश्रृंगार की कारगरता सम्बंधित शोध ने प्रदर्शनी में लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।</p>
<p>शोध पत्र तैयार करने वाले डॉ. मातादीन भारती ने बताया कि उन्होंने छिलने कटने वाले घाव भरने में हरश्रृंगार की कारगरता पर शोध किया है।यह शोध चूहों पर किया गया। शोध के परिणाम में हरश्रृंगार उपलब्ध दवाइयों से ज्यादा प्रभावी पाया गया।डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने पन्ना टाइगर रिज़र्व में वन्य प्राणियों के खाद्य चक्र पर गहनता से शोध कार्य कर अपना शोध पात्र प्रदर्शित किया।शोध के अंतर्गत शिकार और शिकारी की प्रवृत्ति का अध्ययन कर उनके संरक्षण, संवर्धन और खाद्य उपलब्धता का सार प्रस्तुत किया।</p>
<p>संगठन मंत्री श्रेयांश मण्डलोई ने विभा कार्यकर्ताओं को सफल कार्यक्रम करवाने के लिए बधाई सन्देश प्रेषित किये हैं।डॉ. जजाती,डॉ.अयान दत्ता, डॉ. नीरज तिवारी, डॉ.संदीप मुखोपध्याय, डॉ देवेश कटियार, डॉ.अमिताभा यादव, डॉ. दुष्यंत त्यागी, डॉ. पंकज पाण्डेय, शोध छात्रा मधु, दीपिका, नीतिका नौडियाल, शशांक तिवारी आदि मौजूद रहे।</p>
<p><strong>वैलेंटियर टीम को आयोजक मण्डल ने सम्मानित किया, आभार व्यक्त किया</strong></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-7582" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/01/IMG-20230124-WA0744-300x225.jpg" alt="" width="300" height="225" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/01/IMG-20230124-WA0744-300x225.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/01/IMG-20230124-WA0744-768x576.jpg 768w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/01/IMG-20230124-WA0744.jpg 1024w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>अमेठी। मंगलवार को भारत अंतराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव-2022 का समापन हो गया।युवा वैज्ञानिक सम्मेलन आयोजक मंडल की तरफ स्वयं सेवकों को सम्मानित किया गया।जिले से गयी वैलेंटियर टीम अपनी सेवा देकर देर शाम अपने प्रदेश की ओर रवाना हो गयी।</p>
<p>भारत अंतराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव-2022 के अंतर्गत युवा वैज्ञानिक सम्मेलन में प्रथम, द्वितीय और तृतीय दिवस के समानांतर सत्रों में प्रजेंटेशन माध्यम से विषय विशेषज्ञ और वैज्ञानिको ने ज्ञानवर्धन किया। भौतिकी, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, क़ृषि विज्ञान आदि से सम्बंधित शोध पत्रों की प्रदर्शनी आयोजित की गयी।जिले के छात्र वेद प्रकाश, निर्भय तिवारी, मनोज कुमार, सौरभ पाल, आकाश यादव,आर्यन सिंह ने भारत अंतराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में अपनी सेवा दी।डेलिगेट के रूप में जिले दो छात्र गौरव मिश्र और अभिषेक यादव विज्ञानिका कार्यक्रम में शामिल हुए।</p>
<p><span style="color: #99cc00"><strong>रिपोर्ट- वीरेन्द्र यादव</strong></span></p>
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		<title>बेंगलुरु टेक समिट (बीटीएस-22) में अल्पाइन इंक के GATE Q का हुआ प्रदर्शन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 20 Nov 2022 17:02:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विज्ञान]]></category>
		<category><![CDATA[GATE Q]]></category>
		<category><![CDATA[Gate Q - Crowd Management Tool]]></category>
		<category><![CDATA[narendra modi]]></category>
		<category><![CDATA[अल्पाइन इंक]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदर्शन]]></category>
		<category><![CDATA[बीटीएस-22]]></category>
		<category><![CDATA[बेंगलुरु टेक समिट]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>बेंगलुरु  I एशिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट बेंगलुरु टेक समिट 2022 (बीटीएस 2022) के...</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: left">बेंगलुरु  I</p>
<p>एशिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट बेंगलुरु टेक समिट 2022 (बीटीएस 2022) के रजत जयंती समारोह का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बेंगलुरु में वर्चुअली उद्घाटन हुआ | यह एशिया का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी इवेंट है | टेक इवेंट का सिल्वर जुबली संस्करण &#8216;Tech4NexGen&#8217; थीम के साथ आयोजित किया गया था | इस तीन दिवसीय तकनीकी कार्यक्रम के दौरान नौ समझौता ज्ञापन (एमओयू) और 20 उत्पाद लॉन्च किए गए |<br />
इस अवसर पर बेंगलुरु के 12 से अधिक स्टार्ट-अप जो पिछले वर्ष यूनिकॉर्न के रूप में उभरे हैं, उन्हें &#8216;बेंगलुरु इम्पैक्ट&#8217; अवार्ड से सम्मानित किया गया | इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी में 550 से अधिक प्रदर्शक इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहे | एक्सपो में करीब 50,000 दर्शक आए | इस प्रदर्शनी में रॉबर्ट बॉश, किंड्रिल, शेल, बिल्डर एआई, पेटीएम, ज़ोहो, माइक्रोन, एसीटी, कैश फ्री, रेजरपे, बायोकॉन, एक्सेंचर, ऑरिजीन, इंटेल और फिनिसिया जैसे आईटीई और बायोटेक ने मुख्य रूप से प्रदर्शनी में भाग लिया | आयोजकों के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय पवेलियन में कनाडा, नीदरलैंड, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, यूके, दक्षिण कोरिया और डेनमार्क शामिल हुए |<br />
एशिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट बेंगलुरु टेक समिट 2022 में  अमित कुमार मैनेजिंग डायरेक्टर, अल्पाइन इंक भी आमंत्रित शामिल हुए I उन्होंने अपने उद्बोधन में lab में बने Gate Q &#8211; Crowd Management Tool के विषय में विस्तृत जानकारी दी | भीड़ प्रबंधन उपकरण (CMT) के अनेक लाभ हैंl इससे स्कूल के मुख्य द्वार पर भीड़ एकत्रित नहीं होगीl कड़ी निगरानी रखते हुए अध्यापक अभिभावकों को आसानी से पहचानकर उन्हें बच्चे सौंप सकते हैंl स्कूल में अनुशासन का पालन किया जाएगा l स्कूल प्रबंधन को भी अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता नहीं होती | अल्पाइन इंक के GATE Q उपकरण को स्टाल नंबर S 126 पर प्रदर्शित किया गया था | सभी दर्शकों ने इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की |</p>
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		<title>मेरठ में आंतरिक्ष की पढाई कर रहे छात्र -छात्राएं</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 09 Oct 2022 05:21:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विज्ञान]]></category>
		<category><![CDATA[अंतरिक्ष]]></category>
		<category><![CDATA[रोबोटिक]]></category>
		<category><![CDATA[लैब]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[सौर मंडल]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; मेरठ। प्रदेश में शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए अथक परिश्रम कर कई कदम...</p>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/2641">मेरठ में आंतरिक्ष की पढाई कर रहे छात्र -छात्राएं</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-2643" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2022/10/aadharshila1_311_H@@IGHT_0_W@@IDTH_600-240x300.jpg" alt="" width="240" height="300" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2022/10/aadharshila1_311_H@@IGHT_0_W@@IDTH_600-240x300.jpg 240w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2022/10/aadharshila1_311_H@@IGHT_0_W@@IDTH_600.jpg 334w" sizes="auto, (max-width: 240px) 100vw, 240px" /><br />
मेरठ। प्रदेश में शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए अथक परिश्रम कर कई कदम उठाए हैं। मेरठ में बनी 30 आधारशिला लैब, 92 नगर पंचायतों को लैब से जोड़ने की तैयारी हो रही है I जहां बच्चों को एक ही छत के नीचे अंतरिक्ष, विज्ञान और रोबोटिक से संबंधित सभी जानकारी न केवल पढ़ाई जा रही है, बल्कि उन्हें दिखाकर जानकारी भी दी जा रही है। जिले के ९२ नगर पंचायत क्षेत्र के प्राइमरी स्कूलों में ९२ आधार शिला लैब बनायी जा रही है।<br />
मेरठ के मुख्य विकास अधिकारी सीडीओ शशांक चौधरी  ने बताया कि  राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को परिषदीय शिक्षा में लागू करने के लिए प्राइमरी विद्यालयों में अंतरिक्ष, गणित, विज्ञान और तकनीक से सुसज्जित आधारशिला लैब का निर्माण किया जा रहा है। जिले में 30 स्कूलों में ये लैब बन चुकी है जहां बच्चों को कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, न्यूटन के नियम, बुलेट ट्रेन की संकल्पना, ग्रहों का घूमना और टेलिस्कोप से ब्रम्हांड की सैर करने का मौका मिल रहा है।<br />
रोमांचकारी जानकारी से रूबरू हो सकेंगे ग्रामीण<br />
गांव में बने प्राइमरी स्कूलों में इन दिनों आधारशिला लैब बनाने का कार्य चालू है। मेरठ की 92 में से 30 नगर पंचायत क्षेत्र में बने प्राइमरी स्कूलों में आधारशिला लैब बनाई जा चुकी है। जबकि शेष प्राइमरी पाठशाला में भी यह लैब जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगी। इस आधारशिला लैब के मॉडल में न केवल बच्चे पढ़ाई कर सकेंगे बल्कि ग्रामीणों को भी अंतरिक्षए बुलेट ट्रेनए रोबोटिक जैसे रोमांचकारी जानकारियों से रूबरू कराया जाएगा।<br />
ड्रीम वॉल करेगी सपनों को साकार<br />
इस लैब में एक ड्रीम वॉल भी बनाई गई है, जिस पर साइंटिस्ट, डॉक्टर सहित तमाम किरदारों को दिखाया और उनके बारे में बारीकी से बताया गया है, ताकि बच्चे इन्हें देख और इनके बारे में समझकर आसानी से लक्ष्य तय कर सकें। सीडीओ शशांक चौधरी ने बताया कि यह लैब काफी आकर्षक है। बच्चे छुट्टियों में भी इसे देखने आते हैं। बच्चों के साथ उनके माता.पिता को भी लैब में बुलाया जाता है, जिससे उन्हें भी लैब के माध्यम से तमाम जानकारियां दी जा सकें और वो अपने बच्चों की मदद कर सकें।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<item>
		<title>मनाया गया ‘इंजीनियर्स डे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Sep 2022 17:04:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अमेठी]]></category>
		<category><![CDATA[विज्ञान]]></category>
		<category><![CDATA[इंजीनियरिंग]]></category>
		<category><![CDATA[इन्जीनियर डे]]></category>
		<category><![CDATA[छात्रः]]></category>
		<category><![CDATA[पिचिंग]]></category>
		<category><![CDATA[पेंटिंग]]></category>
		<category><![CDATA[मैंचिंग]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आरआरएसआईएमटी मे  ‘इंजीनियर्स डे’ मनाया गया। ‘इंजीनियर्स डे’ पर इंजीनियरिंग के छात्रों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं...</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-1146" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2022/09/IMG-20220915-WA0346-225x300.jpg" alt="" width="225" height="300" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2022/09/IMG-20220915-WA0346-225x300.jpg 225w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2022/09/IMG-20220915-WA0346-768x1024.jpg 768w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2022/09/IMG-20220915-WA0346-1152x1536.jpg 1152w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2022/09/IMG-20220915-WA0346-1024x1365.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2022/09/IMG-20220915-WA0346.jpg 1200w" sizes="auto, (max-width: 225px) 100vw, 225px" />आरआरएसआईएमटी मे  ‘इंजीनियर्स डे’ मनाया गया। ‘इंजीनियर्स डे’ पर इंजीनियरिंग के छात्रों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में  प्रतिभाग किया I इंजीनियर्स डे’ पर छात्र  पुरस्कृत  हुए I</p>
<p>भारत के महान सिविल इंजीनियर डॉ0 मोक्षगुंडम विसवेशरैया के जन्म दिन 15 सितंबर को पूरे भारत मे ‘इंजीनियर्स डे’ के रूप मे मनाया जाता है। डॉ0 मोक्षगुंडम विसवेशरैया का जन्म कर्नाटक के कोलार जिले के एक गरीब तेलगू परिवार मे 15 सितंबर 1860 को हुआ था। पूना साइन्स कालेज से सिविल इंजीनियरिंग करने के पश्चात डॉ0 विसवेशरैया ने देश और जनता के लिए अपने इंजीनियरिंग कौशल से अभूतपूर्व सेवा किया जिसके लिए उन्हे वर्ष 1950 मे भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। तब से आज तक उनके जन्म दिवस को अभियंता दिवस (इंजीनियर्स डे) के नाम से जाना जाता है। इसी क्रम मे 15 सितम्बर, वृहस्पतिवार को अमेठी जनपद के मुंशीगंज मे स्थित इंजीनियरिंग और प्रबंधन संस्थान राजर्षि रणञ्जय सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलोजी (आरआरएसआईएमटी) मे ‘इंजीनियर्स डे’ का आयोजन किया गया।<br />
इस अवसर पर संस्थान में टेक्निकल क्विज, वाद-विवाद, प्रोजेक्ट आइडिया पिचिंग, लोगो मेकिंग और पोस्टर प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें इंजीनियरिंग के छात्रों ने भाग लिया।<br />
टेक्निकल क्विज में सीएस से कृष्णा सिंह, ईसी से सत्यम सिंह, ईएन से हरि दर्शन यादव, एमई से अमित यादव, सीई से सिमरन मौर्या प्रथम स्थान पर विजयी रहीं। वहीं वाद- विवाद प्रतियोगिता में पक्ष में बोलने के लिए अजीमुद्दीन हैदर पहले और अभय मिश्र दूसरे स्थान के लिए तथा विपक्ष में बोलने के लिए सखी वर्मा को पहले स्थान और कृष्णा सिंह को दूसरे स्थान के लिए विजयी रहे। प्रोजेक्ट आइडिया पिचिंग में ईसी से सत्यम, ईएन से उपमा और सीएस से विशाल सिंह पहले स्थान के लिए विजयी रहे। लोगो मेकिंग में ईसी से धनंजय कुमार, ईएन से हरिदर्शन, सिविल से सिमरन मौर्या, एमई से निकेत चौहान, सीएस से साक्षी वर्मा पहले स्थान पर रहे।<br />
पोस्टर प्रस्तुतीकरण में संजू देवी, हरिदर्शन और कात्यायनी त्रिपाठी क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर चुने गए।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-1148" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2022/09/IMG-20220915-WA0349-300x135.jpg" alt="" width="300" height="135" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2022/09/IMG-20220915-WA0349-300x135.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2022/09/IMG-20220915-WA0349-1024x461.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2022/09/IMG-20220915-WA0349-768x346.jpg 768w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2022/09/IMG-20220915-WA0349-1536x691.jpg 1536w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2022/09/IMG-20220915-WA0349.jpg 1600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /><br />
संस्थान के सेमिनार हाल में पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में सेंटर आफ टेक्नोलॉजी एन्ड इंटरप्रिन्योरशिप के निदेशक संजय सिंह उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि ने प्रतियोगिताओं में विजयी छात्रों को शील्ड देकर पुरस्कृत किया। मुख्य अतिथि ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाला समय उद्यमियों का होगा और भारत मे इनकी खासी कमी है। इंजीनियरिंग के छात्रों से मुखातिब होते हुए संजय सिंह ने अपील किया अपने प्रोजेक्ट में व्यावहारिक समस्याओं का समाधान खोजने का प्रयास करें।<br />
संस्थान की निदेशक डॉ0 चंदारानी ने सभी को इंजीनियर्स डे की बधाई देते हुए कहा कि देश का विकास करने में इंजीनियरों का विशेष योगदान रहा है।<br />
इस अवसर पर संस्थान के संयुक्त निदेशक शशांक श्रीवास्तव, तथा संयुक्त निदेशक एवं कार्यक्रम के नोडल प्रभारी निशांत श्रीवास्तव के साथ सभी शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन गुंजन सिंह ने किया। हर वर्ष 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे मनाया जाता है I भारत के महान सिविल इंजीनियर डॉ0 मोक्षगुंडम विसवेशरैया को भी याद किया जाता है I इसी को  इंजीनियर डे के रूप में मनाया जाता है I</p>
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