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	<title>JAYNTI Archives - Lok Dastak</title>
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	<title>JAYNTI Archives - Lok Dastak</title>
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		<title>Story of Durga Bhabhi : असाधारण साहस और राष्ट्रप्रेम की प्रतीक थीं दुर्गा भाभी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Oct 2025 09:05:55 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; प्रस्तुति &#8211; अरविन्द जय तिलक बात उन दिनों की है जब भगत सिंह और...</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<h3><strong><span style="color: #ff0000">प्रस्तुति &#8211; अरविन्द जय तिलक</span></strong></h3>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-thumbnail wp-image-11283" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/05/photo-Arvind-Jaiteelak-1-150x150.jpg" alt="" width="150" height="150" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/05/photo-Arvind-Jaiteelak-1-150x150.jpg 150w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/05/photo-Arvind-Jaiteelak-1-24x24.jpg 24w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/05/photo-Arvind-Jaiteelak-1-48x48.jpg 48w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/05/photo-Arvind-Jaiteelak-1-96x96.jpg 96w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2023/05/photo-Arvind-Jaiteelak-1-300x300.jpg 300w" sizes="(max-width: 150px) 100vw, 150px" /></p>
<p>बात उन दिनों की है जब भगत सिंह और उनके क्रांतिकारी साथियों को पकड़ने के लिए ब्रिटिश हुकूमत जमीन-आसमान एक कर दी थी। भगत सिंह और उनके साथियों पर पुलिस अधिकारी साण्डर्स की हत्या का आरोप था। वह साण्डर्स जिसने साइमन कमीशन का विरोध कर रहे लाला लाजपत राय को इस हद तक पीटा की चंद दिनों के बाद ही उनकी मृत्यु हो गयी। क्रांतिकारियों ने ठान लिया कि वे लाला लाजपत राय की शहादत का बदला लेकर रहेंगे। फिर क्या था चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में भगत सिंह, राजगुरु और जयगोपाल ने लाहौर में एक पुलिस स्टेशन के सामने ही साण्डर्स को गोलियों से उड़ा दिया। देश सोए से जाग उठा।</p>
<p>साण्डर्स की मौत के दूसरे दिन ही लाहौर शहर के दीवारों पर पोस्टर लग गए और पर्चे बांटे गए, जिनपर लिखा था कि साण्डर्स मारा गया और लालाजी की शहादत का बदला ले लिया गया। पर क्रांतिकारियों के समक्ष मौंजू सवाल यह था कि आखिर भगत सिंह को लाहौर से बाहर कैसे निकाला जाए। इसकी जिम्मेदारी दुर्गा देवी वोहरा जिन्हें दुर्गा भाभी भी कहा जाता है, ने अपने कंधो पर ली। उन्होंने कमाल की योजना बनायी। जिसके मुताबिक भगत सिंह ने अपना केश कटवायी और सिर पर हैट लगाकर अंग्रेजी दा बन गए। उनको इस नई वेशभूशा में देखकर कोई नहीं कह सकता था कि यह वही भगत सिंह हैं। दुर्गा भाभी ने बड़ी दिलेरी से भगत सिंह के साथ उनकी पत्नी बनकर लाहौर से कलकत्ता तक की सफर की और ब्रिटिश खुफिया तंत्र को इसकी हवा तक न लगी।</p>
<p>दुर्गा भाभी के साथ उनकी गोद से चिपका हुआ उनका तीन वर्षीय बेटा शची भी था। कलकत्ता पहुंचने पर उनके पति भगवती चरण बोहरा ने उनकी बहादुरी की जमकर दाद दी। 7 अक्टुबर 1907 को इलाहाबाद में जन्मी दुर्गा भाभी बचपन से ही असाधारण प्रतिभा की धनी थी। उनमें राष्ट्रप्रेम की भावना कूट-कूटकर भरी थी। युवा होने पर उनका विवाह महान क्रांतिकारी भगवती चरण बोहरा से हुआ। भगवती चरण वोहरा आजादी के उन नायकों में से एक हैं जिनके जीवन का उद्देश्य देश को आजादी दिलाना था। कहा जाता है कि उन्हें बम बनाने में महारत हासिल था। 28 मई, 1930 को रावी नदी के तट पर बम परीक्षण के दौरान वे षहीद हो गए। उस समय दुर्गा महज 27 साल की थी।</p>
<p>लेकिन इस कठिन घड़ी में भी उन्होंने अपना धैर्य नहीं छोड़ा। उन्होंने मन में ठान लिया कि वे अपने पति की शहादत और उनके मिशन को बेकार नहीं जाने देंगी। सो उन्होंने क्रांतिकारियों के साथ कदमताल मिलाना शुरु कर दिया। दुर्गा भाभी की बहादुरी के किस्से भारतीय इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं। कलकत्ता में रहते हुए उन्होंने क्रांतिकारियों के साथ मिलकर आजादी का ताना-बाना बुनना शुरु कर दिया। इसी दरम्यान 8 अप्रैल, 1929 को भगत सिंह ने संसद भवन में बम विस्फोट कर गुंगी-बहरी ब्रिटिश सरकार को अंदर से हिला दिया। कहा जाता है कि इस घटना को मूर्त रुप देने में दुर्गा भाभी का महान योगदान था। भगत सिंह चाहते तो संसद भवन से फरार हो सकते थे लेकिन उन्होंने अपनी गिरफ्तारी देना ज्यादा जरुरी समझा।</p>
<p>क्रांतिकारियों ने भगत सिंह को जेल से छुड़ाने की जुगत बनायी और योजना पर काम करना शुरु कर दिया। रणनीति के मुताबिक भगत सिंह को जबरदस्ती जेल से छुड़ाने के लिए बम विस्फोट की योजना बनी। लेकिन ईश्वर के विधान में कुछ और ही बदा था। दुर्गा भाभी के पति भगवती चरण बोहरा जो बम बनाने में दक्ष थे, बम परीक्षण के दौरान ही शहीद हो गए। दुर्गा भाभी पर विपत्ति का पहाड़ टुट पड़ा। लेकिन उन्होंने अपने आंसूओं को थाम लिया। वे लाहौर जाकर भगत सिंह से मिली और फिर दिल्ली वापस आकर गांधी जी से। गांधी जी ने भाभी को सुझाव दिया कि वे अपने आपको पुलिस के हवाले कर दे। लेकिन दुर्गा भाभी का मकसद तो कुछ और ही था।</p>
<p>उन्होंने गांधी जी से अपील की कि जिस तरह आप अन्य राजनीतिक बंदियों की रिहाई के लिए प्रयास कर रहे हैं, उसी तरह भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की रिहाई के लिए भी वायसराय पर दबाव डालें। लेकिन गांधी जी को क्रांतिकारियों के हिंसा दर्शन में विश्वास नहीं था। सो उन्होंने दुर्गा भाभी को मना कर दिया। लेकिन दुर्गा भी दुर्गा ठहरी। वह भला हार कैसे मान सकती थी। 9 अक्टुबर, 1930 को उन्होंने मुंबई में लेमिंग्टन रोड पर पृथ्वी सिंह आजाद उर्फ नाना साहब और सुखदेव राज से मिलकर गवर्नर पर गोलियां चला दी। लाख सिर पटकने के बाद भी पुलिस का खुफिया तंत्र इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाया कि इस कांड के पीछे किसका हाथ है।</p>
<p>पुलिस के हाथ सिर्फ यही सूत्र लगा कि गोली चलाने वालों में से एक लम्बे बाल वाला लड़का भी था। लेकिन एक षड़यंत्र के तहत दुर्गा भाभी को ब्रिटिश सरकार ने फरार घोषित कर दिया तकरीबन ढ़ाई वर्ष फरारी जीवन गुजारने के बाद उन्हें 12 सितंबर, 1931 को गिरफ्तार कर लाहौर जेल भेज दिया गया। रिमाण्ड की 15 दिन की अवधि पूरा होने पर मजिस्ट्रेट ने उन्हें रिहा तो कर दिया लेकिन ब्रिटिश पुलिस ने उन्हें फिर गिरफ्तार कर नजरबंद कर दिया। तकरीबन एक वर्ष तक वह नजरबंद रही। दिसंबर 1932 में वह रिहा की गयी। लेकिन उन्हें लाहौर की म्यूनिसिपल सीमा में तीन वर्ष तक नजरबंद रखा गया। 1935 ई0 में उन्हें पंजाब और दिल्ली की सीमा से बाहर जाने का आदेश दिया गया।</p>
<p>इस दरम्यान दुर्गा भाभी ने गाजियाबाद के एक स्कूल में बतौर शिक्षिका अध्यापन कार्य किया। 1937 में उन्हें दिल्ली प्रांतीय कमेटी का अध्यक्ष चुना गया। बाद में उन्होंने अपनी सदस्यता उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में स्थानांतरित करा ली। शिक्षा के प्रति उनका गहरा लगाव था। सो उन्होंने मद्रास के अड्यार में मांटेसरी शिक्षा पद्धति का प्रशिक्षण प्राप्त किया और जब वह 1940 में लखनऊ आयी तो कैण्ट रोड पर एक किराए के मकान में पांच बच्चों को लेकर ‘लखनऊ माण्टेसरी’ नामक एक शिक्षण संस्था की बुनियाद रखी। आज यह विद्यालय ‘लखनऊ माण्टेसरी इण्टर कालेज’ के नाम से जाना जाता है। दुर्गा भाभी इस विद्यालय को जीवन भर सींचा।</p>
<p>अब उनकी यादें भर शेष रह गयी हैं। आज से डेढ़ दशक पहले वह इस दुनिया से विदा हो चुकी हैं। आज भी देश उनकी असाधारण वीरता और राष्ट्रभक्ति पर गर्व करता है। हालांकि यह त्रासदी है कि आजादी के साढ़े सात दशक गुजर जाने के बाद भी दुर्गा भाभा के विचार और उनसे जुड़े दस्तावेज देश के आमजन तक नहीं पहुंच पाए हैं। नतीजा देश की युवा पीढ़ी उनके राष्ट्रवादी विचारों से पूरी तरह परिचित नहीं है। आज जरुरत है कि दुर्गा भाभी के विचार जन-जन तक पहुंचाया जाए। वैसे भी एक जिम्मेदार जनतांत्रिक राष्ट्र का कर्तव्य है कि वह देश की आजादी के लिए मर मिटने वाले क्रांतिकारियों के स्मृति शेष को जीवित रखने के लिए अपनी आने वाली पीढ़ी को उनके इतिहास व विचारों से देश को सुपरिचित कराए।</p>
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		<title>AMBEDKAR JAYNTI :  भाजपा ने जिले के सभी बूथों एवं प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर मनायी गयी  अम्बेडकर जयन्ती</title>
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		<dc:creator><![CDATA[लोक दस्तक]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 14 Apr 2025 12:24:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>&#160; REPORT BY LOK REPORTER AMETHI NEWS। जिले के सभी बूथो एवं प्रतिमा पर सोमवार...</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p><span style="color: #ff0000"><strong>REPORT BY LOK REPORTER</strong></span></p>
<p><em><strong>AMETHI NEWS।</strong></em></p>
<p>जिले के सभी बूथो एवं प्रतिमा पर सोमवार को संविधान निर्माता डॉ0 भीमराव अंबेडकर जी की 134 वीं जयंती के अवसर पर जयन्ती कार्यक्रम आयोजित किया गया।इस अवसर भाजपा ज़िला कार्यालय पर ज़िलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने कार्यकर्ताओं एवं सभी प्रमुख पदाधिकारियों द्वारा डॉ० भीमराव अंबेडकर जी के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर संविधान शपथ दिलाई गई।</p>
<p>अमेठी में अम्बेडकर तिराहा स्थित प्रतिमा पर जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला की अध्यक्षता में माल्यार्पण एवं संविधान शपथ भी कराई गई।इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष राम प्रसाद मिश्रा,युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष विषुव मिश्रा,पूर्व मंडल अध्यक्ष अजय तिवारी,मनोज तिवारी, घनश्याम चौरसिया,दिनेश तिवारी, फूलचंद्र कसौंधन,राकेश पाण्डेय उपस्थित रहे।<img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone wp-image-23063 size-large" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250414-WA0057-462x1024.jpg" alt="" width="462" height="1024" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250414-WA0057-462x1024.jpg 462w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250414-WA0057-135x300.jpg 135w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250414-WA0057.jpg 577w" sizes="(max-width: 462px) 100vw, 462px" /></p>
<p>प्रवक्ता चन्द्रमौलि सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने सम्बोधित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान की प्रस्तावना “हम भारत के लोग, भारत को एक लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना को स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिए तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता को बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्प है। जहां कांग्रेस ने बाबा साहब का अपमान किया वही देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाबा साहब से जुड़ी पांच तीर्थ स्थल बनाकर बाबा साहब की विरासत को संजो कर उचित सम्मान देने का कार्य किया।<img decoding="async" class="alignnone wp-image-23064 size-large" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250414-WA0042-833x1024.jpg" alt="" width="833" height="1024" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250414-WA0042-833x1024.jpg 833w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250414-WA0042-244x300.jpg 244w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250414-WA0042-768x944.jpg 768w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250414-WA0042-1250x1536.jpg 1250w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250414-WA0042-1024x1258.jpg 1024w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250414-WA0042.jpg 1302w" sizes="(max-width: 833px) 100vw, 833px" /></p>
<p>इसी प्रकार डॉ0 भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती के अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष दयाशंकर यादव,पूर्व जिलाध्यक्ष दुर्गेश त्रिपाठी, विजय विक्रम सिंह,पूर्व ब्लाक प्रमुख कृष्ण कुमार सिंह मुन्ना,राकेश त्रिपाठी जिला महामंत्री,गिरीश शुक्ला जिला उपाध्यक्ष,  विजय विक्रम सिंह,अजय द्विवेदी,शंकर बक्श सिंह,महेंद्र मिश्रा पूर्व मंडल अध्यक्ष,अतुल सिंह जिला मन्त्री,अशोक मौर्य जिला मंत्री,उमा रमन सिंह जिला मंत्री ,नीलम भारती जिला मंत्री ,चंद्रपाल यादव मंडल अध्यक्ष,राजेश सिंह मंडल अध्यक्ष,उपमा सरोज जिला उपाध्यक्ष, निमिषा त्रिपाठी मंडल अध्यक्ष,विजय किशोर तिवारी,मनोज पासी मंडल अध्यक्ष मौजूद रहे।<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-23065 size-full" src="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250414-WA0048.jpg" alt="" width="720" height="405" srcset="https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250414-WA0048.jpg 720w, https://www.lokdastak.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250414-WA0048-300x169.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 720px) 100vw, 720px" /></p>
<p>अभिषेक चंद्र कौशिक राहुल,अरुण मिश्रा राजा,अजय सिंह गौर मंडल अध्यक्ष,अतुल विक्रम सिंह,भवानी दत्त दीक्षित,अनिल पाण्डेय,गौरव श्रीवास्तव, सत्यनारायण सिंह मंडल अध्यक्ष,पंकज अवस्थी,पूर्व मंडल अध्यक्ष श्याम मूर्ति यादव,घीसन मिश्रा पूर्व मंडल अध्यक्ष,काशी मिश्रा मंडल अध्यक्ष,राज किशोर पांडेय,गिरीश पांडेय,तौसीफ ख़ान जिलाध्यक्ष अल्प संख्यक मोर्चा,कृष्ण कुमार यादव पूर्व मंडल अध्यक्ष,रणवीर सिंह मंडल अध्यक्ष सहित सभी कार्यकताओं ने अपने अपने बूथों एवं जनपद में लगी हुई सभी मूर्तियों पर पुष्प अर्पित करके जयंती मनायी गयी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://www.lokdastak.com/archives/23062">AMBEDKAR JAYNTI :  भाजपा ने जिले के सभी बूथों एवं प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर मनायी गयी  अम्बेडकर जयन्ती</a> appeared first on <a href="https://www.lokdastak.com">Lok Dastak</a>.</p>
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