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	<title>Vrindravan news Archives - Lok Dastak</title>
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	<title>Vrindravan news Archives - Lok Dastak</title>
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		<title>सदगुरुदेव ही व्यक्ति को ईश्वर से मिलाते हैं : आचार्य गोस्वामी मृदुल कृष्ण महाराज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 02 Jul 2023 12:24:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्मअध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[Vrindravan news]]></category>
		<category><![CDATA[अष्टदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य गोस्वामी मृदुल कृष्ण महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[द भागवत मिशन फाउंडेशन]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म और अध्यात्म]]></category>
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		<category><![CDATA[सदगुरुदेव]]></category>
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<p>वृन्दावन। रमणरेती क्षेत्र स्थित फोगला आश्रम में द भागवत मिशन फाउंडेशन के तत्वावधान में चल रहे अष्टदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ एवं गुरु पूर्णिमा महोत्सव में विश्वविख्यात भागवत रत्न आचार्य गोस्वामी मृदुल कृष्ण महाराज ने सभी भक्तों-श्रृद्धालुओं को सप्तम दिवस की कथा श्रवण कराई।</p>
<p>इससे पूर्व गुरु दीक्षा का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।जिसमें असंख्य व्यक्तियों को आचार्य गोस्वामी मृदुल कृष्ण महाराज ने गुरुमंत्र की दीक्षा दी।साथ ही उन्होंने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि गुरु तत्व की महिमा सभी छ: शास्त्रों व 18 पुराणों में रचित है।सदगुरु को ईश्वर से भी अधिक उच्च माना गया है,क्योंकि ईश्वर से मिलाने वाले सदगुरु ही होते हैं।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-12140" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/07/IMG-20230702-WA0431-300x141.jpg" alt="" width="300" height="141" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/07/IMG-20230702-WA0431-300x141.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/07/IMG-20230702-WA0431-1024x480.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/07/IMG-20230702-WA0431-768x360.jpg 768w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/07/IMG-20230702-WA0431-1536x720.jpg 1536w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/07/IMG-20230702-WA0431.jpg 1600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>महाराजश्री ने कहा कि मानव जीवन में सदगुरु का होना अति आवश्यक है।क्योंकि सदगुरु ही हमें संसार रूपी भवसागर से पार कराने का कार्य करते हैं।साथ ही हमें सद्मार्ग की राह दिखाते हैं।व्यक्ति के जीवन में अज्ञान के अंधकार का शमन करके विवेक व ज्ञान का प्रकाश उजागर करने वाले सदगुरुदेव ही होते हैं,इसीलिए सदगुरु का पद सदैव सर्वोच्च होता है।</p>
<p>इस अवसर पर आयोजन के मुख्य यजमान मुरलीधर अग्रवाल (बडविल, उड़ीसा) वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, पंडित शिवनारायण मिश्रा, आचार्य किशोर कुमार शर्मा, आचार्य प्रमोद मिश्रा (राजा पंडित),आचार्य उमाशंकर शुक्ला, आचार्य नेत्रपाल शास्त्री, डॉ. राधाकांत शर्मा,अमित पाठक आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।</p>
<p><span style="color: #ff9900"><strong>रिपोर्ट-  डॉ0 गोपाल चतुर्वेदी</strong></span></p>
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		<title>जगद्गुरु स्वामी रामानंदाचार्य जयंती महोत्सव की धूम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 Jan 2023 12:59:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्मअध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[Vrindravan news]]></category>
		<category><![CDATA[जगद्गुरु स्वामी रामानंदाचार्य महाराज का जयंती]]></category>
		<category><![CDATA[महोत्सव की धूम]]></category>
		<category><![CDATA[वृंदावन धाम]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीनाभापीठ सुदामा कुटी]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; वृन्दावन।वंशीवट क्षेत्र स्थित श्रीनाभापीठ सुदामा कुटी में श्रीरामानंदीय वैष्णव सेवा ट्रस्ट के द्वारा चल...</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>वृन्दावन।वंशीवट क्षेत्र स्थित श्रीनाभापीठ सुदामा कुटी में श्रीरामानंदीय वैष्णव सेवा ट्रस्ट के द्वारा चल रहे अनन्तश्री विभूषित श्रीरामानंदाचार्य महाराज के दस दिवसीय जयंती महामहोत्सव के तीसरे दिन जानकी वल्लभ मन्दिर के महंत जगद्गुरु स्वामी अनिरुद्धाचार्य महाराज व आचार्य कुटी के अध्यक्ष श्रीमज्जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी रामप्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि श्रीनाभापीठ सुदामा कुटी में जगद्गुरु स्वामी रामानंदाचार्य महाराज की परम्पराओं का निर्वाह आज भी श्रीमज्जगद्गुरु द्वाराचार्य श्रीनाभापीठाधीश्वर स्वामी सुतीक्ष्णदास देवाचार्य महाराज के निर्देशन में भली-भांति किया जा रहा है।</p>
<p>यह स्थान प्रत्येक निराश्रित व्यक्ति की आश्रय स्थली के रूप में प्रसिद्ध है। बड़ी सूरमा कुंज के महंत प्रेमदास शास्त्री महाराज व संगीताचार्य पंडित देवकीनंदन शर्मा ने कहा कि श्रीनाभापीठ सुदामा कुटी में नर सेवा नारायण सेवा की भांति हुआ करती है।यहां पर संतों व निराश्रितों को निःशुल्क अन्न सेवा, वस्त्र सेवा, औषधि सेवा व जीवनोपयोगी सामग्री उपलब्ध करायी जाती है।इसके अलावा गायों के लिए चारा,पक्षियों के लिए दाना व बंदरों के लिए फल सेवा भी की जाती है।</p>
<p>ब्रज साहित्य सेवा मंडल के अध्यक्ष डॉ. गोपाल चतुर्वेदी व भागवताचार्य पंडित सुरेशचंद्र शास्त्री कहा कि सुदामा कुटी के संस्थापक गोलोकवासी संत सुदामादास महाराज श्री रामानंद सम्प्रदाय की बहुमूल्य निधि थे।उनका सारा जीवन लोक कल्याण में ही व्यतीत हुआ।उन जैसी पुण्यात्माएं अब इस संसार में बहुत ही कम हैं।वे त्याग,तपस्या व वैराग्य की प्रतिमूर्ति थे।उन्ही के प्रताप से सुदामा कुटी आश्रम आज श्रीधाम वृन्दावन का ललाट बनकर चमक रहा है।</p>
<p>इस अवसर पर श्रीमज्जगद्गुरु द्वाराचार्य श्रीनाभापीठाधीश्वर स्वामी सुतीक्ष्णदास देवाचार्य महाराज, महंत अमरदास महाराज, महंत राघवदास महाराज,अयोध्या के महंत नरहरिदास महाराज, गोविंदाचार्य महाराज,युवा साहित्यकार डॉ. राधाकांत शर्मा,भरत शर्मा, मोहन शर्मा, नंदकिशोर अग्रवाल, अवनीश शास्त्री, सौमित्र दास, डॉ. अनूप शर्मा, भक्तिमती वृंदावनी शर्मा, रसिक शर्मा आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संचालन संत रामसंजीवन दास शास्त्री ने किया।</p>
<p>दोपहर को मथुरा के प्रख्यात श्रीसिद्ध विनायक रामलीला संस्थान के द्वारा स्वामी आनंद चतुर्वेदी के निर्देशन में नारद मोह लीला का अत्यंत नयनाभिराम व चित्ताकर्षक मंचन किया गया। रात्रि को प्रख्यात रासाचार्य स्वामी श्रीचंद्र शर्मा की रासमंडली के द्वारा रासलीला का मनोहारी मंचन हुआ।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>अनेकानेक सद्गुणों की खान थे संत शिरोमणि श्रीपाद बाबा महाराज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 30 Dec 2022 15:06:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्मअध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[Vrindravan news]]></category>
		<category><![CDATA[अनेकानेक सद्गुणों की खान थे]]></category>
		<category><![CDATA[त्रिदिवसीय समाराधन महोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[संत शिरोमणि श्रीपाद बाबा महाराज]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; वृन्दावन।मोतीझील स्थित श्रीराधा उपासना कुंज में ब्रज अकादमी के तत्वावधान में चल रहे प्रख्यात...</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>वृन्दावन।मोतीझील स्थित श्रीराधा उपासना कुंज में ब्रज अकादमी के तत्वावधान में चल रहे प्रख्यात संत श्रीपाद बाबा महाराज के 26वें त्रिदिवसीय समाराधन महोत्सव में दूसरे दिन प्रातः घमंड देवाचार्य पीठाधीश्वर स्वामी रूपकिशोर दास महाराज की मुखियायी में समाज गायन किया गया।सायं संत-विद्वत सम्मेलन का आयोजन सम्पन्न हुआ।जिसमें अपने उद्गार व्यक्त करते हुए श्रीराधा उपासना कुंज के महंत बाबा संतदास महाराज व ब्रज अकादमी की सचिव साध्वी डॉ. राकेश हरिप्रिया ने कहा कि ब्रज वैदेही संत शिरोमणि श्रीपाद बाबा महाराज सहजता, सरलता, उदारता एवं परोपकारिता के मूर्तिमान स्वरूप थे।उन्होंने अपनी साधना व तपोबल से असंख्य व्यक्तियों का कल्याण कर भक्ति मार्ग से जोड़ा।</p>
<p>महोत्सव के समन्वयक डॉ. गोपाल चतुर्वेदी व पंडित बिहारीलाल वशिष्ठ ने कहा कि ब्रज अकादमी के संस्थापक पूज्य श्रीपाद बाबा महाराज संत समाज के गौरव थे।उन जैसी पुण्यात्माओं से ही पृथ्वी पर धर्म व अध्यात्म का अस्तित्व है।हम सभी ने भगवान को कहां देखा है।केवल श्रीपाद बाबा महाराज जैसी दिव्य विभूति ही हमें पृथ्वी पर प्रभु सत्ता का आभास कराती हैं।</p>
<p>अखंडानंद आश्रम के संत स्वामी महेशानंद सरस्वती व निंबार्क कोट के महंत वृन्दावनदास महाराज ने कहा कि श्रीपाद बाबा महाराज समन्वयवादी व निस्पृह संत थे।वह ब्रज संस्कृति के संरक्षण, उन्नयन व पुनरोत्थान के लिए पूर्ण समर्पित व दृढ़ संकल्पित थे।हम सभी को उनके बताए मार्ग पर चलकर प्रभु की भक्ति करनी चाहिए।साथ ही लोक कल्याण में हाथ बटाना चाहिए।</p>
<p>आचार्य कुटी के संत भानुदेवाचार्य महाराज व ब्रज अकादमी के निदेशक डॉ. बी.बी. माहेश्वरी ने कहा कि पूज्य संत श्रीपाद बाबा महाराज अनेकनेक सद्गुणों की खान थे।यदि हम उनके किसी एक गुण को भी अपने जीवन में धारण कर लें तो हमारा कल्याण हो सकता है।वे गौसेवा, संत सेवा, निर्धन-निराश्रित आदि की सेवा में सदैव अग्रणीय रहते थे।उन्होंने संत रहते हुए भी समाजसेवा व लोक कल्याण के अनेकानेक कार्य किए।</p>
<p>इस अवसर पर प्रमुख शिक्षाविद् डॉ. चंद्रप्रकाश शर्मा,संत सेवानंद ब्रह्मचारी, आचार्य नेत्रपाल शास्त्री, युवा साहित्यकार डॉ. राधाकांत शर्मा, राखी सक्सैना (मुम्बई), महंत मधुमंगल शरण शुक्ल, डॉ. रामदत्त मिश्र,श्यामजी महाराज आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।संचालन डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने किया I</p>
<p>रात्रि को प्रख्यात रासाचार्य स्वामी भुवनेश्वर वशिष्ठ के निर्देशन में रासलीला का अत्यंत नयनाभिराम व चित्ताकर्षक मंचन किया गया।<br />
महोत्सव में अश्वनी माथुर,जीतू पाण्डेय, विमला देवड़ा, पिंकी माथुर, राजेश कुमार, शशिबाला, लक्ष्मण माहेश्वरी आदि की उपस्थिति विशेष रही।</p>
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		<title>परम वीतरागी एवं निस्पृह संत थे हरि मिलापी मुनि महाराज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 26 Dec 2022 12:27:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्मअध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[Vrindravan news]]></category>
		<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[परम वीतरागी एवं निस्पृह संत थे]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[युवा साहित्यकार]]></category>
		<category><![CDATA[हरि मिलापी]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; वृन्दावन। हरिनिकुंज चौराहा स्थित श्रीहरि मिलाप आश्रम में चल रहे ब्रह्मलीन हरि मिलापी मुनि...</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>वृन्दावन। हरिनिकुंज चौराहा स्थित श्रीहरि मिलाप आश्रम में चल रहे ब्रह्मलीन हरि मिलापी मुनि महाराज के 112 वें अवतार महोत्सव के अंतर्गत ब्रजभूमि कल्याण परिषद एवं ब्रज साहित्य सेवा मंडल के द्वारा आश्रम के वर्तमान अध्यक्ष मदन मोहन महाराज का सम्मान किया गया।साथ ही उन्हें प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह,पगड़ी, अंगवस्त्र एवं ठाकुरजी का पटुका प्रसादी माला आदि भेंट कर सम्मान किया गया।</p>
<p>ब्रज भूमि कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बिहारीलाल वशिष्ठ ने कहा कि हरि मिलापी आश्रम की धर्म व अध्यात्म के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान है।इस संस्थान के द्वारा अध्यात्म के अलावा लोक कल्याण के अनेकों सेवा प्रकल्प संचालित किए जा रहे हैं।इस संस्था के समूचे विश्व में 108 आश्रम हैं।</p>
<p>ब्रज साहित्य सेवा मंडल के अध्यक्ष डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि ब्रह्मलीन हरि मिलापी मुनि महाराज परम भागवत, निस्पृह व वीतरागी संत थे।उनकी एवं अपने देश व समाज के लिए एक नहीं अपितु अनेकों देनें हैं।उनके द्वारा बताए गए मार्ग पर चल कर उनके उत्तराधिकारी स्वामी मदन मोहन महाराज धर्म व अध्यात्म की सेवा पूर्ण समर्पण के साथ कर रहे हैं।</p>
<p>इस अवसर पर गीता आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी अवशेशानंद महाराज, हरिद्वार स्थित भगव.द धाम के महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद महाराज व स्वामी रविंद्रानंद महाराज, युवा साहित्यकार डॉ. राधाकांत शर्मा व युगल गोस्वामी आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित  रहे I</p>
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		<title>समाजसेवी ने लिखा मुख्यमंत्री को खत, जनहित में करें ये कार्य</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 Dec 2022 11:12:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्‍तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[मथुरा]]></category>
		<category><![CDATA[Cm yogi]]></category>
		<category><![CDATA[Vrindravan news]]></category>
		<category><![CDATA[कॉरिडोर]]></category>
		<category><![CDATA[खत]]></category>
		<category><![CDATA[मथुरा वृंदावन]]></category>
		<category><![CDATA[रजिस्ट्री]]></category>
		<category><![CDATA[राधिका]]></category>
		<category><![CDATA[श्री गोपीश्वर महादेव मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[समाज सेवी]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; &#160; मथुरा-वृंदावन I सामाजिक कार्यकर्ता राधिका गोस्वामी ने मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में...</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<figure id="attachment_5745" aria-describedby="caption-attachment-5745" style="width: 300px" class="wp-caption alignnone"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-medium wp-image-5745" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2022/12/IMG-20221129-WA0632-300x260.jpg" alt="" width="300" height="260" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2022/12/IMG-20221129-WA0632-300x260.jpg 300w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2022/12/IMG-20221129-WA0632.jpg 316w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /><figcaption id="caption-attachment-5745" class="wp-caption-text"><strong>राधिका गोस्वामी</strong></figcaption></figure>
<p>मथुरा-वृंदावन I</p>
<p>सामाजिक कार्यकर्ता राधिका गोस्वामी ने मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में कहा है कि वृंदावन में विश्व प्रसिद्ध श्री गोपीश्वर महादेव पर एक भव्य कॉरिडोर बनाने की अति आवश्यकता है I वर्तमान में गोपीश्वर मंदिर के दर्शन करने के लिए प्रतिवर्ष 8 से 10 करोड़ तीर्थयात्री प्रतिवर्ष बड़ी श्रद्धा के साथ आते हैं I</p>
<p>लेकिन इस प्राचीनतम मंदिर के इर्द-गिर्द व्याप्त अनियमितताओं के कारण अवैध अतिक्रमण आपा धापी सुरक्षा के कारण धार्मिक श्रद्धालुओं को भारी कष्ट का सामना करना पड़ता है I यमुना किनारे से लेकर श्री गोपीश्वर के बीच मात्र चार पांच बिल्डिंगे हैं जैसे व्यास निर्वाणी अखाड़ा, मध्यप्रदेश शासन की रतलाम वाली कुंज, शंभू चरण वाली कुंज, सहित 1,2 बिल्डिंगे हैं I उत्तर प्रदेश शासन यदि चाहे तो भगवान भोलेनाथ का भव्य कॉरिडोर वृंदावन में बनवा सकता है I ऐसी मान्यता है कि ब्रज में आने वाले दर्शनार्थियों को उन्हें लाभ तब तक संपूर्ण पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं होता जब तक कि वह भगवान श्री गोपीश्वर महादेव का दर्शन ना कर ले यमुना के किनारे से लेकर श्री गोपीश्वर महादेव तक अगर बाबा भोलेनाथ का दर्शन सुलभ हो जाता हैं  I आपके प्रयासों से तो जैसे आपने बनारस में भव्य कोरिडोर बनवाकर मां गंगा और काशी विश्वनाथ का मिलन करा दिया I ठीक वैसे ही पुण्य लाभ ब्रज वासियों वृंदावन वासियों को आने वाले तीर्थ यात्रियों को सुलभ हो सकेगा और युगों युगों तक बृजवासी आपके एहसानमंद होंगे  I जनहित में इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करने की कृपा करें I इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर रोजगार की अपार संभावनाएं भी बढ़ेगी जिसके कारण लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होगा I</p>
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		<title>मानव जीवन में भगवद चिंतन परम आवश्यक &#8211; पंडित राजेंद्र शास्त्री</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 10 Dec 2022 08:07:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्मअध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[Vrindravan news]]></category>
		<category><![CDATA[पद्म पुराण]]></category>
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		<category><![CDATA[मानव जीवन]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; गोवर्धन।राधा कुंड परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीराम त्यागी आश्रम में आश्रम के अध्यक्ष श्रीश्री 1008...</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>गोवर्धन।राधा कुंड परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीराम त्यागी आश्रम में आश्रम के अध्यक्ष श्रीश्री 1008 श्रीमहंत गिरीश दास त्यागी महाराज के पावन सानिध्य में चल रही श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव के समापन पर सप्तम दिवस की कथा श्रवण कराते हुए हिंडौन सिटी से आए प्रख्यात भागवताचार्य पंडित राजेन्द्र शास्त्री महाराज ने भगवद भक्ति की महिमा बताते हुए कहा कि भक्ति सुदामा जैसी करनी चाहिए। तभी भगवान श्रीकृष्ण की प्राप्ति संभव है।भक्त सुदामा महाराज की भक्ति का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि संसार से मांगने पर भी हमको कुछ भी प्राप्त नहीं होगा।परंतु भगवान की भक्ति से हमको हमारे जीवन में सब कुछ मिल सकता है।लेकिन वह भक्ति सरल भाव से करनी चाहिए।<br />
पंडित राजेन्द्र शास्त्री महाराज ने कहा कि सुबह शाम पूजा करने के समय भगवद चिंतन परम आवश्यक है।नाम जप के बाद में अगली सीढी चिंतन ही है।जब भगवान श्रीकृष्ण ने उद्धव को उपदेश देते हुए कहा कि जो व्यक्ति मेरे साथ संबंध जोड़ कर भक्ति करेगा और मुझे पूर्णत: मानेगा, तभी उसकी भक्ति पुष्ट होगी और मेरी प्राप्ति भी अवश्य ही होगी।पद्म पुराण के अनुसार भगवान शंकर ने नारदजी को बताया कि जो भी मनुष्य भगवान श्रीकृष्ण की आत्मा स्वरूपा श्रीराधा रानी के चरणों में समर्पित हो जाता है उसको भगवान श्रीकृष्ण की प्राप्ति निश्चित ही जाती हैं।<br />
आचार्य जयनारायण बादल व आचार्य राजनारायण बादल ने सभी भक्तों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत श्रवण करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।साथ ही श्रीराधा रानी के चरणों की भी भक्ति प्राप्त हो जाती है।हम सभी को ऐसे धार्मिक आयोजनों में सहभागिता करके सनातन धर्म व वैदिक संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना चाहिए।<br />
ब्रज सेवा संस्थान के अध्यक्ष डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि प्रख्यात भागवताचार्य पंडित राजेन्द्र शास्त्री महाराज धर्म व अध्यात्म जगत की बहुमूल्य थाती हैं।वे श्रीमद्भागवत, श्रीराम कथा व अन्य धर्म ग्रंथों के माध्यम से सनातन धर्म का जो संवर्धन कर रहे हैं,वह अति प्रशंसनीय है।<br />
इसके उपरांत श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ की पूर्णाहुति में सम्पन्न हुए हवन में सभी भक्तों-श्रद्धालुओं ने अपनी आहुतियां दीं। तत्पश्चात संत-वैष्णव-ब्रजवासी सेवा व भंडारा आदि के कार्यक्रम सम्पन्न हुए।<br />
इस अवसर पर महामंडलेश्वर सांवरिया बाबा, श्रीमहंत बालक दास महाराज, महंत अंबिका दास, श्रीमती साधना-ठाकुर हरिभुवन सिंह, युवा साहित्यकार डॉ. राधाकांत शर्मा,देवकिशोर पचौरी, गोविंद शास्त्री, नवीन शास्त्री, केशवदेव शास्त्री, नारायण दास, महेश दास, संगीताचार्य आदित्य तिवारी व पुरुषोत्तम आदि की उपस्थिति विशेष रही I</p>
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		<title>संत समाज के गौरव थे स्वामी गीतानंद भिक्षु: महाराज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 29 Nov 2022 16:59:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्मअध्यात्म]]></category>
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		<category><![CDATA[तिरोभाव महोत्सव]]></category>
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		<category><![CDATA[श्रीगीता]]></category>
		<category><![CDATA[संत समाज]]></category>
		<category><![CDATA[संत समाज के गौरव]]></category>
		<category><![CDATA[स्वामी गीतानंद भिक्षु: महाराज]]></category>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>वृन्दावन।गांधी मार्ग स्थित श्रीगीता आश्रम में मुमुक्ष मंडल के तत्वावधान में प्रख्यात संत व श्रीमद्भगवद गीता के प्रकांड विद्वान स्वामी गीतानंद भिक्षु: महाराज का 18 वां तिरोभाव महोत्सव अत्यंत श्रद्धा व धूमधाम के साथ सम्पन्न हुआ।<br />
इस अवसर पर स्वामी गीतानंद भिक्षु: महाराज के प्रमुख अनुयायी डॉ. स्वामी अवशेषानंद महाराज व संत प्रवर गोविंदानंद तीर्थ महाराज ने कहा कि गीता आश्रम के संस्थापक स्वामी गीतानंद महाराज संत समाज के गौरव थे। उनकी संत सेवा व विप्र सेवा अद्युतीय थी।उन जैसी पुण्यात्मायें पृथ्वी पर कभी-कभार ही अवतरित होती हैं।<br />
वरिष्ठ पत्रकार डॉ. कमलकांत उपमन्यु व वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि स्वामी गीतानंद महाराज ने स्वतंत्रता संग्राम में भी बढ़-चढ़ कर भाग लिया था।वह परम भजनानंदी व परम समाजसेवी संत थे।<br />
मथुरा-वृन्दावन नगर निगम के उप-सभापति पंडित राधाकृष्ण पाठक व पंडित बिहारीलाल वशिष्ठ ने कहा कि यों तो इस संसार में प्रतिदिन असंख्य व्यक्ति जन्म लेते हैं और असंख्य व्यक्ति यहां से विदा होते हैं परन्तु याद केवल और केवल स्वामी गीतानंद महाराज जैसी विभूतियों को ही किया जाता है, जिन्होंने कि लोक कल्याण के अनेकानेक कार्य किए हुए होते हैं।<br />
महोत्सव में भागवताचार्य मारुतिनंदन वागीश, डॉ. अनूप शर्मा, देवेंद्र शर्मा, डॉ. राधाकांत शर्मा,श्रीमहंत फूलडोल बिहारीदास महाराज, धर्मरत्न बलरामाचार्य महाराज, साध्वी डॉ. राकेश हरिप्रिया, भागवताचार्य आशा शास्त्री, पंडित रमेशचंद्र विधिशास्त्री, पंडित जगदीश नीलम,संजय शर्मा, राजकुमार पालीवाल, संत रासबिहारी दास महाराज, डॉ. प्रह्लाद सिंह, ईश्वरचंद्र रावत आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।संचालन पंडित राधाकृष्ण पाठक ने किया।संयोजक डॉ. स्वामी अवशेषानंद महाराज ने सभी आगंतुकों का उपहार,प्रसाद व दक्षिणा आदि देकर स्वागत किया।कार्यक्रम के अंतर्गत 5 हजार से भी अधिक संतों व निर्धनों को ऊनी वस्त्र व खाद्यान्न सामग्री वितरित की गई।</p>
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		<title>सुदामा कुटी में ठाकुर कौशल किशोर भगवान के 50 वें पाटोत्सव की धूम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 29 Nov 2022 12:04:55 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[Vrindravan news]]></category>
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		<category><![CDATA[श्रीसीताराम विवाह]]></category>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>वृन्दावन। वंशीवट क्षेत्र स्थित श्रीनाभापीठ सुदामा कुटी में श्रीरामानंदीय वैष्णव सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में इन दिनों ठाकुर कौशल किशोर भगवान का त्रिदिवसीय 50 वाँ पाटोत्सव, श्रीसीताराम विवाह महोत्सव एवं नाभापीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी सुतीक्ष्णदास देवाचार्य महाराज का आविर्भाव महोत्सव अत्यंत धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है।जिसमें ठाकुर कौशल किशोर भगवान के नित्य नवीन भव्य श्रृंगार व छप्पन भोग निवेदित किए जा रहे हैं।साथ ही श्रीसीताराम विवाह की लीला का अत्यंत नयनाभिराम व चित्ताकर्षक मंचन मथुरा की प्रख्यात रामलीला मंडली के द्वारा हो रहा है।इसी के अंतर्गत समूचे नगर में भगवान श्रीराम की बारात अत्यंत धूमधाम व गाजे &#8211; बाजे के साथ निकाली गई।जिसका नगर वासियों ने जगह- जगह पुष्प वर्षा करके व आरती उतार के स्वागत किया। कई बैंडों के मध्य मधुर भजनों व पदों का गायन किया गया।रंग-बिरंगी आतिशबाजी चलाई गई।साथ ही रुपए, कपड़े, बर्तन, मेवा-मिष्ठान, खिलौने आदि लुटाए गए।<br />
तत्पश्चात संत-विद्वत सम्मेलन का आयोजन किया गया।जिसकी अध्यक्षता करते हुए संत प्रवर गोविंदानंद तीर्थ महाराज ने कहा कि सुदामा कुटी भगवद साधना के अलावा समाजसेवा में भी अग्रणीय है।यहां संतों, विप्रो,निर्धनों, निराश्रितों व पशु-पक्षियों की सेवा नारायण सेवा की भांति की जाती है।<br />
पीपाद्वाराचार्य बाबा बलरामदास देवाचार्य महाराज व महामंडलेश्वर नवल गिरि महाराज ने कहा कि नाभापीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी सुतीक्ष्णदास देवाचार्य महाराज अपने सदगुरुदेव गोलोकवासी सुदामा दास महाराज की परम्परा का निर्वाह पूर्ण निष्ठा व समर्पण के साथ कर रहे हैं उन्होंने अपने सदगुरुदेव के द्वारा छोड़ी गई विरासत का निरन्तर संवर्धन व उन्नयन किया है और कर रहे हैं। ब्रज साहित्य सेवा मंडल के अध्यक्ष डॉ. गोपाल चतुर्वेदी व पुराणाचार्य डॉ. मनोजमोहन शास्त्री ने कहा कि सुदामा कुटी लोक कल्याण के कार्य करने के लिए विश्व प्रसिद्ध है।श्रीधाम वृन्दावन में आने वाला प्रत्येक निर्धन,निराश्रित व असहाय व्यक्ति सुदामा कुटी में ही आश्रय पाता है।<br />
इस अवसर पर श्रीमहंत फूलडोल बिहारीदास महाराज, श्रीमहंत अमरदास महाराज, श्रीमहंत राघव दास महाराज (काशी), पंडित बिहारीलाल वशिष्ठ, संगीताचार्य देवकीनंदन शर्मा,महंत हरिबोल बाबा महाराज, अशोक व्यास रामायणी, विपिन बापू, डॉ. राधाकांत शर्मा, डॉ. अनूप शर्मा, नेत्रपाल शास्त्री, महंत जगन्नाथ दास शास्त्री,महंत रामसंजीवन दास शास्त्री महाराज, डॉ. कृष्ण मुरारी महाराज, रसिक शर्मा, महामंडलेश्वर राधाप्रसाद देव जू महाराज, महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज,महंत रामदास महाराज, मोहन शर्मा, निखिल शास्त्री, गोपेश महाराज आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। श्रीनाभापीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी सुतीक्ष्णदास देवाचार्य महाराज ने सभी संतों व विद्वानों का शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया।<br />
संचालन डॉ. मनोज मोहन शास्त्री व रामसंजीवन दास महाराज ने संयुक्त रूप से किया।</p>
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		<title>राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त रासाचार्य स्वामी श्रीराम शर्मा हुए निकुंज लीला प्रविष्ट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 26 Nov 2022 15:08:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्‍तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[मथुरा]]></category>
		<category><![CDATA[Vrindravan news]]></category>
		<category><![CDATA[अंतर्राष्ट्रीय प्रख्यात]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रपति पुरस्कार]]></category>
		<category><![CDATA[रासाचार्य]]></category>
		<category><![CDATA[स्वामी श्रीराम शर्मा]]></category>
		<category><![CDATA[हुए निकुंज लीला प्रविष्ट]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; वृन्दावन।राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रख्यात रासाचार्य स्वामी श्रीराम शर्मा का 92 वर्ष की आयु में...</p>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/4823">राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त रासाचार्य स्वामी श्रीराम शर्मा हुए निकुंज लीला प्रविष्ट</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>वृन्दावन।राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रख्यात रासाचार्य स्वामी श्रीराम शर्मा का 92 वर्ष की आयु में आज 26 नवम्बर को अपरान्ह 3:25 बजे निकुंज गमन हो गया है।वह पिछले कई माह से अस्वस्थ्य चल रहे थे।उनके ज्येष्ठ सुपुत्र रासाचार्य स्वामी कुंजबिहारी शर्मा ने बताया है कि उनकी अंतिम यात्रा उनके दुसायत क्षेत्र स्थित निज निवास से प्रातः 9 बजे हरिनाम संकीर्तन के साथ यमुना पुलिन मोक्ष धाम के लिए जाएगी। ज्ञात हो कि 92 वर्षीय वयोवृद्ध रासाचार्य स्वामी श्रीराम शर्मा रासलीला जगत के प्रमुख स्तम्भ थे।उन्होंने इस कला का देश-विदेश में प्रचार-प्रसार कर अंतरराष्ट्रीय ख्याति अर्जित की।उन्हें रासलीला,रामलीला, गौरांग लीला व भक्त चरित्रों आदि के मंचन में महारथ हासिल था।जिसके लिए उन्हें देश के महामहिम राष्ट्रपति द्वारा कई वर्षों पूर्व राष्ट्रपति पुरूस्कार भी प्रदान किया गया था। उनके निकुंज गमन पर ब्रज साहित्य सेवा मंडल के अध्यक्ष डॉ. गोपाल चतुर्वेदी,महंत लाड़िली शरण महाराज, संगीताचार्य देवकीनंदन शर्मा, पंडित बिहारीलाल वशिष्ठ, डॉ. राधाकांत शर्मा,इंजीनियर ब्रजेश चंद्र मिश्रा,पूर्व प्राचार्य शिवकुमार गोयल, डॉ. चंद्रप्रकाश शर्मा, भागवताचार्य पंडित रामनिवास शुक्ल आदि ने शोक व्यक्त कर यह कहा है कि रासाचार्य स्वामी श्रीराम शर्मा के निकुंज गमन से रासलीला जगत की अपूर्णनीय क्षति हुई है।</p>
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		<title>पुराणाचार्य डॉ. मनोज मोहन शास्त्री &#8220;सनातन गौरव&#8221; की उपाधि से अलंकृत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Nov 2022 11:27:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मअध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA["सनातन गौरव"]]></category>
		<category><![CDATA[Virndravan garden]]></category>
		<category><![CDATA[Vrindravan news]]></category>
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		<category><![CDATA[उपाधि]]></category>
		<category><![CDATA[डॉ. मनोज मोहन शास्त्री]]></category>
		<category><![CDATA[पुराणाचार्य]]></category>
		<category><![CDATA[मथुरा वृंदावन]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; वृन्दावन। पानीगांव रोड़ स्थित सुखधाम रिसोर्ट में चल रही श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ...</p>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/4745">पुराणाचार्य डॉ. मनोज मोहन शास्त्री &#8220;सनातन गौरव&#8221; की उपाधि से अलंकृत</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>वृन्दावन। पानीगांव रोड़ स्थित सुखधाम रिसोर्ट में चल रही श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के अंतर्गत व्यास पीठ पर आसीन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भागवत प्रवक्ता पुराणाचार्य बालव्यास डॉ. मनोज मोहन शास्त्री महाराज को उनके द्वारा धर्म व अध्यात्म के क्षेत्र में की गईं अविस्मरणीय सेवाओं के लिए ब्रजभूमि कल्याण परिषद के द्वारा &#8220;सनातन गौरव&#8221; की उपाधि देकर सम्मानित किया गया।<br />
यह सम्मान उन्हें ब्रजभूमि कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बिहारीलाल वशिष्ठ, समन्वयक डॉ. गोपाल चतुर्वेदी एवं महामंत्री डॉ. राधाकांत शर्मा आदि के द्वारा प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र एवं ठाकुरजी का पटुका प्रसादी माला आदि भेंट कर दिया।साथ ही उनके उज्जवल भविष्य की मंगल कामना की।<br />
ब्रजभूमि कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बिहारीलाल वशिष्ठ एवं समन्वयक डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि पुराणाचार्य डॉ. मनोज मोहन शास्त्री महाराज के अध्यात्म व समाजसेवा के क्षेत्र में अनेकों कीर्तिमान हैं।उन्होंने अपनी बहुत ही कम आयु में ही श्रीमद्भागवत,श्रीराम कथा व अन्य धर्मग्रंथों के माध्यम से सनातन धर्म व भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना प्रारम्भ कर दिया था।उन्होंने न केवल देश के विभिन्न प्रांतों में अपितु विदेशों में भी इनका अत्यधिक प्रचार किया।साथ ही इनके संरक्षण में सैकड़ों बालक धर्मग्रंथों की शिक्षा निःशुल्क प्राप्त कर रहे हैं।जिसके लिए वे अत्यंत प्रशंसा व धन्यवाद के पात्र हैं।आज ब्रजभूमि कल्याण परिषद इन्हे &#8220;सनातन गौरव&#8221; की उपाधि देते हुए हर्ष व गौरव की अनुभूति कर रही है। इस अवसर पर रामकथा मर्मज्ञ अशोक व्यास, भागवताचार्य विपिन बापू, युवा साहित्यकार डॉ राधाकांत शर्मा,राजीव शर्मा,  डौली शर्मा, मीरा शर्मा,  शांति देवी शर्मा,पद्मनाभ शास्त्री, राजेश शर्मा, जे. पी. शर्मा, महेश चंद्र शर्मा आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे I</p>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/4745">पुराणाचार्य डॉ. मनोज मोहन शास्त्री &#8220;सनातन गौरव&#8221; की उपाधि से अलंकृत</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
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