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	<title>National news Archives - Lok Dastak</title>
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	<description>Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi.Lok Dastak</description>
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		<title>NATIONAL NEWS : आखिर कब और कैसे सरकार स्वतंत्रता सेनानियों शहीदों के सपनों को धरातल पर उतरेगी &#8211; जितेन्द्र रघुवंशी</title>
		<link>https://www.lokdastak.com/archives/24707</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 14 Sep 2025 16:43:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160;  विशेष रिपोर्ट &#8211; नीरज सिंह /राजेश कुमार सिंह नई दिल्ली । प्रधानमंत्री तक स्वतंत्रता...</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<h3><span style="color: #ff0000"><strong> विशेष रिपोर्ट &#8211; नीरज सिंह /राजेश कुमार सिंह</strong></span></h3>
<h3><span style="color: #000000"><strong>नई दिल्ली ।</strong></span></h3>
<p><strong><span style="color: #993300">प्रधानमंत्री तक स्वतंत्रता सेनानी परिवारों की आवाज पहुंचाकर अपने आप को गौरवान्वित अनुभव करूँगा- नरेश बंसल</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #993300">माँ गंगा के प्रवाह के साथ हरिद्वार से निकली सेनानी परिवारों की गूँज पूरे देश के सेनानी परिवारों को सम्मान दिलाएगी- सुरेश सुयाल</span></strong></p>
<p>स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति द्वारा प्रेस क्लब ऑफ इंडिया नई दिल्ली में प्रेस वार्ता आयोजित हुई, जिसमें समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव में प्रधानमंत्री जी द्वारा आजादी के शताब्दी समारोह तक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपनों का भारत बनाएंगे की घोषणा की गई थी, बाद में भी विभिन्न मंचों से प्रधानमंत्री जी ने इस संकल्प को दोहराया, किन्तु स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपने क्या थे, यह जानकारी सरकार को कहां से मिलेगी? यह तो उनके वंशज ही बता पाएंगे, जिनसे सरकार ने अत्यधिक दूरी बना रखी है।</p>
<p>प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि हमने अमृत महोत्सव वर्ष में सरकार से दिल्ली में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मेमोरियल की स्थापना करने, भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की एमिनेंट कमेटी में सेनानी परिवारों के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत संगठनों के प्रतिनिधियों को मनोनीत करने, संवैधानिक संस्थाओं राज्यसभा, विधान परिषद, केन्द्रीय समितियों तथा नगर निकायों में सेनानी परिवारों को मनोनीत करने, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार कल्याण परिषद का गठन करने, स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को विशेष पहचान देकर ऑनलाइन परिचय पत्र प्रदान करने, स्वतंत्रता सेनानी के निधन के बाद उनकी सम्मान पेंशन की धनराशि तथा सुविधा सेनानी परिवारों को हस्तांतरित करके जरूरतमंद सेनानी परिवारों को वित्तीय सहायता का प्रावधान करने की बात कही।</p>
<p>इसके साथ ही पाठ्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों की जीवनी को शामिल किए जाने, स्वतंत्रता सेनानी की मान्यता देने वाले 1980 की नियमावली में संशोधन करके केन्द्र तथा राज्य सरकारों के स्वतंत्रता सेनानियों की असमानता की खाई पाटने तथा दिल्ली में स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों के लिए सेवा सदन बनाने का आग्रह किया था, किन्तु आज हमें अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि प्रधानमंत्री को 4 अगस्त 2022 तथा 4 अक्टूबर 2022 को भी स्मरण पत्र भेजने के बावजूद सरकार द्वारा कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया, इससे देश भर के लगभग चार करोड़ स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों के उत्तराधिकारियों में बेहद नाराजगी और आक्रोश उत्पन्न हो रहा है आखिर कब तक अपमान सहेंगे स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवार?</p>
<p>पत्रकार वार्ता में संगठन के अध्यक्ष देशबंधु ने कहा कि हम अपने पूर्वजों के सपनों को साकार करने में सरकार के सहयोगी के रूप में भूमिका निभाना चाहते हैं किन्तु सरकार की उपेक्षा से इतना विशाल परिवार मर्माहत है, फिर भी हम सेनानी परिवारों से निवेदन करते हैं कि हमें भ्रमित नहीं होना चाहिए। स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों के हितों की रक्षा करने में सहयोगी की भूमिका निभाने वाले जनप्रतिनिधियों को ही अपना समर्थन देकर विधानसभाओं तथा संसद तक पहुंचना चाहिए।</p>
<p>यह संगठन गैर राजनीतिक है, परन्तु स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपनों को पूरा करने वाली सरकारों को ही मजबूत करना होगा। सुरेश चन्द्र सुयाल ने सेनानी परिवारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि माँ गंगा के प्रवाह के साथ हरिद्वार से निकली सेनानी परिवारों की गूँज पूरे देश के सेनानी परिवारों को सम्मान दिलाएगी।</p>
<p>प्रेस वार्ता को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत भूषण विद्यालंकार, संगठन सचिव कपूर सिंह दलाल, सुरेश चंद्र सुयाल, छत्तीसगढ़ के मुरली मनोहर खंडेलवाल, चंद्रप्रकाश बाजपेई, उत्तरप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह,मृगांक शेखर आनंद, रमेश कुमार मिश्रा, राजस्थान के विशाल सिंह सौदा, पंजाब के परमजीत सिंह टिवाना, ज्ञान सिंह सग्गू, मध्यप्रदेश के डॉ. राजा भैया मिश्रा, कमल अग्रवाल, सुनील गुजराती, बिहार के अशोक कुमार वर्मा, झारखंड के ओमप्रकाश मांझी, दिल्ली के विजय कुमार तोमर, हरियाणा के भगवान फोगाट, महाराष्ट्र के सचिन कुमार, तमिलनाडु के सुंदर विमलनाथन, कर्नाटक के सिंगू रमेश तथा ने भी संबोधित किया।</p>
<p>इसके पूर्व भारतीय किसान संघ कार्यालय पंडित दीनदयाल उपाध्याय मार्ग में स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के तत्वावधान में देश के 19 प्रान्तों के वरिष्ठ पदाधिकारियों के कार्यकारिणी सदस्यों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मत से निर्णय लिया गया कि यदि सरकार द्वारा स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों की इसी तरह उपेक्षा की गई तो हमें मजबूर होकर आजादी के महानायकों राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद तथा भगत सिंह जैसे महामानों का अनुसरण करते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों के सम्मान तथा उनके उत्तराधिकारियों के अस्तित्व की रक्षा के लिए क्रान्ति का बिगुल बजाना होगा।</p>
<p>बैठक में स्वतंत्रता सेनानी परिवार से सम्बद्ध राज्यसभा सांसद माननीय नरेश बंसल भी पहुंचे, उन्होंने आश्वासन दिया कि आपका संदेश सरकार तक पहुंचाकर यथाशीघ्र प्रपत्र पर दिए गए बिंदुओं पर चर्चा करके  प्रधानमंत्री जी द्वारा आजादी के शताब्दी समारोह तक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपनों का भारत बनाएंगे की घोषणा को धरातल पर उतरने में स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों की महत्वपूर्ण भूमिका निर्धारित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री तक स्वतंत्रता सेनानी परिवारों की आवाज पहुंचाकर अपने आप को गौरवान्वित अनुभव करूँगा।</p>
<p>राष्ट्रीय कार्यकारिणी की इस महत्वपूर्ण बैठक में देश के विभिन्न प्रान्तों से  राजेश प्रताप सिंह, महंथ प्रजापति, सूर्य प्रकाश पांडे, सुरेश चंद्र बबेले, भगवत शरण पश्तोर, ज्ञान सिंह सग्गू, शिवयोगैया, बिजेन्द्र भादू, अरुण प्रताप सिंह, रवि दत्त राय, मदन मोहन राय, अनुराग सिंह गौतम, आदित्य गहलोत, अवधेश सिंह, वीरांगना चन्नाबेसम्मा तथा अलका चौहान की विशेष उपस्थिति रही।</p>
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		<title>भूकंप से हिली देश की राजधानी दिल्ली</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 06 Jan 2023 09:17:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi-Ncr]]></category>
		<category><![CDATA[National news]]></category>
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		<category><![CDATA[भूकम्प से हिला देश का उत्तरी भाग]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली I दिल्ली एनसीआर इलाके में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए I...</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली I</p>
<p>दिल्ली एनसीआर इलाके में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए I रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.9 आंकी गई है I जिससे लोगों में भय का माहौल पैदा हो गया जम्मू कश्मीर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं I इससे पहले भी एक जनवरी को मेघालय में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे I</p>
<p>बताया जाता है कि करीब 12 घंटे तक 31/01 जनवरी के के बीच देश के अनेक इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे I जिसकी शुरुआत नेपाल से शुरू हुआ था, उत्तराखंड काशी से लेकर मेघालय जम्मू कश्मीर आज शहरों में भूकंप किए गए थे I दिल्ली एनसीआर इलाके में भूकंप की तीव्रता अधिक होने से लोगों को झटके महसूस हुए भारतीय मानक ब्यूरो ने देश को 05 जोन में बांटा है I देश का 59 फीसदी हिस्सा भूकंप रिस्क जोन में है I</p>
<p>देश में पांचवें जोन को सबसे ज्यादा खतरनाक और सक्रिय माना जाता है. इस जोन में आने वाले राज्यों और इलाकों में तबाही की आशंका सबसे ज्यादा बनी रहती है I  पांचवें जोन में देश के कुल भूखंड का 11 फीसदी हिस्सा आता है. चौथे जोन में 18 फीसदी और तीसरे और दूसरे जोन में 30 फीसदी सबसे ज्यादा खतरा जोन 4 और 5 वाले इलाकों को है I सबसे खतरनाक पांचवां जोन है I इस जोन में जम्मू और कश्मीर का हिस्सा (कश्मीर घाटी), हिमाचल प्रदेश का पश्चिमी हिस्सा, उत्तराखंड का पूर्वी हिस्सा, गुजरात में कच्छ का रण, उत्तरी बिहार का हिस्सा, भारत के सभी पूर्वोत्तर राज्य, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं I</p>
<p style="text-align: left">चौथे जोन में जम्मू कश्मीर लद्दाख उत्तराखंड आदि क्षेत्र आते हैं वही तीसरे जोन में केरल हरियाणा उत्तर प्रदेश गुजरात पंजाब आदि क्षेत्र शामिल हैं I दूसरे जोन में राजस्थान, हरियाणा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु का हिस्सा है I देश की राजधानी भी संवेदनशील क्षेत्र में ही आती है फिलहाल आने वाले समय में भूकंप देश में कहीं न कहीं नुकसान पहुंचा सकता है I</p>
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