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	<title>Women&#039;s Day Archives - Lok Dastak</title>
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	<title>Women&#039;s Day Archives - Lok Dastak</title>
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		<title>International Women’s Day नवाचारों का बीज रोपती आधी आबादी-</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 17:25:45 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>PRESENTED BY ARVIND JÀYTILAK  आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। दुनिया की सभी महिलाओं को आसमान...</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000"><strong>PRESENTED BY ARVIND JÀYTILAK </strong></span></p>
<p>आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। दुनिया की सभी महिलाओं को आसमान भर बधाई और मंगल शुभकामनाएं। सिर्फ इसलिए नहीं कि आज उनका दिन है। इसलिए भी नहीं कि वे सृष्टि की निरंतरता की अनवरत व आधारभूत परमतत्व हैं। इसलिए भी नहीं कि उनके आंचल में दूध और आंखों में पानी है। इसलिए भी नहीं कि वे हौसलों की उड़ान से जहान भर की बुलंदियों से खेल रही हैं। उन्हें बधाई और मंगल शुभकामनाएं इसलिए कि वे सदियों से गढ़ी-बुनी वर्जनाओं के खोल को धूल-धुसरित कर एक नए मूल्य और प्रतिमान को गढ़ रही हैं। उन्हें बधाई इसलिए भी कि योनि के कठघरे की परिधि से बाहर निकल अपने हक-हकूक की प्रस्तावना का इंकलाब भर रही हैं।</p>
<p>उन्हें बधाई इसलिए भी कि हजारों साल से गढ़े-बुने गए समाज के एकध्रुवीय स्वरुप, चरित्र एवं चिंतन की दायरे का विस्तार कर रही हैं। उन्हें बधाई इसलिए भी कि वे स्वयं के मापने व परखने के पूर्वाग्रही सांचे व सोच को चकनाचूर कर पुरुषवादी कवच का विन्यास कर रही हैं। उन्हें बधाई इसलिए कि वे असमानता और अन्याय के खिलाफ तनकर खड़ा होने के नवाचारों का बीज रोप रही हैं। उन्हें बधाई इसलिए भी कि वे स्वयं के इतिहासपरक मूल्यांकन को रद्द कर नई व्याख्या को आयाम दे रही हैं। उन्हें बधाई इसलिए भी कि उनकी नई सोच और जीवन-मूल्य को अब दुनिया का हर समाज आत्मसात कर रहा है। बदलाव के गुणसूत्र को मान्यता दे रहा है। बदलाव की इस सहज प्रतिध्वनि से असमानता की लौह-बेड़ियां स्वतः पिघल रही हैं। नतीजा सामने हैं। कल तक हम लैंगिक असमानता, हिस्सेदारी व भागीदारी को लेकर चिंतित थे। लेकिन आज बदलाव को चक्र घुमता हुआ साफ दिख रहा है।</p>
<p>अब लैंगिक असमानता में तेजी से कमी दिखने लगी है। अभी गत वर्ष ही राष्ट्रीय परिवार सर्वेक्षण के आंकड़ों से खुलासा हुआ कि महिला स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार हुआ है। महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा की वारदातों में कमी आयी है। वैवाहिक हिंसा पिछले एक दशक में घटी है। सर्वोच्च अदालत ने बेटियों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने की मंजूरी दे दी है। सरकार भी तैयार है। लेकिन मौंजू सवाल यह है कि क्या समानता के मीनार पर आधी-आबादी विराजमान हो गयी है? बिल्कुल नहीं। देखा जाए तो अभी भी राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों, व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में आधी-आबादी की मौजूदगी आनुपातिक रुप से कम है। अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वे (एआईएसएचई) की रिपोर्ट से उद्घाटित हो चुका है कि राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों और व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में बेटियों का नामांकन तुलनात्मक रुप से कम है।</p>
<p>शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक छात्राओं की मौजूदगी राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों, सरकारी डीम्ड विश्वविद्यालयों और राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों में पुरुषों के मुकाबले कम है। इसी तरह राज्य विधान अधिनियम के तहत आने वाले संस्थानों, सरकारी विश्वविद्यालयों और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में भी उनकी भागीदारी कम है। आर्थिक उपक्रमों में भागीदारी की बात करें तो देश के कंपनी बोर्ड में महिला प्रतिनिधित्व की भागीदारी ऊंट के मुंह में जीरा समान है। मुठ्ठी भर महिलाएं नेतृत्वकर्ता की भूमिका में हैं। श्रम के क्षेत्र में नजर दौड़ाएं तो यहां भी पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का प्रतिनिधित्व दयनीय है। प्रशासनिक नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी कम है।</p>
<p>आंकड़े बताते हैं कि आईएएस में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 20 फीसदी से भी कम है। बैंकों में 22 प्रतिशत के आसपास है। नौकरियों के मामले में विश्व बैंक अपनी रिपोर्ट में पहले ही कह चुका है कि दुनिया भर के कई देशों में महिलाओं की आर्थिक उन्नति में कानूनी बाधाएं हैं। इसी कारण महिलाओं को नौकरियां छोड़नी पड़ रही हैं। उन्हें अपने खर्च को सीमित करना पड़ रहा है। अच्छी बात है कि भारत में इस तरह का भेदभावकारी कानून नहीं है। लेकिन सच यह भी है कि भारतीय समाज पूरी तरह से दकियानूसी विचारों से अभी तक उबरा नहीं है। महिलाओं को आज भी नौकरी के मामले में अपने परिवारिजनों से इजाजत लेनी पड़ती है। फिलहाल सरकार और स्वयंसेवी संगठनों के प्रयास से देश में महिला सशक्तिकरण को लेकर जागरुकता बढ़ी है। नतीजतन महिलाएं जीवन के कई क्षेत्रों में परचम लहरा रही हैं।</p>
<p>गौर करें तो इसका श्रेय भारतीय संविधान और सर्वोच्च अदालत को जाता है जहां भारतीय संविधान स्त्री-पुरुष दोनों को समान अधिकार प्रदान करता है। सर्वोच्च अदालत संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करता है। भारतीय संविधान में शिक्षा, सेवा, राजनीति इत्यादि सभी क्षेत्रों में पुरुषों व महिलाओं को बराबर के अधिकार दिए हैं। भारतीय संविधान में लैंगिक असमानता को मिटाने यानी समानता को बल प्रदान करने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। संविधान में स्पष्ट कहा गया है कि धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर महिलाओं से भेदभाव नहीं किया जा सकता। दो राय नहीं कि इन संवैधानिक प्रावधानों और गत वर्षों में हुए सरकारी प्रयासों के परिणामस्वरुप भारत में लैंगिक विभेद में कमी आयी है। उसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।</p>
<p>उदाहरण के तौर पर देश के विभिन्न राज्यो की पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण प्रदान किया गया है। इस पहल से पंचायतों में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ी है। लेकिन यहां ध्यान रखना होगा कि संख्या के लिहाज से भले ही यह आंकड़ा प्रतिनिधित्व को मजबूती देता हो पर एक सच यह भी है कि बड़े पैमाने पर नेतृत्व की बागडोर अभी भी पुरुष अभिभावकों के ही हाथों में ही है। बात चाहे गांव, ब्लॉक या तहसील की हो अथवा जिला स्तर की सभी आवश्यक स्थानों पर निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के पति या अभिभावक ही उनके दायित्वों का निर्वहन करते देखे जा रहे हैं। यह स्थिति ठीक नहीं है। इससे निर्वाचित महिला सरपंचों की भूमिका महज एक रबर स्टैंप बनकर रह गयी है। यह हस्तक्षेप पंचायतों में महिलाओं की भूमिका को सीमित करने के साथ ही पंचायती राज के पावन उद्देश्यों को नष्ट करता है।</p>
<p>दूसरी ओर संसद और राज्यों की विधानसभाओं में भी महिलाओं की भागीदारी पुरुषों के मुकाबले आनुपातिक रुप से कम है। लोकसभा में कुल महिला सदस्यों की संख्या तकरीबन 74 है जो कुल सदस्यों के 15 फीसदी के आसपास है। इसी तरह राज्यसभा में महिलाओं की संख्या तकरीबन 24 है यानी 10 फीसदी के आसपास है। इसी तरह केंद्रीय मंत्रिमंडल में कुल महिला मंत्रियों की संख्या सात है। विचार करें तो पुरुषों के मुकाबले कम है। लेकिन अच्छी बात है कि केंद्र की मोदी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार पहल कर रही है। विगत वर्ष ही मोदी सरकार ने ऐतिहासिक निणर्य लेते हुए संसद का विशेष सत्र आहुत कर दशकों से बर्फखाने में पड़े महिला आरक्षण बिल को पारित कराकर आधी आबादी को उनके अधिकारों से लैस किया। इस क्रांतिकारी फैसले से अब लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें सुरक्षित-आरक्षित हो गई हैं।</p>
<p>निःसंदेह इस पहल ने व्यवस्थापिका में महिला सशक्तिकरण को नया आयाम दिया है। इस उपलब्धि से देश भर की महिलाओं का इकबाल बुलंद हुआ है। गौर करें तो 11 वर्षों में मोदी सरकार ने महिलाओं के हित में ढ़ेर सारे निर्णय लिए हैं। इसके लिए उन्होंने महिला केंद्रित योजनाओं को आकार देने के की पहल शुरु की। मोदी सरकार ने 1 मई, 2016 को उत्तरप्रदेश राज्य के बलिया जिले से उज्ज्वला योजना का शुभारंभ किया। आज इसका लाभ देश भर की उन सभी गृहणियों को मिल रहा है जो आर्थिक रुप से कमजोर हैं। उज्जवला योजना के अमल में आने से महिलाओं के स्वास्थ्य को नया जीवनदान मिला है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने बालिका लिंग अनुपात में गिरावट को रोकने एवं महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए 22 जनवरी, 2015 को हरियाणा के पानीपत से ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना का शुभारंभ किया। इसी तरह महिलाओं के आत्मसम्मान की रक्षा के लिए तीन तलाक को खत्म किया। नतीजा सामने है। आज महिलाएं अपने अधिकारों को लेकर न सिर्फ चैतन्य हैं बल्कि अपने लक्ष्य का प्रस्तावना भी खुद लिख रही हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>International Women&#8217;s Day : एक पढ़ी-लिखी महिला ही अपने बच्चों का बेहतर भविष्य बना सकती है-  डीएम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 16:16:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अमेठी]]></category>
		<category><![CDATA[उत्‍तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[International]]></category>
		<category><![CDATA[Women's Day]]></category>
		<category><![CDATA[अमेठी डीएम]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>REPORT BY LOK REPORTER  AMETHI NEWS। जिले में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं,...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000"><strong>REPORT BY LOK REPORTER </strong></span></p>
<p><em><strong>AMETHI NEWS।</strong></em></p>
<p>जिले में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं, बालिकाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जनपद में विधिध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मुख्य कार्यक्रम कलेक्ट्रेट में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी निशा अनंत ने दीप प्रज्वलित कर व मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।</p>
<p>इसके उपरांत जिलाधिकारी ने उपस्थित सभी महिलाओं व बालिकाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं दी तथा संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी लोग संघर्ष करके यहां तक पहुंचे हैं आप भी संघर्ष करें और आगे बढ़े, उन्होंने समाज की महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि अपनी बेटियों को पढ़ाएं जरूर, क्योंकि एक पढ़ी-लिखी महिला ही अपने बच्चों का बेहतर भविष्य बना सकती है।</p>
<p>डीएम ने कहा कि हम सभी महिलाएं एक दूसरे को इज्जत दें, समस्याएं व चुनौतियां सभी के जीवन में आती हैं हम उन चुनौतियों को किस प्रकार स्वीकार करते हुए आगे बढ़ते हैं यह हमारी खुद की सोच पर निर्भर करता है हम अपने अंदर के डर को निकाल कर आगे बढ़े, अनावश्यक बातों को इग्नोर करते हुए सकारात्मक सोच के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ें।<img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-22584" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250308-WA0028.jpg" alt="" width="1024" height="472" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250308-WA0028.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250308-WA0028-300x138.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250308-WA0028-768x354.jpg 768w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></p>
<p>संघर्ष सभी के जीवन में होता है हमें संघर्षों से लड़ते हुए आगे बढ़ना चाहिए। आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 24 महिलाओं, बालिकाओं को प्रशस्ति पत्र व शील्ड देकर सम्मानित किया।</p>
<p><strong><span style="color: #993366">सम्मानित हुई ये महिलाएं</span> </strong></p>
<p>सम्मानित होने वाली महिलाओं में ममता नायक सीडीपीओ शाहगढ़, कृष्णलली व गायत्री सिंह आंगनबाड़ी कार्यकत्री, मीना देवी रोशनी समूह, रीना भोले शंकर समूह, ममता सोना समूह, डॉ पुलक यादव सीएचसी जगदीशपुर, सुनीता तिवारी एएनएम, अनीता आशा बहु, मिथिलेश सहायक अध्यापिका, रिचा सिंह सहायक अध्यापिका, प्रज्ञा शुक्ला सहायक अध्यापक, शैलजा गोंड प्रधानाध्यापक, मंजूबेन पांडे प्रधानाध्यापक, जया त्रिपाठी सहायक अध्यापिका, रुचि सिंह कबड्डी खिलाड़ी, फूलन सिंह एथलेटिक्स, रुचि सिंह निशानेबाज, कंचन सिंह निरीक्षक प्रभारी साइबर थाना, शकुंतला महिला आरक्षी, ज्योति सोनकर महिला आरक्षी, नेहा सिंह, हेमा सिंह व कीर्ति सिंह ग्राम पंचायत अधिकारी के नाम शामिल हैं।<img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-22585" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/फोटो-01-1.jpg" alt="" width="1024" height="472" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/फोटो-01-1.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/फोटो-01-1-300x138.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/फोटो-01-1-768x354.jpg 768w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></p>
<p><span style="color: #ff6600"><strong> जिलाधिकारी ने अमेठी प्रज्ञा अभियान का किया शुभारंभ</strong></span></p>
<p>अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी ने प्रज्ञा अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय में प्रज्ञा क्लब का गठन किया जाएगा जिसमें बालिका शिक्षा/महिला सशक्तिकरण से जुड़े सभी विभाग यथा कौशल विकास, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, औद्योगिक समूह, गैर सरकारी संगठन, कैरियर काउंसलर्स और विज्ञान/तकनीकी/सूचना प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञ सदस्य होंगे।</p>
<p><span style="color: #008080"><strong>प्रज्ञा क्लब के माध्यम से होंगे ये कार्य </strong></span></p>
<p>प्रज्ञा क्लब के माध्यम से बालिकाओं द्वारा उनकी रुचि के अनुसार चयनित कैरियर के क्षेत्र में मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और प्रतिभाग के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, प्रत्येक विद्यालय में साप्ताहिक प्रज्ञा वादन निर्धारित होगा, जिसमें प्रज्ञा क्लब के नोडल सदस्य अपने वर्ग की छात्राओं का मार्गदर्शन करेंगे और उनके प्रगति की समीक्षा करेंगे।</p>
<p>अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा विभाग की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत, सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई एवं अन्य विद्यालय की छात्राओं द्वारा घरेलू हिंसा, मार्शल आर्ट जैसे अन्य नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए।</p>
<p>आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सैनिक स्कूल की प्रधानाचार्या गीता महाडीक, अंतरराष्ट्रीय शूटर रुचि सिंह, जिला सेवायोजन अधिकारी अनुपमा रानी, मिस यूपी फलकनाज, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ राजेश द्विवेदी, बीएसए संजय तिवारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल कुमार मौर्य सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी, छात्राएं व महिलाएं उपस्थित रही।<img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-22586" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250308-WA0027.jpg" alt="" width="1024" height="472" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250308-WA0027.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250308-WA0027-300x138.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250308-WA0027-768x354.jpg 768w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></p>
<p><span style="color: #993300"><strong>आइजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में जनपद अमेठी प्रदेश में अव्वल</strong></span></p>
<p>आइजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में जनपद अमेठी को प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। प्रदेश स्तर से माह फरवरी 2025 की जारी रैंकिंग में जनपद अमेठी को प्रदेश में प्रथम स्थान मिला है, जनपद को यह सफलता जिलाधिकारी निशा अनंत के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन से प्राप्त हुई है जिलाधिकारी द्वारा आइजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की नियमित समीक्षा की जा रही है तथा अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर कड़े निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>जिलाधिकारी की सतत निगरानी एवं उनके अथक प्रयास से जनपद को यह सफलता प्राप्त हुई है जिलाधिकारी द्वारा जनसुनवाई के दौरान भी शिकायतों को गंभीरता पूर्वक सुनकर तत्काल उनके निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है। शिकायतों के निस्तारण में जनपद को प्रथम स्थान आने पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों, कर्मचारियों व आइजीआरएस टीम को बधाई दी है।</p>
<p>अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व/नोडल अधिकारी आइजीआरएस अर्पित गुप्ता द्वारा भी नियमित रूप से आइजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की मॉनिटरिंग की जाती है और संबंधित अधिकारियों को समय सीमा के अंतर्गत निस्तारण हेतु निर्देशित किया जाता है। एडीएम द्वारा प्रतिदिन लंबित शिकायतों को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को भेज कर निस्तारण कराया जाता है।</p>
<p>आइजीआरएस पोर्टल के तकनीकी अधिकारी ई डिस्टिक मैनेजर अमित विश्वकर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में शिकायतों के निस्तारण में जनपद अमेठी को माह फरवरी 2025 में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि माह फरवरी 2025 में आइजीआरएस पोर्टल पर कुल 3753 शिकायतें प्राप्त हुई थी जिनका समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण संबंधित अधिकारियों द्वारा किया गया साथ ही शिकायतकर्ताओं द्वारा संतुष्ट फीडबैक दिया गया जिसका कारण रहा की जनपद अमेठी को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।</p>
<p>बताते चलें कि जन शिकायतों के निस्तारण को लेकर माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा भी जनपदीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है तथा उनके द्वारा लगातार इसकी समीक्षा भी की जाती है, जिसको लेकर जनपद स्तर पर जिलाधिकारी के निर्देशन में शिकायतों के निस्तारण को लेकर व्यापक व्यवस्था की गई है, शिकायतों के निस्तारण से लेकर उनकी स्थिति तक की मॉनिटरिंग अधिकारियों द्वारा की जाती है।</p>
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		<title>Special On International Women&#8217;s Day : विकलांगता को मात देकर बनीं प्रेरणा स्रोत बनी अमेठी की रोशनी</title>
		<link>https://www.lokdastak.com/archives/22569</link>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 07 Mar 2025 16:06:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खास खबर]]></category>
		<category><![CDATA[International]]></category>
		<category><![CDATA[special]]></category>
		<category><![CDATA[Women's Day]]></category>
		<category><![CDATA[अमेठी की रोशनी]]></category>
		<category><![CDATA[प्रेरणा स्रोत]]></category>
		<category><![CDATA[मात]]></category>
		<category><![CDATA[विकलांगता]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>REPORT BY SHIVLAL YADAV  AMETHI NEWS। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिले के शाहगढ़...</p>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/22569">Special On International Women&#8217;s Day : विकलांगता को मात देकर बनीं प्रेरणा स्रोत बनी अमेठी की रोशनी</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000"><em><strong>REPORT BY SHIVLAL YADAV </strong></em></span></p>
<p><em><strong>AMETHI NEWS।</strong></em></p>
<p>अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिले के शाहगढ़ की एक दिव्यांग महिला रोशनी की प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। रोशनी ने अपनी विकलांगता को कभी भी अपनी प्रगति में बाधा नहीं बनने दिया और आज वह न केवल एक आत्मनिर्भर महिला हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं।</p>
<p>रोशनी को बचपन से ही विकलांगता का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। अपनी प्रारंभिक कठिनाइयों और समाज के उपहास के बावजूद, उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की और सिलाई, कढ़ाई और ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लिया।</p>
<p>रोशनी ने अपने कौशल का उपयोग करके अपना खुद का स्वरोजगार शुरू किया और जल्द ही अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने में सफल रही।</p>
<p>रोशनी एक प्रतिभाशाली महिला हैं और सोशल मीडिया पर उनकी फैन फॉलोइंग बहुत बड़ी है। इसके अलावा, वह एक प्रतिभाशाली गायिका भी हैं और अवधी लोकगीतों में उनकी आवाज बहुत पसंद की जाती है।</p>
<p>&#8220;मैं अपनी विकलांगता को कभी भी अपनी प्रगति में बाधा नहीं बनने दूंगी। मैं अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार शुरू करने में मदद करना चाहती हूं,&#8221; रोशनी कहती हैं। <img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-22571" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0025-1024x770.jpg" alt="" width="640" height="481" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0025-1024x770.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0025-300x226.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0025-768x578.jpg 768w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250307-WA0025.jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p>रोशनी की कहानी उन सभी महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है जो अपनी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। यह हमें सिखाती है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से कुछ भी संभव है।</p>
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<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/22569">Special On International Women&#8217;s Day : विकलांगता को मात देकर बनीं प्रेरणा स्रोत बनी अमेठी की रोशनी</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
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